शहडोल में माफिया राज; रेत खदान की नई नीति….

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शहडोल मेंMadhya Pradesh River Sand Mining 2019: Rivers mined Dry; Govt not bothered  – SANDRP माफिया राज को अब नीतिगत तरीके से स्थापित किया जाएगा. आदिवासी विशेष क्षेत्रों में माफिया राज को संगठित तरीके से स्थापित करने वाली रेत खदान की नई नीति पर अब खदानों को 5 वर्ष के लिए माफियाओं को ठेकेदार के रूप में स्थापित किया जाएगा. इस आशय के निर्देश जारी कर दिए गए हैं पिछले 3 वर्ष के अनुभव में हमने पाया है क्या अपसर.. क्या पुलिस और क्या ठेकेदार… सब एक सिस्टमैटिक तरीके से रेत माफिया गिरी का अनुगमन कर रहे थे.. ऐसा नहीं है कि प्रशासन ने इस को चिन्हित नहीं किया वकायदे 56 गाड़ियों को एक साथ पकड़ कर प्रशासन ने मुहर भी लगाया की ठेकेदार के आड़ में माफिया स्थापित तरीके से पूरे सिस्टम को भ्रष्ट करके खुली लूट का धंधा करता है. तथाकथित मैनेजर जो चिन्हित अपराधी भी हैं वह अपराध के बाद उसी तरह से संरक्षित हो जाते हैं जैसे कि बृजभूषण सिंह को बलात्कार और पोक्सो एक्ट में आरोपी  बनाए जाने के बाद भी संरक्षित किया गया है तो क्या यह पूरी तरह से नीतिगत तरीके से आदिवासी विशेष क्षेत्रों को लूटने की योजना स्थापित कर दी गई है…? तो आइए देखें क्या नीतियां नए तरीके से बनाई गई हैं

रेत खनन पर स्थानीय श्रमिकों की अनिवार्यता समाप्त
भोपाल मध्य प्रदेश रेत खनन, परिवहन, भंडारण प्रदेश सरकार पूर्व की तरह अब खनिज निगम से रेत के ठेके नीलाम
कराएगी। इसके लिए खनिज निगम को दस साल के लिए रेत खदानें पट्टे पर दी जाएंगी। निगम इन रेत खदानों को पांच-पांच साल के लिए नीलामी करेगा। इतना ही नहीं Madhya Pradesh River Sand Mining 2019: Rivers mined Dry; Govt not bothered  – SANDRPअब नदियों में रेत खनन के कार्य में स्थानीय श्रमिकों की नियुक्ति जरुरी
नहीं होगी। दरअसल, पहले प्रविधान था कि नर्मदा नदी के अलावा अन्य नदियों में पांच हेक्टेयर क्षेत्रफल की खदानों में से रेत खनन, लोडिंग एवं भंडारण स्थानीय श्रमिकों की समिति से कराया जाएगा और पांच हेक्टेयर से अधिक की रेत खदानों
में स्थानीय श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य सरकार ने मध्य एवं व्यापार नियम 2019 में बदलाव कर इसकी अनिवार्यता समाप्त करदी है।

राज्य सरकार को रेत ठेकों से नौ सौ करोड़ रुपये आय होती है, लेकिन ठेके पांच साल के लिए करने पर अब यह आय बढ़कर12 सौ करोड़ रुपये होगी। इसके लिए नियमों में बदलाव किया गया है और तीन साल की जगह पांचसाल के लिए ठेके दिए जाएंगे।Riverbed Mining India 2021 Overview: Govts' Changing Policies to Mine  Revenues – SANDRP तीन साल बाद यही ठेके ठेकेदार को 10 प्रतिशत राशि बढ़ाकर दो साल के लिए और दे दिए जाएंगे।खनिज निगम ही रेत खदानों की सभी वैधानिक अनुमतियां प्राप्त कर रेत के ठेकों की नीलामी करेगा। ठेकेदार को कोई वैधानक अनुमतियांनहीं लेनी होगी।


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