
नई दिल्ली
8 फरवरी|प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि उन पर लोगों का भरोसा अखबार की सुर्ख़ियों और | टेलीविजन पर चमकते चेहरों से नहीं हुआ है बल्कि उन्होंने देश के लिए पूरा जीवन खपा दिया है, पल- पल खपा दिया है और देश के लोग झूठे आरोपों पर | भरोसा नहीं करने वाले हैं। प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे। प्रधानमंत्री ने विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि देश की जनता नकारात्मकता स्वीकार नहीं कर सकती और उनके ऊपर लगाए गए झूठे आरोपों पर कभी भरोसा नहीं करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि | उनके पास 140 करोड़ देशवासियों के आशीर्वाद का सुरक्षा कवच है जिसे कोई भेद नहीं सकता। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के 2004 से 2014 तक का काल आजादी के इतिहास में सबसे अधिक घोटालों का दशक रहा है और यूपीए सरकार के इन दस साल के कार्यकाल में कश्मीर से कन्याकुमारी तक हर कोने में भारत के
लोग असुरक्षित महसूस करते थे। प्रधानमंत्री ने 2जी, सीडब्लूजी और अन्य घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि इन दस साल में वैश्विक मंचों पर भारत की साख इतनी कमजोर हो गई थी कि दुनिया उसकी बात सुनने को तैयार नहीं थी।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि जो अहंकार में डूबे रहते हैं, उनको लगता है कि मोदी को गाली देकर ही हमारा रास्ता निकलेगा और गलत आरोप लगा कर ही आगेबढ़ पाएंगे।
प्रधानमंत्री के जवाब के दौरान सदन में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद थे। कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री ने कवि दुष्यंत की पंक्तियां पढ़ी, ‘तुम्हारे पांव के नीचे कोई जमीन नहीं, कमाल यह है कि फिर भी तुम्हें यकीन नहीं…।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की जिन माताओं, बहनों, बेटियों को उज्ज्वला योजना, जनता को मुफ्त अनाज, आवास आदि योजनाओं का लाभ मिला हो, वे ऐसी गालियों, झूठे आरोपों पर कैसे भरोसा करेंगे। अपने लगभग डेढ़ घंटे के भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में कोरोना महामारी सहित अनेक संकटपूर्ण हालात के बीच
देश को जिस तरह से संभाला गया, उससे पूरा देश आत्मविश्वास से भर रहा है और पूरे विश्व में भारत को लेकर सकारात्मकता, आशा और भरोसा है। प्रधानमंत्री के जवाब के बाद सदन ने राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को
ध्वनिमत से पारित कर दिया।
भारत राष्ट्र समिति के सदस्यों ने प्रधानमंत्री का जवाब शुरू होने से पहले सदन से बहिर्गमन किया। राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के क्रम में उनके कश्मीर जाने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जो हाल में जम्मू-कश्मीर घूम कर आए हैं वो भी अब देख सकते हैं कि वहां कितनी आन-बान-शान से घूमा जा सकता है। कांग्रेस सहित विपक्षी दल ‘हिंडनबर्ग रिसर्च’ । अडाणी समूह को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने या उच्चतम न्यायालय की निगरानी में न्यायिक जांच कराने की मांग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अपने जवाब में अडाणी समूह के मामले या जेपीसी की मांग पर कुछ नहीं कहा। (साभार जनसत्ता)

