
लंदन
राहुल गांधी ने लंदन में दावा किया है कि मोदी सरकार में लोकतंत्र पर हमला किया जा रहा है। राहुल गांधी लंदन में इंडियन जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के कार्यक्रम में भाजपा के उन आरोपों को पलटवार कर रहे थे, जिसमें उन पर भारत को बदनाम करने का आरोप लगाया गया है।
राहुल ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा की तुलना तीन दशक पुरानी बीजेपी की रथ यात्रा से की। उन्होंने कहा बीजेपी की भी रथ यात्रा थी, एक अंतर है। उस यात्रा का केंद्र एक रथ था, जो राजा का प्रतीक है। हमारा रथ लोगों को जुटा रहा था और गले लगा रहा था .राहुल कहा कि बीजेपी के खिलाफ लोगों में काफी गुस्सा है। भारत जोड़ो यात्रा में यह देखने को मिला, लेकिन मीडिया इसके बारे में नहीं दिखाएगी। इस यात्रा में बहुत अंडर करंट था। उन्होंने कहा कि हम संस्थागत ढांचे से लड़ रहे हैं। आरएसएस और बीजेपी ने उन संस्थानों (जांच एजेंसी) को अपने कब्जे में ले लिया है जिन्हें तटस्थ रहना चाहिए। राहुल से जब यह पूछा गया कि क्या आप अगले प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे? इस पर उन्होंने कहा इस पर अभी कोई चर्चा नहीं हुई है। सेंट्रल आइडिया भाजपा और आरएसएस को हराना है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कैंब्रिज लेक्चर में उन्होंने कभी कुछ भी गलत नहीं कहा है। बीजेपी को चीजों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना पसंद है।
मैं अंहिसा में भरोसा करता हूं: राहुल गांधी
बीजेपी के खिलाफ एकजुट हो रहा है विपक्ष? इस सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी दलों के साथ काफी तालमेल है। बातचीत चल रही है। मैं उनमें से कई के बारे में जानता हूं। भारत में मीडिया की कार्यशैली पर पूछे गए सवाल के जवाब पर राहुल गांधी ने कहा कि जन लामबंदी बहुत शक्तिशाली है। जहां तक किसी भी तरह की डराने-धमकाने की बात है तो मुझे यह पसंद नहीं है। मैं अहिंसा में विश्वास करता हूं और डराना-धमकाना पसंद नहीं करता। यह मेरा निजी विचार है। (साभार जनसत्ता)

