
शहडोल|
शहडोल में पेसा एक्ट लागू करने की लिए स्वयं भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शहडोल के लालपुर में आई थी तब आशा यह थी सब कुछ बदल जाएगा ,आदिवासियों के साथ होने वाला शोषण का इतिहास अब खत्म हो जाएगा किंतु राष्ट्रपति जी के स्वयं आने के बाद भी शहडोल आदिवासियों के शोषण और दमन का कलंक बनता जा रहा है. इस हेतु शहडोल कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए ग्राम पंचायत मैकी मैं आदिवासियों की जमीन हड़प कर दिए जाने और ऊपर से गुंडागर्दी करने की शिकायत की गई है . बताया जाता है कि मामले में दबंग और बड़े लोग जो सत्ता को मैनेज करके रखते हैं उनकी होने के कारण मैकी के अनुसूचित जनजाति समाज के गांव वाले अपनी जमीनों में हक नहीं पा रहे हैं। इसी तरह ग्राम पंचायत जमुआ में नेमचंद जैन द्वारा जानबूझकर आदिवासियों की जमीन पर अपने नाम पर परिवर्तन करा दिया है. जबकि उसे मालूम था कि यह जमीन आदिवासियों की है .इसी तरह ग्राम गोरतरा सिन्हा बंधुओं ने माफिया गिरी करके आदिवासियों की जमीनों पर हेराफेरी की है और सवर्णों को बेच रहे हैं.
ग्राम पंचायत के आदिवासियों का एक बड़ा सा ज्ञापन में विस्तार से अपनी बात करता है .उनके अनुसार मूलपुस्तौनी निवासी है हम विगत 100 वर्षो से उक्त ग्राम पंचायत में मैकी में हमारे पूर्वज निवास करते रहे है और वर्तमान समय पर हम लोग सब प्रार्थी गण ग्राम पंचायत मैकी में जीवन यापन कर कृषि कार्य करके बसर कर रहे है तथा ग्राम पंचायत मैकी की आराजी 736 एकड33 डि. भूमि भाईया बहादुर इलाके दार सोहगपुर द्वारा न्यायलय नायब तहसीलदार सोहगपुर विध्यप्रदेश प्र क्र. 327 / 51-52 आवेदक रामरतन गुप्ता वल्द बिहारी लाल गुप्ता बनाग गरीब बल्द बदन कुम्हार बगै. से प्राप्त हुई थी जिसमें वर्ष 1952 से हम सब प्रार्थीगण को रामरतन गुप्ता द्वारा ग्राम पंचायत मैकी की 140 एकड आराजी हम लोगो को दिये थे तब से हम लोग उक्त आराजी पर घर मकान बारी बनाकर कृषि कार्य करके जीवन यापन कर रहे है।
भू माफिया के द्वारा हम सब प्राथीगण को फर्जी राजस्व अभिलेख में बने भूमिस्वामी की ओर से आकार हमारे ग्राम में जबरन भूमि कब्जा किये जाने का प्रयास किया गया जिसमें बाद विवाद लाडई झगडा जाति गत अपमानित किये जाने का कृत्य बंदूक पिस्टल लेकर डरवाया धमकाया गया था जिस पर श्री मान अतिरिक्त पुलिस महानिर्देशक महोदय संभाग शहडोल द्वारा निरिक्षण घटना स्थल का पुलिस बल की मौजूदगी में तहसीलदार सोहगपुर राजस्व निरक्षक सोहागपुर हल्का पटवारी मैकी सम्पूर्ण जनता मैकी के समक्ष्य घटना स्थल निरिक्षण किये जाने के पश्चात थाना सोहागपुर में दिनांक 21/02/2023 को आपराध क्रमाक 107/2023 अपराध धारा 294,506,427,452 IPC एवं 3(1) (द) एवं 3(1) (ध ) एवं 3(1) (VA) 3(2) (V) 34 के तहत ST SC एक्ट का अपराध अनिल कुमार सिंह , दिलीप अग्रवाल , सादिक खान , हेमराज महोबिया के विरुद्ध अपराध दर्ज हुआ था माननीय न्यायलय द्वारा विशेष शर्तो पर उक्त आरापियो को जमानत पर रिहा दिनांक 26/06/2023 को किया गया था। लेकिन उक्त आरोपी भूमाफिया के द्वारा जमानत शर्तों का उल्लंधन करते हुए विक्रय पत्र पंजीयन किया।
उक्त आराजी पर ग्राम पंचायत मैकी की आपत्ति दर्ज थी कि बिना ग्राम पंचायत मैकी से अनापत्ति प्रमाण पत्र के पश्चात ही पंजीयन किया जाये और श्री मान आयुक्त महोदय संभाग शहडोल द्वारा 2008-09 में आदेश पारित किया था कलेक्टर एवं उपपंजियक सोहागपुर एवं जिला पंजीयक शहडोल को की म.प्र. राज्य के बाहर का कोई भी व्यक्ति आदिवासी जिले में भूमि क्रय करता है तो श्री मान कलेक्टर महोदय शहडोल के न्यायलय से म.प्र. भू राजस्व संहिता की धारा 165 (6) के तहत आवेदन देकर भूमि विक्रय की अनुमति लेकर पंजीयन किये जावेगा।
सब प्राथीगण आदिवासीयो के चोरी छुपे बिना श्री मान कलेक्टर शहडोल अनुमति के बगैर पंजीयन विधि विरुद्ध कर दिया गया है मौके पर भूमाफिया बंदूक पिस्टल भी रखे थे बोले की यदि इस भूमि को खाली करके इस गॉव से पलायन नही करोगे तो तुम लोगो को जान से खत्म कर देगे तब उनके द्वारा दी गई जाने लेवा धमकी एवं हम सब आदिवासी भाईयो का जीवन घुट घुट को जीवन जीने का मजबूर करने वाले भूमाफियो के विरुद्ध अपराध पंजीबंध किया जाये
शहडोल जिला आदिवासी बाहुल्य जिला है भारतीय संविधान की 5वी अनुसूचि लागू है और पेशा एक्ट का कानून भी म.प्र. सरकार द्वारा लागू किया गया है फिर भी आदिवासियो को उनके घर या भूमि से पलायन करने के लिये क्यो भूमाफिया मजबूर कर रहे है गोरतरा में हालात तू इस प्रकार के भी हैं कि एक ही जमीन को दो बार इंट्री करा कर उसको बिक्री कर दी गई है जिससे सरकारी रकवा भी प्रभावित हुआ है और भूमाफियाओ को प्रशासन का संरक्षण है इस कारण आय दिन भूमाफिया आपराधिक कृत्य कर रहे है और .लोगों ने आकांक्षा की कि राष्ट्रपति जी के हस्तक्षेप के बाद कुछ परिस्थितियां बदल लेंगे किंतु शहडोल में अभी दिल्ली दूर है क्योंकि पेसा एक्ट पर कोई निर्णय नहीं हो रहे…?

