
आइजोल, 20 जुलाई (भाषा) 
क्या फर्क पड़ता है सांसद बृजभूषण सिंह गत 6 माह से युवा पहलवानों के द्वारा यौन प्रताड़ना केअपराधिक थाने में शिकायतें दर्ज हो अथवा दूरस्थ मणिपुर राज्य में महिलाओं को निर्वस्त्र करके सार्वजनिक रूप से परेड कराया जाता है… भारत का अमृत काल है बहरहाल विष काल का पर्यायवाची बन चुका अमृत काल की नई तस्वीरें आई है इस पर गर्व करें क्या शर्म….? यह भी सरकार को अधिसूचना के जरिए घोषित करना चाहिए…
नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) मणिपुर के एक गांव में मई महीने में दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमाने की घटना पर देशभर में व्याप्त आक्रोश के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस घटना से 140 करोड़ देशवासियों को शर्मसार होना पड़ रहा है। वहीं, उच्चतम न्यायालय ने इसे ‘‘पूरी तरह अस्वीकार्य’’ बताया।.मणिपुर पुलिस ने सेनापति जिले के एक गांव में दो जनजातीय महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने और भीड़ द्वारा उनसे छेड़छाड़ किए जाने संबंधी चार मई की घटना के वीडियो में नजर आ रहे मुख्य आरोपियों में से एक को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।.
मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान
साथियों,आज जब मैं आपके बीच आया हूं इस लोकतंत्र के मंदिर के पास खड़ा हूं तब मेरा ह्दय पीढ़ा से भरा हुआ है, क्रोध से भरा हुआ है मणिपुर की जो घटना सामने आई है किसी भी सभ्य समाज के लिए ये शर्मसार करने वाली घटना है। पाप करने वाले, गुनाह करने वाले कितने है, कौन है वो अपनी जगह पर है लेकिन बेज्जती पूरे देश की हो रही है, 140 करोड़ देशवासियों को शर्मसार होना पड़ रहा है। मैं सभी मुख्यमंत्रियों से आग्रह करता हूं कि वो अपने राज्य में कानून व्यवस्थाओं को और मजबूत करें, खासकर के हमारी माताओं, बहनों की रक्षा के लिए कठोर से कठोर कदम उठायें । घटना चाहे राजस्थान की हो, घटना चाहे छत्तीसगढ़ की हो, घटना चाहे मणिपुर की हो। इस देश में हिन्दुस्तान के किसी भी कोने में, किसी की भी राज्य सरकार में राजनीतिक वाद-विवाद से उपर उठकर के कानून व्यवस्था का महात्मय, नारी का सम्मान और मैं देशवासियों को विश्वास दिलाना चाहता हूं किसी भी गुनहगार को बख्शा नहीं जाएगा। कानून अपनी पूरी शक्ति से, पूरी सख्ती से एक के बाद एक कदम उठाएगा। मणिपुर की बेटियों के साथ जो हुआ है इसको कभी माफ नहीं किया जा सकता है।बहुत-बहुत धन्यवाद दोस्तों।
नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) भारतीय गठबंधन के नेताओं ने मानसून सत्र के लिए रणनीति बनाने के लिए गुरुवार को संसद परिसर में मल्लिकार्जुन खड़गे के कक्ष में मुलाकात की और दोनों सदनों में मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की मांग की और उसके बाद चर्चा की।मंगलवार को बेंगलुरु में एक बैठक में अपने समूह का नाम INDIA रखने के बाद 26 दलों के विपक्षी गठबंधन की यह पहली बैठक थी।कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे, जो राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी हैं, ने मांग की कि मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को बर्खास्त किया जाए और जातीय हिंसा प्रभावित पूर्वोत्तर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए।
मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर उनकी परेड कराने का वीडियो सामने आने के एक दिन बाद मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने बृहस्पतिवार को कहा कि ऐसा लगता है कि पड़ोसी राज्य में स्थिति ‘‘बिगड़’’ गयी है और उन्होंने मामले में फौरन कार्रवाई करने की मांग की।.उन्होंने कहा, ‘‘चुप्पी कोई विकल्प नहीं है।’’.
प्रियंका गांधी ने कहा कि, “मणिपुर से आ रही महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं। महिलाओं के साथ घटी इस भयावह हिंसा की घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। समाज में हिंसा का सबसे ज्यादा दंश महिलाओं और बच्चों को झेलना पड़ता है। हम सभी को मणिपुर में शांति के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए हिंसा की एकस्वर में निंदा करनी पड़ेगी। केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री जी आखिर मणिपुर की हिंसक घटनाओं पर आंख मूंद कर क्यों बैठे हैं? क्या इस तरह की तस्वीरें और हिंसक घटनाएं उन्हें विचलित नहीं करतीं?”
मुंबई, 20 जुलाई (भाषा) अभिनेता अक्षय कुमार, संजय दत्त व अभिनेत्री कियारा आडवाणी और उर्मिला मातोंडकर ने मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाए जाने की घटना पर क्षोभ व्यक्त करते हुए इसके दोषियों को कठोर सजा दिए जाने की मांग की है।.चार मई को हुई इस ‘भयानक’ घटना का वीडियो बुधवार को सामने आने के बाद मणिपुर के पहाड़ी क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया है। यह वीडियो एक पूर्वनियोजित विरोध मार्च की पूर्व संध्या पर सामने आया। इंडीजीनियस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) ने अपनी दुर्दशा को बयां करने के लिए बृहस्पतिवार को इस विरोध मार्च का ऐलान किया था।.
इस बीच महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष नेट्टा डिसूजा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि, “मानवता हजारों बार मर गयी। मणिपुर में जो हो रहा है वह गंभीर मानवाधिकार का उल्लंघन है और पूरी दुनिया उसको देख रही है।अगर बीजेपी सरकार महिलाओं को अपमानित होने और शर्मसार किए जाने से नहीं बचा सकती है उसे बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए। राष्ट्रपति शासन लगाने से क्या चीज मोदी को रोक रही है?”
नई दिल्ली:
मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराने के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. महिलाओं को घुमाने वाली वीडियो पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता व्यक्त की और मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने घटना को विचलित करने वाला बताया. मणिपुर की घटना पर टिप्पणी करते हुए सीजेआई ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में इस तरह की घटना बर्दाश्त नहीं की जा सकती है. उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से पूछा है कि इस मामले में क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी जानकारी कोर्ट को दें.
मणिपुर में मानवता पर कलंक लगाता वीडियो – कुकी महिलाओं को निर्वस्त्र कर कराई गई परेडमहिला उत्पीड़न को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब अभी तक न तो राज्य सरकार के पास हैं और न ही केंद्र सरकार के पास। लेकिन वीडियो ने हृदय को विचलित कर दिया है वहीं केंद्र सरकार के निष्ठुर और शर्मनाक संवेदनहीन रवैये को एक बार फिर उजागर किया है।
नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के निवर्तमान प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह की नियमित जमानत याचिका पर फैसला बृहस्पतिवार को शाम चार बजे तक के लिए सुरक्षित रख लिया।.न्यायाधीश ने आरोपी और अभियोजन पक्ष के वकीलों के साथ-साथ शिकायतकर्ताओं की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया।.
महिला पहलवानों से यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपित भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan) को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने आज गुरुवार को उन्हें नियमित जमानत दी है। इससे पहले राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह की नियमित जमानत याचिका पर फिलहाल शाम चार बजे तक के लिए आदेश सुरक्षित रख लिया था।

