
नयी दिल्ली, 30 मई (भाषा)
दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए और जंतर-मंतर में धरना स्थल से हटाए गए देश के शीर्ष पहलवानों ने मंगलवार को कहा कि वे कड़ी मेहनत से जीते अपने पदक गंगा नदी में फेंक देंगे और इंडिया गेट पर ‘आमरण अनशन’ पर बैठेंगे। .रियो ओलंपिक 2016 की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक बयान में कहा कि पहलवान मंगलवार को शाम छह बजे पदकों को पवित्र नदी में विसर्जित करने के लिए हरिद्वार जाएंगे।.साक्षी ने बयान में कहा, ‘‘पदक हमारी जान हैं, हमारी आत्मा हैं। हम इन्हें गंगा में बहाने जा रहे हैं। इनके गंगा में बहने के बाद हमारे जीने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा इसलिए हम इंडिया गेट पर आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।’’.
साक्षी की साथी पहलवान विनेश फोगाट ने भी इस बयान को शेयर किया।.मंगलवार को हरिद्वार में गंगा दशहरा है और संभवत: एक ऐसा दिन जब बड़ी संख्या में लोग वहां पूजा करने आएंगे।.रविवार को दिल्ली पुलिस ने साक्षी के साथ विश्व चैंपियनशिप की कांस्य विजेता विनेश फोगाट और एक अन्य ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया को हिरासत में लिया और बाद में उनके खिलाफ कानून और व्यवस्था के उल्लंघन के लिए प्राथमिकी दर्ज की। .
जंतर-मंतर पर ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को दिल्ली पुलिस ने जबरदस्ती बस में डाला जब रविवार को पहलवानों और उनके सामर्थकों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर महिला ‘महापंचायत’ के लिए नए संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश की। .विरोध करने वाले पहलवानों और उनके समर्थकों को राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया और बाद में रिहा कर दिया गया।.पहलवानों को बसों में डालने के बाद पुलिस अधिकारियों ने धरना स्थल पर मौजूद चारपाई, गद्दे, कूलर, पंखे और तिरपाल की छत सहित अन्य सामान को हटा दिया। .दिल्ली पुलिस ने कहा कि वह पहलवानों को प्रदर्शन स्थल दोबारा आने की स्वीकृति नहीं देगी।.ज्ञातव्य है दुनिया में भारत का नाम रोशन करने वाली इन महिला पहलवानों की शिकायत पर भाजपा सांसद ब्रिज भूषण शरण सिंह पर यौन प्रताड़ना और पोक्सो एक्ट लगने के पश्चात उसकी गिरफ्तारी नहीं की गई जिससे नाराज होकर यह पहलवान जंतर मंतर में धरना दे रहे थे संसद भवन के लोकार्पण समारोह में बृजभूषण शरण सिंह संसद के अंदर था और कानून तोड़ने के आरोप में दुनिया की वीआईपी इन पहलवानों के साथ अति निंदनीय व्यवहार किया गया था तथा गिरफ्तारी की गई बाद में ही से f.i.r. में बदल दिया गया इससे नाराज होकर महिला पहलवान नए कदम उठा रही है.
नयी दिल्ली, 30 मई (भाषा) राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने मंगलवार को नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह नया या पुराना भारत नहीं बल्कि ऐसा भारत चाहते हैं जहां संसद धार्मिक अनुष्ठानों से परे हो, कानून सभी के साथ समान व्यवहार करता हो और धार्मिक आस्थाओं को लेकर नागरिकों की हत्या न की जाती हो।.प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को नए संसद भवन के उद्घाटन को देश की विकास यात्रा में “अविस्मरणीय” पल करार दिया था। नए संसद भवन की लोकसभा में अपने संबोधन में मोदी ने कहा था कि नई इमारत नई ऊंचाइयों को हासिल करने की दिशा में काम करने के लिए “नए भारत” की आकांक्षाओं और संकल्प को दर्शाती है।.
इंफाल, 30 मई (भाषा)
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जो वर्तमान में मणिपुर का दौरा कर रहे हैं, ने मंगलवार को विभिन्न हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया, जिसकी शुरुआत महिला नेताओं के एक समूह के साथ नाश्ते की बैठक और उनके प्रयासों के तहत प्रमुख हस्तियों के साथ एक अलग बैठक से हुई। हिंसा प्रभावित राज्य में स्थायी शांति लाने के लिए।शाह ने ट्वीट किया, “मणिपुर में महिला नेताओं (मीरा पैबी) के एक समूह के साथ बैठक की। मणिपुर के समाज में महिलाओं की भूमिका के महत्व को दोहराया।एक अलग ट्वीट में, शाह ने कहा, “आज इंफाल में विभिन्न नागरिक समाज संगठनों के सदस्यों के साथ एक उपयोगी चर्चा हुई। उन्होंने शांति के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और आश्वासन दिया कि हम साथ मिलकर मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने का मार्ग प्रशस्त करने में योगदान देंगे।” कल रात इंफाल पहुंचने के बाद शाह ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, कुछ कैबिनेट मंत्रियों, अधिकारियों और कुछ राजनीतिक नेताओं से मुलाकात की।
सूत्रों ने कहा कि शाह मणिपुर के चार दिवसीय दौरे पर हैं, जिस दौरान वह स्थिति का आकलन करने और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए आगे के कदमों की योजना बनाने के लिए कई दौर की सुरक्षा बैठकें करेंगे।कर्नाटक में चुनाव व्यस्तता के बाद और लगभग संसद भवन की ने लोकार्पण की आड़ में कर्नाटक चुनाव हारने के बाद राज्याभिषेक पश्चात लगभग शो मणिपुर के नागरिकों की मृत्यु उपरांत गृहमंत्री मणिपुर पहुंचकर बैठक मणिपुर की दंगा ग्रस्त हालात पर बैठक लिए.

