चौथी पास राजा+ बिल क्लिंटन = पास्को और यौन आरोपी सांसद बृज भूषण शरण सिंह…? ( त्रिलोकीनाथ )

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अभी जल्दबाजी होगी की दुनिया में  भारत का नाम ऊंचा करने वाली सुनहरी पंखों से उड़ान भरनेMeet Vinesh Phogat: Queen of Indian wrestling | Brut. वाली विनेश  और साक्षी और बजरंग की शौर्य गाथा पर चर्चा की जाए क्योंकि फिलहाल यह साबित नहीं हुआ है यानी तथा कथित तौर पर की उन्होंने जिस भ्रष्ट और अहंकारी दुर्ग में स्थापित हो चुके भाजपा सांसद बृजभूषण पर जो आरोप लगाए हैं वह सही हैं अथवा नहीं…?
अभी तो शौर्य गाथा बृजभूषण की लिखी जानी चाहिए जो विश्व गुरु का सपना देखने वाली सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का दावा करने वाली महान सदस्यों वाली भारतीय जनता पार्टी के सांसद तो ऐसा अद्भुत गणित को कैसे सिद्ध किया जाए जो अकेले ही पिछले 4 महीने से चल रहे लोकतांत्रिक युद्ध पर अट्टहास कर रहा है… और पूरी मोदी-मीडिया संपूर्ण गुलामी के साथ अपने  ब्रजभूषण शरण सिंह के यशोगान में लगातार उनका इंटरव्यू भारत की जनमानस में प्रभाव डलवा रही है. यह तो कूटनीति है कि कुछ पुरुष पुलिस वाले रात के हमारी गोल्ड मेडलिस्ट महिला पहलवानों को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के शब्दों में गाली देते उन्हें आहत करते हैं उससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर में यह जादू सफलतापूर्वक फिलहाल गुलाम प्रजा का मनोरंजन कर रही है।

———————————( त्रिलोकीनाथ )———————————-

क्योंकि राज्य सत्ता कर्नाटक में अपना साम्राज्य विस्तार के लिए तन-मन-धन इसमें जोड़ दे तो कूटनीति के बजरंगबली सब समर्पित किए हुए और अब बजरंग दल के नकाब मे बजरंगबली को चुनाव में उतार दी है.., तो किस प्रकार दो बजरंग अलग-अलग तरीके से अपने अपने धर्म की रक्षा मे एक साक्षात सशरीर दिल्ली में बजरंग पुनिया हैं Ready To Return All Our Medals, Awards: Protesting Wrestlers Vinesh Phogat,  Bajrang Puniaजो पहलवान के रूप में हमारी गौरवशाली गोल्ड मेडलिस्ट बेटियों की इज्जत आबरू और उनके स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्षरत है श्रीराम जानकी रथ यात्रा को security देने के इरादे से बना था 40 years पहले  बना था Bajrang Dal, जानिए inside storyतो दूसरे बजरंगबली को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मुखारविंद से बजरंग दल के रूप में अवतरित कर दिए ।
हालांकि पूरी पारदर्शिता के साथ चुनाव आयोग चुप्पी साधे हुए हैं… क्योंकि न्यायपालिका ने पिछली बार चुनाव आयोग को जो खरीखोटी सुनाई थी.   उससे अपने स्वाभिमान को जीवित दिखाने के लिए चुनाव आयोग ने एक कांग्रेस के और एक भाजपा के नेताओं पर उनकी चुनाव आचार संहिता नामक वस्तु को क्षतिग्रस्त करने के लिए प्रकरण पंजीबद्ध किया है क्योंकि एक वफादार ने कांग्रेस नेता को विषकन्या कह दिया था तो दूसरे वफादार ने भाजपा नेता को नालायक कह दिया था।
किंतु  चुनाव आयोग धर्म का कर्नाटक चुनाव में नंगा नाच करने पर अपनी पूर्ण ताकत से भाजपा नेता पर कोई नोटिस लेने का साहस नहीं जुटा पा रहा है ।  यह सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के राष्ट्रभक्ति और निष्ठा की समर्पित होने का प्रमाण पत्र भी है।
बहरहाल हम तो दिल्ली की राजधानी में निर्भयता के साथ चल रहे घटनाक्रम कि सूत्र को समझना चाहते हैं कुछ गणित को जानना चाहते थे  समझ में आया की बृजभूषण शरण सिंह जैसे भाजपा सांसद पैदा होते हैं तो दिल्ली की विधानसभा में चौथी पास राजा के जो कहानी मुख्यमंत्री ने सुनाएं ,उसका सर इस प्रकार से है कि कैसे चौथी पास राजा अपनी प्रजा के लिए सिरदर्द बन जाता है (वैसे पूरी कहानी यूट्यूब में सुनी जा सकती है) और यदि उनके साथ हम उस अमेरिकी राष्ट्रपति रहे बिल क्लिंटन को जोड़ दें जो अपनी ही पि ए किशोरी लड़की के साथ यौन प्रताड़ना किए थे, इससे जो प्रोडक्ट तैयार होगा वह महाबली ही होगा.. ऐसा मानना चाहिए। पश्चिम के राष्ट्रों में यह आम बात हो सकती है क्योंकि वहां अनैतिकता का बहुत संबंध नैतिकता से नहीं है भारत में अभी नैतिकता जिंदा है ऐसा माना जाता है और  बिल क्लिंटन आज भी सम्मान की जिंदगी जी रहे हैं तो भारत में ऐसे प्रयोग उदाहरण के लिए क्यों नहीं बनाए जा सकते अगर यह प्रयोग है नई जीवनशैली का तो इस नए सूत्र का यानी चौथी पास राजा + बिल क्लिंटन का जो निष्कर्ष निकलता है वह तत्कालिक परिणाम है ।

