
बेंगलुरु, 18 अगस्त (भाषा) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को कहा कि चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल (एलएम) को चंद्रमा के करीब ले जाने वाली एक ‘डिबूस्टिंग’ प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है और इसकी स्थिति सामान्य है।.लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) से युक्त लैंडर मॉड्यूल 20 अगस्त को दूसरी ‘डिबूस्टिंग’ (गति कम करने की प्रक्रिया) से गुजरेगा, जिसके तहत इसे एक कक्षा में उतारा जाएगा जो इसे चंद्रमा की सतह के बहुत करीब ले जाएगा।.करीब ले जाने वाला डीबूस्टिंग (धीमा करना) ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है और इसका स्वास्थ्य सामान्य है।लैंडर मॉड्यूल जिसमें लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) शामिल हैं, 20 अगस्त को दूसरे डीबूस्टिंग ऑपरेशन से गुजरेंगे, जिसे एक कक्षा में उतारा जाएगा जो इसे चंद्रमा की सतह के बहुत करीब ले जाएगा।
चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग 23 अगस्त को होनी है।इसरो ने कहा, “लैंडर मॉड्यूल (एलएम) का स्वास्थ्य सामान्य है। एलएम ने सफलतापूर्वक एक डीबूस्टिंग ऑपरेशन किया, जिससे इसकी कक्षा 113 किमी x 157 किमी तक कम हो गई। दूसरा डीबूस्टिंग ऑपरेशन 20 अगस्त, 2023 को लगभग 0200 बजे आईएसटी के लिए निर्धारित है।” एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट।14 जुलाई को उपग्रह के प्रक्षेपण के 35 दिन बाद गुरुवार को चंद्रयान-3 का लैंडर मॉड्यूल सफलतापूर्वक प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग हो गया था।
रुपया टूटकर 83.10 प्रति डॉलर के नये सर्वकालिक निचले स्तर पर
नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया एक पैसे की गिरावट के साथ 83.10 (अस्थायी) प्रति डॉलर के अपने नये सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ।.इस गिरावट का कारण घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी का रुख और विदेशी कोषों की निकासी था
गांधीनगर, 18 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को जी20 देशों से प्रौद्योगिकी की समान उपलब्धता की सुविधा देने का आग्रह किया और उनसे जनता की भलाई के लिए नवाचार को सभी के वास्तु सुलभ करने की भी अपील की।.गुजरात की राजधानी गांधीनगर में जी20 स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक को वीडियो लिंक के जरिए संबोधित करते हुए उन्होंने सभी से अगली स्वास्थ्य आपात स्थिति को रोकने, उसके लिए तैयारी करने और प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।.मोदी ने कहा, ‘‘डिजिटल समाधान और नवाचार हमारे प्रयासों को न्यायसंगत व समावेशी बनाने के उपयोगी साधन हैं।’’.उन्होंने कहा, “आइए हम प्रौद्योगिकी की समान उपलब्धता को सुविधाजनक बनाएं। यह पहल वैश्विक दक्षिण के देशों को स्वास्थ्य सेवा वितरण में अंतर को कम करने की अनुमति देगी। यह हमें सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (यूएचसी) प्राप्त करने के हमारे लक्ष्य के एक कदम और करीब ले जाएगा।”.उन्होंने जी20 सदस्यों को बताया कि भारत लोगों की भागीदारी की मदद से वैश्विक समय सीमा से पहले ही क्षय रोग (टीबी) को खत्म कर देगा।

