
आज वीडियो कांफ्रेंसिंग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 21 सबसे बड़े अनाम द्वीपों का 21 परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर नामकरण और नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप पर नेताजी को समर्पित राष्ट्रीय स्मारक के मॉडल का अनावरण किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर पोर्ट ब्लेयर में आयोजित विशेष समारोह में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शामिल हुए। गृह मंत्री ने परम वीर चक्र से सम्मानित सूबेदार मेजर रिटायर्ड ऑनरेरी कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव, सूबेदार मेजर संजय कुमार, नायब सूबेदार बाना सिंह व अन्य जवानों के परिजनों का सम्मान किया। कार्यक्रम में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल डी के जोशी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।अपने संबोधन में श्री शाह ने कहा कि आज का दिन भारतीय सेना के तीनों अंगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले पूरे विश्व में किसी भी अन्य देश ने राष्ट्र के लिए लड़ने वाले जवानों के नाम पर द्वीपों का नाम रखकर उनकी वीरता को सम्मानित करने का कदम उठाया है उन्होंने कहा कि आज देशभर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 126 वी जयंती पराक्रम दिवस के रूप में मनाई जा रही है। इस अवसर पर अंडमान निकोबार द्वीप समूह के सुभाष द्वीप, जहां स्वतंत्रता आंदोलन के समय नेताजी रहे थे, वहाँ उनका एक स्मारक बनाए जाने का भी निर्णय लिया गया है। यह दोनों निर्णय अंडमान निकोबार द्वीप समूह की स्वतंत्रता की स्मृतियों को समग्र देश के साथ जोड़ने वाले हैं और इन निर्णयों से युगों-युगों तक भारत की युवा पीढ़ी को देशभक्ति, शोर्य और पराक्रम का संदेश और संस्कार मिलेंगे ।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि 2015 से सेना के लिए बहुत सारे कदम उठाए गए हैं, वन रैंक वन पेंशन का मसला हल किया गया, सेना के एडमिनिस्ट्रेटिव स्ट्रक्चर में ऐतिहासिक परिवर्तन किए गए,सेना व हमारे पूरे डिफेंस सिस्टम को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया गया तथा आधुनिक हथियारों व आधुनिक संचार व्यवस्था से तीनों सेनाओं को लैस करने के लिए बहुत सारे कदम उठाए गए और आज 21 परमवीर चक्र विजातोओं के नाम पर द्वीपों का नामकरण कर उनको सम्मानित करने का अहम कदम उठाया गया है। श्री शाह ने कहा कि आज हुए दोनों प्रयासों से युगों-युगों तक भारत की युवा पीढ़ी को देशभक्ति, शौर्य और पराक्रम का संदेश और संस्कार मिलेंगे।

