प्रधानमंत्री 1 जुलाई सांय 5 बजे शहडोल के पकरिया गांव में

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नई दिल्ली-MP News: शहडोल दौरे पर रहेंगे प्रधानमंत्री, आदिवासियों के साथ करेंगे भोजन, जानिए PM की थाली में क्या होगा खास, mp-assembly-election-2023-pm-modi-visit-shahdol-kodo-kutki ...प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी 1 जुलाई, 2023 को मध्य प्रदेश का दौरा करेंगे।प्रधानमंत्री दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे शहडोल में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां वह राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन की शुरुआत करेंगे। वह लाभार्थियों को सिकल सेल जेनेटिक स्टेटस कार्ड भी वितरित करेंगे।

इस मिशन का उद्देश्य विशेष रूप से जनजातीय आबादी के बीच सिकल सेल रोग से उत्पन्न गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करना है। यह लॉच  2047 तक एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में सिकल सेल रोग को समाप्‍त करने के सरकार के जारी प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा। राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन की घोषणा आम बजट 2023 में की गई थी। इसे देश 17 उच्च केंद्रित राज्‍यों – गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, असम, उत्तर प्रदेश, केरल, बिहार और उत्तराखंड के 278 जिलों में कार्यान्वित किया जाएगा।प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश में लगभग 3.57 करोड़ आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) कार्डों के वितरण का भी शुभारंभ करेंगे। आयुष्मान कार्ड वितरण कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश भर के शहरी निकायों, ग्राम पंचायतों और विकास प्रखण्डों में किया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड वितरण अभियान कल्याणकारी योजनाओं की शत-प्रतिशत परिपूर्णता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक लाभार्थी तक पहुंचने के प्रधानमंत्री के विजन को साकार करने की दिशा में एक कदम है।Why Modi govt is on Adivasi push as spate of Bills to revise ST list in Parliament - India Hindi News - आदिवासियों पर क्यों है मोदी सरकार का फोकस? एक के

कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री रानी दुर्गावती को सम्मानित करेंगे, जो 16वीं सदी के मध्य में गोंडवाना की शासक रानी थीं। उन्हें एक वीर, निर्भीक और साहसी योद्धा के रूप में स्‍मरण किया जाता है, जिन्होंने मुगलों के विरूद्ध स्‍वतंत्रता की लड़ाई लड़ी थी।एक अनूठी पहल के रूप में  प्रधानमंत्री सांय लगभग 5 बजे शहडोल जिले के पकरिया गांव का दौरा करेंगे और जनजातीय समुदाय, स्वयं सहायता समूहों के अग्रणी व्‍यक्तियों, पेसा {(पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996} समितियों के नेताओं और ग्राम फुटबॉल क्लब कप्तानों के साथ परस्‍पर बातचीत करेंगे।

 

दिल्ली विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने आज दिल्ली विश्वविद्यालय के खेल परिसर के बहुउद्देशीय हॉल में दिल्ली विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह के समापन कार्यक्रम को संबोधित किया।प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र, समानता और आपसी सम्मान जैसे भारतीय मूल्य मानवीय मूल्य बन रहे हैं, जो सरकार और कूटनीति जैसे मंचों पर भारतीय युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि इतिहास, संस्कृति और विरासत पर ध्यान केंद्रित करने से युवाओं के लिए नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में स्थापित किए जा रहे जनजातीय संग्रहालय तथा पीएम म्यूजियम के माध्यम से स्वतंत्र भारत की विकास यात्रा का उदाहरण दिया।दिल्ली विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में बोले पीएम मोदी- भारत के युवाओं पर बढ़ा विश्व का भरोसा, विकसित भारत हमारा लक्ष्य उन्होंने इस बात पर भी प्रसन्नता व्यक्त की कि दिल्ली में विश्व का सबसे बड़ा विरासत संग्रहालय ‘युगे युगीन भारत’ भी बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री ने भारतीय शिक्षकों की बढ़ती मान्यता को भी स्वीकार किया और उल्लेख किया कि कैसे विश्व के नेताओं ने अक्सर उन्हें अपने भारतीय शिक्षकों के बारे में बताया है। उन्होंने कहा, “भारत की यह सॉफ्ट पावर भारतीय युवाओं की सफलता की कहानी बन रही है।” उन्होंने विश्वविद्यालयों से इस विकास के लिए अपनी मानसिकता तैयार करने को कहा। उन्होंने इसके लिए एक रोडमैप तैयार करने के लिए कहा और दिल्ली विश्वविद्यालय से कहा कि जब वे 125वां वर्ष मनाएंगे, तो उन्हें विश्व के शीर्ष रैंकिंग विश्वविद्यालयों में शामिल होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भविष्य बनाने वाले नवाचार यहां किए जाएं, विश्व के सर्वश्रेष्ठ विचार और नेता यहां से निकलें, इसके लिए आपको लगातार काम करना होगा।प्रधानमंत्री ने संबोधन का समापन करते हुए अपने मन और हृदय को उस लक्ष्य के लिए तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया जो हमने जीवन में अपने लिए निर्धारित किया है। उन्होंने रेखांकित किया कि किसी राष्ट्र के मन और हृदय को तैयार करने का दायित्व उसके शैक्षणिक संस्थानों द्वारा पूरी की जानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली विश्वविद्यालय इस यात्रा को आगे बढ़ाते हुए इन संकल्पों को पूरा करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारी नई पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार होना चाहिए, चुनौतियों को स्वीकार करने और उनका सामना करने का स्वभाव होना चाहिए, यह केवल शैक्षणिक संस्थान के विजन और मिशन के माध्यम से ही संभव है।इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति श्री योगेश सिंह भी उपस्थित थे।


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