भोपाल का भोपाली थर्डजेन्डर अखबार

Share

आज सुबह भोपाल स्टेशन में हाकर ने पेपर दिया मैंने दैनिक भास्कर समझकर खरीद लिया, उसने कहा कीमत ₹5 है साडे ₹7 लेंगे और फिर ₹10 ले गया क्योंकि फुटकर नहीं थ उसके जाने के बाद 15 मिनट बाद मैंने पेपर देखा ऊपर का पन्ना दैनिक भास्कर का था और अंदर पीपुल्स समाचार का पूरा अखबार था। जो ढाई रुपए का था। तो अब यह स्पष्ट हो गया की अखबार हाकर ने दैनिक भास्कर के पेज पर अंदर पूरा पीपुल्स डालकर नहीं दिया था या तो मेरा ₹10 दोनों अखबार वालों की मिलीभगत से मिलावट करके मुझसे ठग लिए गए या फिर जहां से प्रिंटिंग होती है उसने जानबूझकर इस प्रकार की सेटिंग करके पेपर को मशीन से निकाला था । इससे यह तो सिद्ध जरूर होता है कि मैंने भास्कर की लोकप्रियता के हिसाब से पेपर खरीदा था और ठगा गया … उपभोक्ता फोरम भी नहीं जा सकता क्योंकि हाकर ने बिल नहीं दिया था..

मुझे याद आया कि भोपाल में थर्ड जेंडर के लोग ट्रेन में ₹10 मांगते हैं तो मुझे लगा तो पूरा ना तो दैनिक भास्कर था और ना ही पूरा पीपुल्स समाचार तो अखबार की दुनिया का यह थर्ड जेंडर यानी हिजड़ा अखबार जो ट्रेन में हमसे ₹10 ठगा। फिर मुझे संतोष करना ही था क्योंकि संतोषम परम सुखम अन्यथा मूर्खता और धूर्तता के धंधे में अपन झांसे मे गए थे लेकिन इससे कोई हल निकलेगा ऐसा मैं नहीं समझता। यही मेरी हार की जीत है… ।


Share

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

राशिफल

- Advertisement -spot_img

Latest Articles