सरकारी समाचार :: दमोह धर्मांतरण की गंभीर घटना-मुख्यमंत्री

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भोपाल :MP News: Vidisha mein Missionary School mein bachchon ke kathit dharmantaran  par gahraya vivad, hindu sangathanon ne kiya hugama:MP News: विदिशा में  मिशनरी स्कूल में बच्चों के कथित धर्मांतरण पर गहराया ...मुख्यमंत्री श्री  चौहान ने कहा है कि दमोह की गंभीर घटना पर रिपोर्ट आ रही है। दो बेटियों ने बयान दिए हैं, उन्हें बाध्य किया गया है। यह बहुत गंभीर मामला है, प्रकरण में एफ.आई.आर होगी और कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। भोले-भाले मासूम बच्चे जिन्हें समझ ही नहीं है, उन्हें पढ़ाई के लिए बुलाकर यदि इस ढंग का प्रयत्न किया जाता है, तो हम किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिनके ऐसे इरादे हैं वे कठोरतम दंड पाएंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कुछ जगह धर्मांतरण के कुचक्र चल रहे हैं। हम इन्हें कामयाब नहीं होने देंगे, पूरे प्रदेश में जाँच के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षण संस्थाओं में चल रही संदिग्ध गतिविधियों को चेक किया जाएगा।

कटनीधर्म व संस्कृति से जनजातियों को जोड़कर रखने के लिए वनवासी चरित्रों पर आधारित लीलाओं के मंचन के समापन दिवस पर मंगलवार की शाम जाग्रति पार्क मे लछमन चरित की प्रस्तुति की गई। जिसे दर्शकों की खूब वाह-वाही मिली।     इस वनवासी लीला के तहत भगवान राम, लछमन, सीता के साथ-साथ पांडवों को भी शामिल किया गया था। राम-लछमन व सीता की सहायता के लिए 5 पांडव भी तत्पर दिखाई दिए। लछमन विवाह के लिए इंद्र लोक की कामिनी द्वारा की गईं तांत्रिक लीलाओं का मंचन देखकर दर्शक मुग्ध हो गए।  वनवासी लीला गौंड जनजाति की कल्पना के आधार पर थी। इसके अनुसार गौंड भगवान राम को जहां सर्वव्यापी मानते हैं, वहीं लछमन को अपना आराध्य मानते हैं।   

नई दिल्ली  पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी समसामियिकी 2 (29-July-2020)बंदर कोयला खदान को  आवंटन की सूची से बाहर किया गया(Bandar coal mine excluded from the list of  allotments) प्रधानमंत्री  मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने आज 2980 करोड़ रुपये के अनुमानित व्यय के साथ केंद्रीय क्षेत्र की योजना, ‘कोयला और लिग्नाइट अन्वेषण योजना’ को 2021-22 से 2025-26 तक अर्थात 15वें वित्त आयोग चक्र के साथ सह-समाप्ति तक जारी रखने की मंजूरी दी।इस योजना के तहत, कोयला और लिग्नाइट के लिए अन्वेषण दो व्यापक चरणों में किये जाते हैं: (i) प्रचार संबंधी (क्षेत्रीय) अन्वेषण और (ii) गैर-कोल इंडिया लिमिटेड ब्लॉकों में विस्तृत अन्वेषण। क्षेत्रीय अन्वेषण के अंतर्गत लगभग 1300 वर्ग किमी क्षेत्र और विस्तृत अन्वेषण के अंतर्गत लगभग 650 वर्ग किमी क्षेत्र को कवर किया जाएगा। इन अन्वेषणों के माध्यम से तैयार की गई भूवैज्ञानिक रिपोर्ट का उपयोग, नए कोयला ब्लॉकों की नीलामी के लिए किया जाता है और इसके बाद सफल आवंटियों से इसकी लागत प्राप्त की जाती है।


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