
नई दिल्ली
4 फरवरी।कई दिनों तक लगातार शीत युद्ध के संघर्ष के बाद अंततः लोकतंत्र के तीन स्तंभों में न्यायपालिका को कार्यपालिका और विधायिका ने मान्यता दे दी है और पांच जजों की नियुक्ति पर मुहर लगा दी हैइस तरह नियुक्ति में सरकार के स्तर पर लगभग 54 दिन लगे। इस बीच सुप्रीम कोर्ट को जजों की नियुक्ति और तबादलों के संबंध में सरकार कोचेतावनी भी देनी पड़ी। शुक्रवार को अदालत के कड़ा रुख दिखाने पर अटार्नी जनरल ने भरोसा दिया था कि सुप्रीम कोर्ट में नियुक्तियां जल्द हो जाएंगी।पांच न्यायाधीशों कीनियुक्ति को मंजूरी जानकारी दी। पांच जजों की नियुक्ति की सिफारिश पर राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के साथ ही सुप्रीम केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के लिए पांच कोर्ट में जजों की संख्या अब 32 हो गई है। नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को शनिवार को मंजूरी दे दी।
शेष दो सिफारिशों पर अगले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट नियुक्तियां हो सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट कालेजियम ने इन पांच नामों की सिफारिश सरकार को 13 दिसंबर 2022 को भेजी थी। इनमें राजस्थान हाई कोर्ट मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्तल, पटना हाई कोर्ट मुख्य न्यायाधीश संजय करोल, मणिपुर हाई कोर्ट मुख्य न्यायाधीश पीवी संजय कुमार, पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीश अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश मनोज मिश्रा शामिल हैं। ये सभी न्यायाधीश सोमवार को अपने पद की शपथ ले लेंगे। (साभार जनसत्ता)

