
बिंध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिलोकीनाथ ने कहा विंध्य धारा में यह सौभाग्य है जहां मदिरा मदमस्त मदिरा ने पेशाब कांड ने लोकतंत्र के आधुनिक राजनीतिक धर्म का उत्थान किया है जबकि मध्यप्रदेश के शिवपुरी में आर्यपुत्र विकास शर्मा को जब दलितों ने पेशाब लोटे में डालकर पिलाई तब वह है इस घटना को निंदनीय मानकर विकास आत्महत्या कर लिया था जबकि इसी प्रकार की घटना को कर्मठ राजनैतिक कार्यकर्ता जो लंबे अनुभव से शराब पीकर सिगरेट के धुए में अपने पेशाब को प्रवाहित किया उससे नए राजनीतिक धर्म का प्रादुर्भाव हुआ है इसलिए इस दुर्दांत कारी आपदा पूर्ण घटना को हम अवसर के रूप में बदलते हुए तत्काल नई व्यवस्थाओं का सृजन करते हैं इस हेतु ्कैबिनेट की बैठक हुई ।जिसमें आगामी चुनाव के मद्देनजर निर्वाचन अधिकारियों को मतदान स्थलों का निरीक्षण और सुलभता हेतु तैयारी करने के निर्देश दिए गए ।
बैठक में विंध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिलोकी नाथ ने कहा विंध्यधरा क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण तथा विशेष प्रावधान लागू होने से जनजाति समाज के उत्थान के लिए तमाम प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा पिछले दिनों अरबों रुपए खर्च करके जनजाति समाज के लिए भव्य उत्सव पकरिया में मनाया गया है किंतु दुर्भाग्यवश जिस प्रकार से जनजाति समाज के किस्मत कोल के ऊपर राजनीतिक कर्मठ कार्यकर्ता अपयस शुक्ला महान मदिरा का सेवन करने के पश्चात सिगरेट के धुए के धुंध में पेशाब करके जिस लोकतांत्रिक घटना का प्रकट किया है उससे किस्मत कोल जो दलित समाज का है उसकी दीनता और दया दृष्टि को देखते हुए किस्मत कोल को चुनाव तारणहारा का एवार्ड पारित किया जाए। और उसे हमारे राजमहल में बुलाकर चरण पखारते हुए
उसकी तमाम चरणामृत को बहुत कम मूल्य में डाक के जरिए घर-घर पहुंचाया जाए। जिससे विंध्य प्रदेश के राजस्व की आय भी सुनिश्चित होगी और लोक कल्याण की महान हिंदुत्व की नवीन सांस्कृतिक भावना का जागरण होगा।
मुख्यमंत्री त्रिलोकीनाथ ने कहा चुनाव तारणहार किस्मत कोल का उस घटनास्थल को चिन्हित कर भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा जहां पर किस्मत कोल का उनके जीते जी मूर्ति स्थापित की जाएगी तथा विशेष रुप से चुनाव तक हर पखवाड़े में भजन कार्यक्रम होगा और चरणामृत के जरिए लोक भावना को पवित्र किया जाएगा । मंदिर से होने वाली आमदनी को किस्मत कोल कल्याण बोर्ड बनाकर लोकहित निश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री त्रिलोकीनाथ में कहा मंदिर 3000 करोड़ पर के बजट से निर्मित कर उसे भव्य पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। मंदिर निर्माण के लिए भी गुजरात की महान कारीगरों को ठेका दिया गया है। जिन्होंने महालोक और राम मंदिर का निर्माण भी किया।
कहा गया है कि जिस प्रकार से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने चरण पखारे अथवा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरण पाखर के उदाहरण पेश किए हैं। इन घटनाओं की भी मूर्तियों का निर्माण कराकर मंदिर के प्रांगण में लोकहित में प्रदर्शन हेतु रखा जाएगा ताकि आम जनमानस चुनाव तारणहार किस्मत कोल के प्रादुर्भाव के साथ अन्य घटनाक्रमों को भी उदाहरण के रूप में देख सकें और भविष्य की राजनीति के लिए उदाहरण तय कर सके।
उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर के मध्य में उस महान घटना की मूर्ति अत्याधुनिक तकनीकी तरंगों के साथ प्रदर्शित किया जाए जिससे विंध्यप्रदेश की जनता जनार्दन को
दुर्दांत शराबी अपयश शुक्ला सिगरेट पीते हुए उसके धुए के दौरान पेशाब के प्रवाह से किस्मत कोल के प्रादुर्भाव का चित्रण होगा, ताकि जनता जनार्दन इस घटना को भूले ना पाए ।
साथ ही घटना के मद्देनजर एक कलयुग ग्रंथ का भी विमोचन किया जाएगा जिसमें “लोकतंत्र के हिंदुत्व का कलियुगी मनुवाद” के मूल सिद्धांतों का सूत्र रचना किये जाएंगे और हिंदुत्व के उन तमाम घटनाक्रमों जो लोकतंत्र कि प्रसव पीड़ा में “आधुनिक विकासवादी कलयुगी मनुवाद” के लिये जरूरी है उनका चित्रण होगा ।
व लखनऊ में राजकोस से जिस तरह विशाल चुनाव चिन्ह हाथियों का तथा नेताओं की मूर्तियों की स्थापना की गई है उसी तरह बनने वाले किस्मत कोल के परिवार के सदस्यों की भी मूर्तियों का निर्माण कराया जाएगा।
प्रदेश की कैबिनेट में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया अपजस शुक्ला के परिवार के साथ पूरे रिश्तेदारों के तमाम निर्मित मकानों को तोड़ दिया जाए व उन्हें किस्मत कोल की पूजा आराधना का काम दे दिया जाए ताकि उनकी अजीबका का भरण पोषण निर्विघ्न होता रहे। इस तरह इस महान पेशाब कांड के प्रवाह के घटनाक्रम को सजीव बनाकर लोकतंत्र के मंदिर वोट डालने की प्रक्रिया तक निरंतर इसका प्रचार प्रसार भी सुनिश्चित किया जाए। और आगामी चुनाव में किस्मत कोल का नाम लेकर वोट डाला जाए।
मुख्यमंत्री त्रिलोकीनाथ में उपस्थित जनसंपर्क मंत्री से कहा जिस तरह मध्य प्रदेश की सरकार ने
लाडली बहना योजना में ₹1000 देकर हर माह उन्हें गौरवशाली तरीके से याद रखने के लिए प्रेरित करती है उसी तरह विंध्यप्रदेश सरकार प्रतिदिन इसे याद रखने के लिए प्रचार प्रसार नियमित रखा जाए। चुनाव तारणहार किस्मत कोल के मंदिर के सुरक्षा और संरक्षण के लिए हिंदुत्व के तमाम कार्यकर्ताओं को नियमित रूप से ड्यूटी में कर्तव्यनिष्ठ तरीके से उपस्थित रहने का भी प्रस्ताव पारित किया गया है। ताकि इस नए“आधुनिक विकासवादी कलयुगी मनुवाद” धर्म का जिसे लोकतंत्र का राजनीतिक धर्म माना जाए व प्रबलप्रवाह हिंदू राष्ट्रवाद के प्रतीक चिन्ह के रूप में इसे माना जाए इस पर कोई कोताही ना हो। (इस पटकथा में सभी चरित्र काल्पनिक और उद्धरण संयोग मात्र है)





