
शहडोल /बुढार
करीब आधी सदी से रेलवे से लगी जमीन के आसपास फुटपाथ व्यापारियों तथा फुटकर सब्जी विक्रेताओं को नगर पंचायत परिषद की अव्यवस्था का परिणाम भुगतना पड़ रहा ।देश में बढ़ती भीषण महंगाई से मध्यम एवम निम्न वर्गीय परिवार काफी समय से जूझ रहा है। ऐसे में अगर दो जून की रोटी का साधन भी छीन लिया जाए वे फिर आम आदमी कैसे जीवित रहेगा। ऐसा ही मामला शहडोल जिले के नगर पंचायत बुढ़ार में सामने आया है। जहां नगर पंचायत की उदासीनता के कारण एक दो नहीं बल्कि दर्जनों गरीब सब्जी व अन्य फुटकर दुकानदारों दर में वर्षों से रेलवे स्टेशन रोड एवम स्टेशन के पीछे फुटकर सब्जी व अन्य पथ विक्रेताओं द्वारा अपनी दुकान लगाकर जंवकोपार्जन किया जाता रहा है। रेलवे स्टेशन मार्ग में अस्थाई रूप से एवम बुधवार की लगने वाली हट में जिस स्थान पर यह दुकान लगाई जाती थी। वह जमीन रेलवे की थी। जबकि इसकी बैठकी शुल्क नगर पंचायत बुढ़ार द्वारा वर्षो से वसूल किया जा रहा था। संभवतः यही भी कार्यवाही किए जाने का एक कारण था। पूर्व में भी इसी तरह रेल प्रबंधन द्वारा इन गरीब दुकानदारों को यहां से बल पूर्वक हटवा दिया गया था।
उस समय नगर पंचायत के जिम्मेदारों द्वारा कहा गया था बस स्टैंड के समीप अथवा किसी अन्य स्थान पर इन गरीब व्यपारियों को उचित स्थान शीघ्र मुहय्या कराया जाएगा। ताकि वह अपनी रोजी रोटी चला सके। लेकिन समय के साथ नपं की वो बात कोरे कागज में दफ्न होकर रह गयी। जबकि सभी को पता है कि यह दुकानदार रोज कमानेखाने वाले है। रेल प्रबंधन भी करता रहता है चालान एक ओर जहां यह छोटे गरीब दुकानदार अपनी अस्थाई दुकान के एवज में नगर पंचायत को बैठकी की रकम दे रहे थे वही उक जमीन रेलवे की होने के कारणआरपीएफ द्वारा भी बीच बीच मे इन छोटे खेटे दुकानदारों के खिलाफ चलानी कार्यवाही भी की जाती रही है। साथ हीकई बार रेलवे न्यायालय जबलपुर के चकर भी इन व्यपारियों ने काटा।
लेकिन सुविधा के नाम पर आज तक इन गरीब व्यपारियों को कुछभी हासिल न हो सका सिवाए तिरस्कार के। अब तो इन गरीब दुकानदारों से उनका रोजगार हो छीन लिया गया। इस तरह बिना चिन्हित किए गए वर्षों से रोजगार में लगे हुए लोगों को बेरोजगार और बेकार कर दिया गया हालांकि कथित तौर पर सांसद शहडोल ने इनकी पत्राचार करके चिंता जताई है
क्षेत्रीय सांसद श्रीमती सिंह ने मण्डल रेल प्रबंधक को लिखे पत्र में यह उल्लेख किया कि नगर परिषद बुदार अंतर्गत विगत 50 से 60 वर्षों से रेलवे को भूमि पर अस्थाई सब्जी मण्डी और अन्य दुकानें सैकड़ों गरीब परिवारों के द्वारा लगाई जाती रही है, कुछ दिनों पूर्व रेलवे प्रशासन द्वारा इन्हें हटा दिया गया, बुदार। क्षेत्र में नगर परिषद के पास अपनी कोई ऐसी भूमि नहीं है, जिस पर त्वरित रूप से सब्जी मण्डी स्थापित की जा सके, बल्कि रेलवे प्रशासन की एक और भूमि जो कि सड़क से हटकर बैरिकेट से लगी हुई है, जहां अस्थाई रूप से सब्जी मण्डी लगाई जा सकती है तथा उक्त स्थल पर सब्जी मण्डी
लगाने से रेलवे स्टेशन पहुंच मार्ग में किसी प्रकार का कोई व्यवधान भी उत्पनन नहीं होगा। गरीब वर्ग के व्यवसायियों का जीवन दुकाने हटने से संकट में आ गया है, मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए खाली पड़ी रेलवे की भूमि को वैकल्पिक रूप से नगर परिषद बुढ़ार को देने की कार्यवाही की जाये, जैसे ही नगर परिषद अपने स्वयं की भूमि पर सब्जी मण्डी स्थापित कर
लेगा बिना किसी व्यवधान के रेलवे की भूमि को खाली कर दिया जायेगा।
जो नाकाफी है लोगों को विकास यात्रा के दौरान स्वयं की विनाश यात्रा का दौर चल पड़ा है.बिलासपुर सूत्रों की माने तो रेलवे की जमीन निजी क्षेत्र में देने के लिए जमीनों को खाली कराए जाने की प्रक्रिया प्रारंभिक की जानी है इसी के तहत अभी बुढार मार्केट में एस्टेब्लिश जमीन को खाली कराया गया है जबकि शहडोल में चिन्हित अतिक्रमण पर कार्यवाही करने में रेलवे विभाग के अधिकारी मौन साधे हुए हैं|

