हमारा रिश्ता सिर्फ सरकारों तक सीमित नहीं-राष्ट्रपतिबाइडन

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वाशिंगटन, 22 जून (भाषा)भारत-अमेरिका को विकास की गति को बनाए रखने के लिए ‘प्रतिभाओं’ की जरूरत: मोदी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षा तथा कार्यबल को लेकर भारत और अमेरिका की साझा प्राथमिकताओं को रेखांकित करने के लिए यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि विकास की गति को बनाए रखने के वास्ते दोनों देशों को ‘कुशल प्रतिभाओं का विकसित करने’ की जरूरत है।.मोदी ने कहा, ‘‘मैं वास्तव में खुश हूं कि मुझे यहां युवा तथा रचनात्मक सोच वाले लोगों के साथ बातचीत करने का अवसर मिला। भारत एनएसएफ के साथ मिलकर कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है। मैं इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्रथम महिला जिल बाइडन का शुक्रिया अदा करता हूं।’’ .प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के कौशल मिशन के बारे में बताते हुए कहा कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा, कौशल तथा नवाचार का होना जरूरी है और भारत ने इस दिशा में काम किया है।.अमेरिका में प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए प्रथम महिला ने कहा, ‘‘इस राजकीय यात्रा के साथ हम दुनिया के सबसे पुराने तथा दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों को एक साथ ला रहे हैं। हमारा रिश्ता सिर्फ सरकारों तक सीमित नहीं है। हम उन परिवारों तथा दोस्ती का जश्न मना रहे हैं जो दुनिया भर में बसे हैं, जो हमारे दोनों देशों के बीच संबंधों को महसूस करते हैं।’राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 21 से 24 जून को अमेरिका की यात्रा पर हैं।.

 

जम्मू, 22 जून (भाषा) Article 370 was temporary but lasted for 70 years: Vice President Dhankharजम्मू-कश्मीर में संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद से लोग खुश हैं, इस पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने गुरुवार को कहा कि यह अनुच्छेद अस्थायी था लेकिन फिर भी 70 वर्षों तक कायम रहा।उन्होंने यह भी कहा कि बी आर अंबेडकर ने संविधान के अन्य अनुच्छेदों का मसौदा तैयार करते समय अनुच्छेद 370 का मसौदा तैयार करने से इनकार कर दिया था।धनखड़ ने एक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा, “मैं 20 साल से इसकी वकालत कर रहा था। यह एक विपथन था। संविधान के पाठ पर जाएं और देखें कि यह अनुच्छेद एक अस्थायी अनुच्छेद के रूप में रखा गया था। यह पिछले 70 वर्षों तक चला।”

नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के सांसद विनय विश्वम ने आरोप लगाया है कि भारतीय रिजर्व बैंक के उस परिपत्र से देश के वित्तीय संस्थानों की स्थिरता खतरे में पड़ जाएगी जिसके तहत दबाव वाली संपत्तियों से अधिकतम वसूली के लिए बैंकों को धोखाधड़ी वाले खातों और इरादतन या जानबूझकर चूक के मामलों का निपटारा समझौते के जरिये करने की मंजूरी दी गई है।.वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे पत्र में कहा कि इरादतन चूककर्ता व्यक्तियों और इकाइयों को समझौते का रास्ता देकर जिम्मेदारी के साथ ऋण प्रदान करने के बुनियादी सिद्धांतों और कर्ज लेने वालों की जवाबदेही को कमतर किया गया है।.

 


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