
शहडोल-
संभागकमिश्नर राजीव शर्मा के शहडोल संभाग में फुटबाल क्रांति प्रारंभ किया गया। जिनके प्रयासों से फुटबाल एकेडमी फीडर सेन्टर (एकेडमी) विचारपुर में स्थापित हुआ। मध्यप्रदेश शासन संचालनालय खेल और युवा कल्याण विभाग म.प्र., भोपाल के व्दारा फुटबाल फीडर सेन्टर, विचारपुर विकासखण्ड, सोहागपुर, जिला-शहडोल के लिये फीडर सेन्टर फुटबाल प्रशिक्षक के पद पर सुश्री लक्ष्मी सहीस पिता स्व. बालकरण सहीस, निवासी-विचारपुर की नियुक्ति की गयी है। सुश्री लक्ष्मी सहीस राष्ट्रीय स्तर की खिलाडी हैं। इनके व्दारा शालेय एवं ओपन में 09 बार राष्ट्रीय स्तर पर खेला गया है। इनके व्दारा फुटबाल खेल का अभ्यास नियमित रूप से विचारपुर में दिया जाता था। अब उसी खेल मैदान में प्रशिक्षक के पद पर नियुक्त होने से ग्रामवासी व खिलाड़ी उत्साहित हैं। लक्ष्मी सहीस व्दारा आज श्री शर्मा, कमिश्नर, शहडोल संभाग महोदय व डी.सी. सागर, ए.डी.जी.पी. शहडोल जोन से मुलाकात कर शुभकामनायें व आशीर्वाद प्राप्त किया।
शहडोल
कमिश्नर शहडोल संभाग राजीव शर्मा की पहल पर आज शहडोल जिले के ग्राम पंचायत पकरिया में सूखे कुएं में जल पुर्नभरण, संरचना के निर्माण से शहडोल संभाग मंे जल क्रांति अभियान की शुरूआत की गई। जल क्रांति अभियान के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए कमिश्नर ने कहा कि शहडोल संभाग में चलाया जा रहा जल क्रांति अभियान शासकीय अभियान है इस अभियान का उददेश्य सूखे कुएं, तालाबांे, खेतों को जल समृद्ध बनाना है। कमिश्नर ने कहा कि हम निरंतर धरती के जल का मनमाने तौर पर दोहन कर रहे है किन्तु धरती के अंदर पानी डालने का प्रयास नही कर रहे है जिसके कारण धरती की गर्मी बढ़ रही है, नदियां सूख रहे है, ग्लेशियर पिघल रहे है, हमारी नदियां कल-कल बहती रहे, हमारे झरने झरते रहे, तालाबों और खेतों में पानी भरा रहें, इसके लिये हमें कुओं, तालाबों और खेतों में पानी भरना होगा। उन्होंने कहा कि कुओं, तालाबों और खेतों में पानी भरना आवश्यकता ही नही मजबूरी भी है। कमिश्नर ने कहा कि धरती को बचाने का एक ही उपाय है हम पानी को रोके, पानी को बचाएं और जल संरक्षण और संवर्धन करें। उन्होंने लोंगो से अपील करते हुए कहा कि इस मानव धर्म के महायज्ञ में सभी अपनी भागीदारी निभाएं। जल पुर्नभरण पर ग्राम पंचायत पकरिया में कृषि विभाग के सौजन्य से आयोजित कार्यशाला में कमिश्नर नें किसानोें को जल पुर्नभरण की तकनीक सिखाते हुए कहा कि जल पुर्नभरण की तकनीक बहुत ही साधारण है जिसे हर किसान सीख सकता है और अपने खेतों, कुओं और तालाबों में पानी को रोक सकता है। उन्होंने कहा कि जीवन के लिए पानी जरूरी है। शहडोल संभाग के सभी निर्जीव कुएंे और तालाब इस अभियान से पुर्नजीवित होंगे जिसका लाभ शहडोल संभाग के लोंगो को मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान में शहडोल संभाग के सभी लोंगो को शामिल होकर इस पवित्र कार्य केा मूर्त रूप देना होगा। कार्यशाला को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हिमांशु चंद्र ने सम्बोंधित करते हुए कहा कि शहडोल जिले के बुढार क्षेत्र में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए 29 अमृत सरोवर तालाब बनाए गए है जिसके अपेक्षित परिणाम मिल रहे है, मनरेगा योजना में खेत तालाब योजना भी बनाए गए है जिससे वाटर रिचार्जिग में सहयोग मिल रहा है।

