
भोपाल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 74वें गणतंत्र दिवस के मौके पर भोपाल स्थित लाल परेड मैदान में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और आकर्षक परेड की सलामी ली। लाल परेड ग्राउण्ड में हुई परेड में 19 टुकड़ियाँ शामिल थी।
जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुतियाँ
लाल परेड मैदान में हुए समारोह में जनजातीय संस्कृति पर केन्द्रित गुदुमबाजा नृत्य, भगोरिया नृत्य गोण्ड टाट्या नृत्य की प्रस्तुति दी। जनजातीय क्षेत्र के करीब 350 कलाकारों ने आकर्षक संगीत धुन पर दी प्रस्तुति ने सभी का मनमोह लिया।
झाँकियों के माध्यम से विकास को किया गया प्रस्तुत
गणतंत्र दिवस समारोह में प्रदेश की प्रगति और जन-भागीदारी से विकास के आयाम को आकर्षक झाँकियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। उद्यानिकी विभाग की झाँकी में संतरा, लहसुन और अदरक के उत्पादन में देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने को आकर्षक मॉडल से प्रस्तुत किया गया। झाँकी में प्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में हो रही निरंतर प्रगति को दर्शाया गया। किसान-कल्याण तथा कृषि विभाग की झाँकी में कृषि कर्मण अवार्ड, मिलेट मिशन, एक जिला एक उत्पाद, फसल विविधीकरण और प्राकृतिक खेती को प्रमुखता के साथ दर्शाया गया। कुटीर एवं ग्रामोद्योग की झाँकी में भोपाल का जरी-जरदोजी, धार का बाग प्रिंट, सीहोर के लकड़ी के खिलौने और मुंबई और इंदौर में फेशन-शो को प्रदर्शित किया गया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की झाँकी में खेलो इंडिया यूथ गेम्स को प्रदर्शित किया गया। मध्यप्रदेश खेलो इंडिया यूथ गेम्स के पाँचवें संस्करण की मेजबानी कर रहा है। गृह विभाग की झाँकी में महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्म-निर्भर एवं सशक्त बनाने के लिये दिये जा रहे प्रशिक्षण को प्रदर्शित किया गया। साथ ही भू-माफिया से भूमि मुक्त कराने और गरीबों के लिये सूराज कॉलोनी बनाए जाने को मॉडल के साथ प्रस्तुत किया गया। जेल विभाग की झाँकी में जेलों की सुरक्षा व्यवस्था आधुनिकरण और कैदियों को स्वावलम्बी बनाने की प्रक्रिया को दर्शाया।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग की झाँकी में सड़कों के कायाकल्प के लिये चलायें जा रहे अभियान, पर्यटन विभाग की झाँकी में दिव्य लोक और श्री महाकाल महालोक के भव्य निर्माण को प्रस्तुत किया गया। पुरातत्व अभिलेखागार विभाग की झाँकी में पुरातत्वीय सम्पदा के संरक्षण की प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की झाँकी में तालाबों के प्रबंधन, पेसा के नियमों और जनजातीय समुदाय की ग्राम सभा को प्रदर्शित किया गया। मत्स्य विभाग की झाँकी में बालाघाट एवं झाबुआ जिले में झींगा पालन और क्रेडिट कार्ड योजना में प्रदेश की उपलब्धी को प्रदर्शित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की झाँकी में लाड़ली लक्ष्मी योजना और बालिकाओं के सशक्तिकरण को दिखाया गया।
राजस्व विभाग की झाँकी में मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना को प्रमुख से प्रदर्शित किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की झाँकी में जल जीवन मिशन योजना में मध्यप्रदेश के बुराहनपुर जिले को दर्शाया गया। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की झाँकी में आयुष्मान भारत,”निरामयम योजना” को प्रदर्शित किया गया। वन विभाग की झाँकी में मध्यप्रदेश में चीता के पुर्नस्थापन को प्रदर्शित किया गया। सामाजिक न्याय विभाग की झाँकी में नशा मुक्त भारत अभियान और वृद्धजनों के लिये संचालित योजना को प्रदर्शित किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग की झाँकी में सीएम राईज स्कूल के मॉडल को प्रदर्शित किया गया। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की झाँकी में बुधनी के खिलौना क्लस्टर के विकास को प्रदर्शित किया गया। श्रम विभाग की झाँकी में श्रमिकों के कल्याण के लिये बनाएँ गए रैन बसेरा और विभिन्न श्रेणी के श्रमिकों की कल्याणकारी योजनाओं को मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया।
पुरस्कार

