7 माह से वेतन का भुगतान न होने दाने-दाने को तरस रहे है जनजातीयकर्मचारि परिवार

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भोपाल : मंगलवार, मई 23, 2023,मुख्यमंत्री  चौहान ने मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को जानकारी दी कि प्रदेश में अनियमित और अवैध कॉलोनियों को वैध करने का कार्य किया गया है।आज कार्यक्रम में

6 हजार से अधिक कॉलोनी वैध करते हुए अनुज्ञा प्रमाण-पत्र दिए गए हैं। प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों के रहवासी संघ भी इस कार्यक्रम से जुड़े थे। कॉलोनियों के वैध हो जाने से सभी नियमित कार्य सड़क, पानी, बिजली, खरीदी-बिक्री, बैंक से लोन आदि हो सकेंगे। राज्य सरकार के निर्णय से आम जनता को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हुए कार्यक्रम में 31 दिसंबर 2016 तक निर्मित अनाधिकृत कॉलोनियों को वैध किया गया है। अब 31 दिसंबर 2022 तक निर्मित कॉलोनियों को भी वैध किया जाएगा। सभी रहवासी संघ को कॉलोनियों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया है।

शहडोल मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुरेश प्रसाद पांडे ने बताया की जनजातीय कार्य विभागअंतर्गत चतुर्थ श्रेणी स्थायी कर्मी एवं दैनिक अंशकालीन मजदूरों के प्लान नंबर न बनने से लगभग 7माह से अधिक मजदूरी वेतन का भुगतान न होने से कर्मचारियों को परिवार पालन करने में जो दिक्कत हो रही है, दाने-दानेको तरस रहे है।है)। जिस पर जनजातीय कार्य विभाग म.प्र. भोपाल के स्पष्ट निर्देश है कि खण्ड शिक्षा अधिकारी कोषालय से संपर्क कर कर्मचारियों के ट्रेजरी कोड/प्रान नंबर बनवाने की कार्यवाही की जाए। इसके बावजूद किसी भी बी.ओ. द्वारा कोई भी कार्यवाही अभी तक नही की गई, जिसके कारण कर्मचारियों का वेतन/मजदूरी नही मिली है। इस पत्र के माध्यम से संगठन का अनुरोध है सभी बी.ओ. से 07 दिवस के अंदर कर्मचारियों के एम्पलाई कोड/प्रान नंबर बनवाकरवेतन भुगतान कराने की कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाए। समयावधि में वेतन / मजदूरी प्राप्त न होने पर संगठन अग्रिम कार्यवाही अपने साथियों के साथ आमरण अनशन के लिए बाध्य होगा,

शहडोल  करीब 10 वर्ष पहले पुरानी बस्ती हुए एक पुलिस केस में बहुचर्चित अपराध के आरोपी गुड्डायादव काउंटर प्रकरण  यादव की मौत हो गई । तत्कालीन टीआई सहित कई पुलिसवाले हत्या के आरोपी बनाए गए थे मामला हाईकोर्ट में  सभी आरोपी बरी हो गए थे .इससे असहमत होते हुए न्याय की  याचिकाकर्ता कृष्णा यादव सुप्रीम कोर्ट मैं याचिका दाखिल की इसे सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया गया है इससे उन सभी बरी किए गए पुलिस नगर निरीक्षक सहित कई पुलिस वालों पर पुन:तलवार लटक गई है. देखना होगा कि मामले कि क्या परिणाम होते हैं। आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इसकी जानकारी अधिवक्ता दिनेश दीक्षित की टीम ने दी।

 


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