क्योंकि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के मुख्य पुरोधा नरेंद्र मोदी और अमित शाह दोनों अभी भाजपा अध्यक्ष चड्ढा के साथ कर्नाटक साम्राज्य जीतने के लिए व्यस्त हैं और  नहीं चाहते कि कर्नाटक में दिल्ली के बजरंगबली और उनके द्वारा भारत की लड़कियों की रक्षा का संकल्प की चर्चा हो सके… इसलिए उन्होंने बजरंग दल की आहुति से एक नया बजरंगबली चुनाव में उतार दिया है… कर्नाटक चुनाव निर्णय के बाद ही नए प्रोडक्ट यानी चौथी पास राजा + बिल क्लिंटन बराबर बृजभूषण परनिर्णय हो सकेगा हो सकेगा भारत में किस प्रकार का सांस्कृतिक राष्ट्रवाद स्थापित किया जाएगा और वही दोनों बजरंगबली की परीक्षा का परिणाम भी होगा की बजरंग दल के बजरंगबली बड़े हैं या भारत को कई मेडल दिलाने वाली लड़कियों के साथ यौन प्रताड़ना के मामले में न्याय मांगने बैठी जंतर मंतर के महिला पहलवानों की रक्षा करने वाले बजरंग पुनिया बड़े बजरंगबली हैं इसमें से जो बजरंगबली बड़े निकलेंगे उन्हीं से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की नई जीवनशैली की घोषणा भी होगी ऐसा मानकर चलना चाहिए क्योंकि जेल में बंद राम रही और आसाराम तो फिलहाल अपने अपने आनंद में भलाई रहते हो किंतु है तो कैदी ही तो अब हमें लोकतंत्र के नए राम के नए हनुमान का इंतजार भी करना चाहिए …… अब संविधान और कानून की इज्जत बच गई जैसे कि बीते रात संविधान के रक्षक दिल्ली के पुलिस संविधान का मखौल उड़ा रही थी इसमें कुछ कामयाबी मिली तो हम जरूर नए शौर्य गाथा यानी महिला शक्ति पर यशोगान करेंगे फिलहाल तो आप हमसे ज्यादा समझदार हैं… क्योंकि यही वर्तमान का सच है कल का कल देखेंगे……?


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