
नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘मोदी उपनाम’ वाली टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि के मामले में उच्चतम न्यायालय से राहत मिलने के बाद शुक्रवार को कहा कि सच्चाई की हमेशा जीत होती है।.गांधी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘आज नहीं तो कल, कल नहीं तो परसों सच्चाई की जीत होती ही है। मुझे क्या करना है, उसे लेकर मेरे मन में स्पष्टता है।’’.
राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मानहानि केस में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात की अदालत के फैसले पर रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत का कहना है कि जब तक इस मामले में कोई फाइनल फैसला नहीं हो जाता तब तक सजा पर रोक लगी रहेगी। राहुल गांधी ने इससे पहले गुजरात की मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को सेशन कोर्ट और अहमदाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन वहां से उनको राहत नहीं मिल सकी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि राहुल गांधी की संसद सदस्यता अब बहाल है। वो संसद जा सकते हैं। टॉप कोर्ट का कहना था कि राहुल गांधी के मामले में पूरी सुनवाई के बाद जब तक कोई फैसला नहीं आ जाता तब तक गुजरात की कोर्ट का फैसला अमल में नहीं आएगा।
सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी की तरफ से दलील दी गई कि उनको सजा देने का फैसला बचकाना था। मजिस्ट्रेट ने ये नहीं सोचा कि उनको सजा से सांसदी पर असर पड़ सकता है। वो एक राजनीतिक शख्स हैं। उनका काम है सरकार की आलोचना। इसमें वो ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर सकते जो सामने वाले को अच्छे लगे। अच्छे लोकतंत्र की पहचान ही होती है विपक्ष के नेता की आवाज। लेकिन गुजरात की कोर्ट ने उनको ऐसे सजा दे दी जैसे वो आदतन अपराधी हैं। उन्होंने ये भी नहीं सोचा कि दो साल की सजा देने से उनका राजनीतिक करियर खत्म भी हो सकता है।
राहुल का कहना था कि इस मामले में अदालत उनको दो साल से कम की सजा भी दे सकती थी। लेकिन मजिस्ट्रेट ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने मनमाने तरीके से मानहानि जैसे मामले में अधिकतम सजा दे डाली। उनका कहना था कि गुजरात की कोर्ट के फैसले के बाद उनकी लोकसभा सदस्यता चली गई। वो छह साल तक चुनाव भी नहीं लड़ सकते। उनके पूरे
राजनीतिक करियर पर ही कोर्ट के फैसले से सवाल लग गया। वायनाड काजिक्र कर उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले के बाद वायनाड पर भी असर पड़ा है। लोगों ने उनको संसद में भेजा था। अब उनका कोई प्रतिनिधि नहीं है।23 मार्च 2023 को गुजरात केस चीफ जूडिशियल मजिस्ट्रेट ने राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई थी। हालांकि अदालत ने राहुल गांधी को तुरंत जमानत देते हुए सजा के खिलाफ अपील के लिए 30 दिनों का समय दिया था। उनकी सजा पर भी रोक लगा दी गई थी। 3 अप्रैल को राहुल सजा के खिलाफ सूरत की सेशन कोर्ट में अपील की थी। वहां से राहत न मिलने पर कांग्रेस नेता गुजरात हाईकोर्ट भी गए थे पर राहत नहीं मिल सकी।
चुनाव के दौरान राहुल ने मोदी सरनेम को लेकर की थी टिप्पणी
राहुल गांधी ने 2019 के चुनाव अभियान के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी पर हमलावर होते हुए कहा था कि सारे चोरों के नाम के साथ मोदी क्यों लगा होता है। उन्होंने ललित मोदी, नीरव मोदी का जिक्र करते हुए ये बात कही थी। इसके बाद बीजेपी विधायक ने उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था।
वायनाड (केरल), चार अगस्त (भाषा) केरल के वायनाड लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोदी उपनाम वाली टिप्पणी के संबंध में 2019 के मानहानि मामले में राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का शुक्रवार को स्वागत करते हुए जश्न मनाया।.कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि लोकसभा सचिवालय जल्द ही राहुल गांधी की संसद सदस्यता को बहाल करेगा।.
नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय द्वारा मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगाए जाने के बाद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि यह संविधान की और लोकतंत्र की जीत है तथा यह उम्मीद अभी बाकी है कि न्याय मिल सकता है।.
खरगे ने यहां संवाददाताओं से कहा ‘‘आज खुशी का, बड़ा दिन है। यह सिर्फ राहुल गांधी की ही जीत नहीं है। यह संविधान की जीत है, लोकतंत्र की जीत है, यह वायनाड के लोगों और मतदाताओं की जीत है और भारत की जनता की जीत है। सत्यमेव जयते।’’.
नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘मोदी उपनाम’ वाली टिप्पणी से जुड़े मानहानि के मामले में उच्चतम न्यायालय से राहत मिलने के बाद शुक्रवार को कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, वह भारत की अवधारणा (आइडिया ऑफ इंडिया) की रक्षा करने का अपना कर्तव्य निभाते रहेंगे।.उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘चाहे कुछ भी जाए, मेरा कर्तव्य वही रहेगा। भारत की अवधारणा की रक्षा करना।’’.

