रेत माफिया ने पाठक को गोली मार दी.., कोई नई बात नहीं…

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शहडोलरेत माफिया: नेताओं, निर्माण कंपनियों और अपराधियों का एक नेटवर्क | न्यूज़क्लिक

अभी पखवाड़ा भी नहीं हुआ था… शहडोल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को कभी ऑडियो वायरल ऑडियो में धमकाने वाला कबाड़ माफिया उसे उन्हें गाड़ी न पकड़ने का हिदायत देता; यह बाद की बात है कि पुलिस का स्वाभिमान जगा और जबलपुर में उसके खिलाफ कार्रवाई हुई किंतु शहडोल में कोई कार्यवाही नहीं हुई और नतीजतन साल भर बाद शहडोल में कबाड़ माफिया और क्षेत्रीय पुलिस की मिलीभगत के कारण 7 नागरिकों की धनपुरी के बंद कोयला खदान में जहरीली गैस के कारण मौत हो गई| हफ्ते भर बाद भी रेत माफिया जो कभी किसी रेंजर से वायरल हुए ऑडियो में चर्चित हुआ था, जिसका रूप ठेकेदार के मैनेजर अथवा उसके आदमी अथवा उसके गुंडे , अज्ञात लोग; जिन्हें पुलिस अपनी भाषा में बोलती है उन्होंने ब्यौहारी में एक पाठक नाम के व्यक्ति को गोली मार दिया| क्योंकि शायद उसके मोबाइल में कोई गंभीर ऐसे दृश्य थे जिससे माफिया को यह शक था कि उसे नुकसान हो सकता था| क्योंकि क्षेत्र में  व्यवहारी क्षेत्र में जिला पंचायत सदस्य  पुष्पेंद्र पटेल और स्थानीय नागरिक कई दिन से धरना दे रहे थे कि रेत माफिया गिरी बंद कर  और हमारे गांव को बचाइए, उन्हें भी धमकाना था |————————————————-त्रिलोकीनाथ—————————————

इसलिए तथाकथित अज्ञात लोगों, रेत माफिया कहलाते हैं माननीय विधायक के लोग हैं  वह गोली मार कर चले गए| पुलिस ढूंढ रही है यह अलग बात है, कान पकड़ के ठेकेदार के मैनेजर को थाने में बंद कर दिया जाए कौन कौन थे लाकर दे देंगे.. लेकिन ऐसा नहीं होता…|

पुनश्च ;करीब 1 साल पहले शहडोल के वन विभाग के  महिला रेंजर के साथ एक रेत माफिया का ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें वह बहुत ही प्रेम से और हंस-हंसकर वन क्षेत्र से रेत निकालने के बारे में सौदेबाजी कर रहा था| इसी दौरान शहडोल कलेक्टर और पुलिस विभाग ने मिलकर व्यवहारी क्षेत्र में ही रेत माफिया के करीब 56 डंपर और मशीन को पकड़ी थी, जो रेत की स्मगलिंग पर खुलेआम काम कर रहे थे| यह मात्र  1 दिन की बात है,साल की 364 दिन में यह सब नहीं होता |जबसे रेत का ठेका हुआ है और रेत ठेकेदार शहडोल जिले दोहन कर रहा है तब से आज तक पुलिस रिकॉर्ड में यह बात कहीं नहीं दिखाई देती उसके कितने आदमी और कहां कहां के रहने वाले हैं कर्मचारी कैसे काम कर रहे हैं उनके क्या-क्या पता है किस किस पद पर हैं और उनके पास कितने बंदूक पिस्तौल अथवा गंभीर हथियारों के सरकारी लाइसेंस है और कितने गैर सरकारी  कितनी गाड़ियों में लेकर एक छापामार शैली में युद्ध की तरह दिन-रात भी काम कर रहे हैं …?

