
संसद समिति ने कहा लोक सेवकों के संपत्तियों के सत्यता की जांच के लिए तंत्र बनाएं…
नई दिल्ली
, 31 मार्च (भाषा)। संसद की एक समिति ने काफी संख्या में आइएएस अधिकारियों द्वारा अचल संपत्ति का वार्षिक ब्योरा नहीं दायर करने पर संज्ञान लेते हुए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग,डीओपीटी से इस विषय पर विचार करने
के लिए एक समिति गठित करने को कहा है। समिति ने लोक सेवकों द्वारा दायर सांति के ब्योरे की प्रमाणिकता की जांच के लिए एक तंत्र स्थापित करने की भी सिफारिश की है। संसद में हाल ही में पेश कार्मिक, जन शिकायत, विधि एवं न्याय संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2011 से 2022 की अवधि में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) से 1,393 अधिकारियों ने संपत्ति का ब्योरा पेश नहीं किया। समिति ने कहा कि लोक प्रशासन में भ्रष्टाचार के व्यापक प्रभावों को ध्यान में रखते हुए लोक सेवकों द्वारा द्वारा अचल सम्पत्ति रिटर्न का वार्षिक ब्योरा नहीं दायर को समिति पा समिति ने कहा कि लोक प्रशासन में भ्रष्टाचार के व्यापक प्रभावों को ध्यान में रखते हुए समिति लोक सेवकों द्वारा द्वारा अचल सम्पत्ति रिटर्न का वार्षिक ब्योरा नहीं दायर करने के मुद्दे की जांच के लिए केंद्र सरकार से एक समिति गठित करने की सिफारिश करती है। करने के मुद्दे की जांच के लिए केंद्र सरकार से एक समिति गठित करने की सिफारिश करती है। रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने कहा कि डीओपीटी को लोक सेवकों द्वारा पेश संपत्ति रिटर्न के ब्योरे के प्रामाणिकता की जांच के लिए एक तंत्र स्थापित करना चाहिए। समिति ने कहा कि भारत भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र संधि (यूएनसीएसी) का हस्ताक्षरकर्ता है जिसमें पक्षकार देशों को भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए प्रभावी व्यवस्था स्थापित एवं प्रोत्साहित करने को कहा गया है।