हां, उनकी महंगी महंगी गाड़ियां पुलिस और प्रशासन के इर्द-गिर्द थाने के आसपास उनके मित्रों की तरह अक्सर दिखाई देती हैं| शहडोल में राजा हरिश्चंद्र के  रूप में एक नाम मात्र का खनिज अधिकारी बैठा है जिसका यह मानना है पूरी माफिया गिरी एक सिस्टम है और मैं ईमानदारी से उसको नजरअंदाज करता हूं… क्योंकि सब कुछ ठीक चल रहा है| कहीं कोई खराबी नहीं ….,अगर गोलीबारी में अथवा माफिया गिरी में कुछ जगह सब जगह खुली स्मगलिंग चल रही है वह मैं देख नहीं पा रहा हूं, और कोई बात नहीं है| अन्यथा मैं एक ईमानदार आदमी हूं मैं अवश्य कार्रवाई करता; पिछले दिनों बुरहार रोड में एक ट्रैक्टर पकड़ा था| कुछ इस अंदाज में शहडोल जिले का  रेत माफिया पूरी सफलता के साथ प्राकृतिक संसाधन पर निर्वस्त्र होकर माफिया गिरी कर रहा है |

और उसका नतीजा… जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के मऊ गांव में एक युवक पर गोली चल गई है।बोलेरो सवार अज्ञात लोगों ने युवक को गोली मारी और फरार हो गए । युवक के गर्दन पर गोली लगी है, जिसके कारण वह गंभीर अवस्था में उपचार ले रहा है। बुधवार की देर रात घटना हुई है। पुलिस के अनुसार मऊ निवासी आलिप कुमार पाठक 24 साल के ऊपर गोली चली है। रात में लगभग 11.30 बजे के आसपास युवक अपने घर की ओर जा रहा था, उसी समय अज्ञात लोग बोलेरो में सवार होकर आए और अलिप पाठक से उसका मोबाइल लेने का प्रयास किया। जब वह मोबाइल नहीं दिया और विरोध करने लगा तो उसे गोली मार दी और भाग गए।घायल मजदूरी का काम करता है, देर रात काम से लौटकर वह अपने घर जा रहा था तभी रास्ते में बेलोरो सवारों ने उसे रोक लिया और घटना को अंजाम दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि रेत का काम कर रही रेत कंपनी के लोगों ने गोली मारी है। हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है ग्रामीणों ने कुछ संदेहियों को पकड़कर पुलिस के हवाले भी कर दिया है।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार वैश्व ने बताया कि घटना मऊ तिराहे की है।अश्रात चार लोग सफेद बोलोरों से आए और युवक का मोबाइल छीनने का प्रयास किया।जब उसने विरोध किया तो कट्टे फायर कर दिया,जिससे गले में गोली आर-पार हो गई है।घटना के बाद खून लथपथ अपने घर गया उसके बाद उनका बड़ा भाई दिलीप पाठक और उसकी मां एवं पिता उसे ब्यौहारी अस्पताल लेकर गए।उपचार शुरु हुआ और उसी समय पुलिस को सूचना दी गई।पुलिस अपराध दर्ज कर जांच कर रही है।वहीं घायल को मेडिकल कालेज जबपुर रेफर कर दिया गया,जहां उपचार चल रहा है।        (साभार नईदुनिया शहडोल)

यही भारतीय जनता पार्टी का रामराज्य है और यह सफलता से चलता रहेगा इसलिए शहडोल के तमाम प्रकार के माफियाओं से बच के चलना आम नागरिकों की जिम्मेदारी है अपराधी ,स्मगलर और माफिया यह सब सीना तान कर आज भी चिन्हित होने के बाद भी अपने अपने बॉस के लिए काम कर रहे हैं क्योंकि बॉस भोपाल अथवा जबलपुर में बैठता है और उसकी इच्छा से भाजपा की सरकार भी गिर सकती है.. इसलिए लोगों के मरने शहडोल में लोगों के मरने के लिए आंसू भी बहाने की जरूरत नहीं है विपक्षी पार्टी कांग्रेस का तो विधायक ही है तथाकथित रेत माफिया का जो बॉस है…|                                                                     (—जारी भाग 2)

 


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