
सब्जी विक्रेता रामेश्वर ने कहा: राहुल गांधी से मुलाकात ‘कृष्ण और सुदामा के मिलाप’ की तरह थी
नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा)
बाबरी मस्जिद और राम मंदिर के घघोर युद्ध पश्चात अंतत रथ पर सवार तथाकथित राम लालकृष्ण आडवाणी तो बनवास के लिए भेज दिए गए किंतु उनके साथ रहे नरेंद्र मोदी ने राम बनने का जबरदस्त प्रयास किया… सत्ता में आने के बाद और 9 साल बाद वह राम तो नहीं बन सके, बल्कि अपने राजनीतिक जीवन की सत्ता की लड़ाई के अंतिम युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं… किंतु इसी दौर में अचानक गरीबों के प्रतीक के रूप में दक्षिण भारत के रामेश्वरम तो नहीं, किंतु दिल्ली की आजाद मंडी में सब्जी बेचने वाला रामेश्वरम मीडिया के सहारे प्रकट हुआ और उसने घोषित किया कि राहुल गांधी कृष्ण की तरह है और उन्होंने जब उससे मुलाकात की तो उसे लगा कि जैसे कृष्ण-सुदामा का मुलाकात हुआ हो| काल्पनिक घटना नहीं है बल्कि आजादी के अमृत काल में राजनीति में भगवान बनने की कयामत में कृष्ण के अवतार के रूप में रामेश्वरम को राहुल गांधी नजर आते हैं क्या राजनीति इतनी ही दयनीय हालत में पहुंच गई है कि कोई टमाटर की महंगाई से भगवान कृष्ण का प्रकट हो जाता है राजनीति का कृष्ण आखिर रामेश्वरम की आंखों में क्यों नजर आया आइए देखते हैं|
राहुल गांधी ने उस सब्जी विक्रेता से मुलाकात का वीडियो शुक्रवार को जारी किया, जिनका टमाटर की ऊंची कीमत के कारण पेश आ रही मुश्किलों पर बात करने के दौरान भावुक होने का एक वीडियो पिछले दिनों सोशल मीडिया में काफी प्रसारित हुआ था।.इस वीडियो में सब्जी विक्रेता रामेश्वर यह कहते सुने जा सकते हैं कि कांग्रेस नेता से उनकी मुलाकात ‘कृष्ण और सुदामा’ के मिलाप की तरह है।. दरअसल भारत का आम आदमी बहुत ही भावुक और धार्मिक प्रकृति का व्यक्ति है वह सहजता से अपने भगवान को देखना चाहता है और जब कभी कोई दया दिखाई देती है तो उसमें उसे भगवान दिख जाते हैं यही भारत की ताकत है और यही भारत की सबसे बड़ी कमजोरी है जिसको राजनेता अपने हिसाब से खेलते रहते हैं…
दिल्ली की आजादपुर मंडी के सब्जी विक्रेता रामेश्वर का एक वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसमें न्यूज पोर्टल से रामेश्वर सब्जियों की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए भावुक हो गए. ये वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार को घेरा था.
लल्लनटॉप से बात करते हुए रामेश्वर का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने उनसे सोमवार (14 अगस्त) को मुलाकात की. इसका वीडियो कांग्रेस ने शुक्रवार (18 अगस्त) को जारी किया. वीडियो में रामेश्वर ने राहुल गांधी को सर कहा तो उन्होंने (राहुल गांधी) ने कहा, ” मुझे सर क्यों कह रहे हैं? मेरा नाम राहुल है. मैं कोई सर नहीं हूं.”
राहुल गांधी और रामेश्वर में क्या बात हुई?
राहुल गांधी को रामेश्वर ने बताया कि वो यूपी से दिल्ली अच्छी जिंदगी जीने के लिए आए थे, लेकिन लाइफ पहले से भी ज्यादा खराब हो गई. इसके बाद राहुल गांधी उनसे पूछते हैं कि आपने पिछले 10 साल में क्या किया है? इस पर रामेश्वर ने कहा कि ऐसा कोई काम नहीं है जो मैंने नहीं किया, लेकिन अब मुझमें इतनी एनर्जी नहीं है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘‘आर्थिक रूप से ग़रीब, मगर दिल के बहुत धनी हैं रामेश्वर जी. जितनी भी देर बातें हुईं, उनके चेहरे पर मुस्कान बरकरार रही. उन्होंने उम्मीदें टूटने के किस्से बताए, मगर साथ में ज़िम्मेदारियों का एहसास भी है. उनकी हिम्मत असल मायने में आशा की सुनहरी किरण है.’’इस वीडियो में रामेश्वर कहते हैं, ‘‘मैं कितना सौभाग्यशाली हूं कि राहुल जी ने मुझे बुलाया. भरत मिलाप हुआ था, जैसे सुदामा का कृष्ण जी से मिलाप हुआ था, उसी तरह मेरा और उनका (राहुल) मिलाप हुआ है.’’ राहुल गांधी ने रामेश्वर, उनकी पत्नी और बेटी से जिंदगी के अलग-अलग पहलुओं के बारे में बात की. उन्होंने कांग्रेस की ‘न्याय’ योजना के बारे में भी रामेश्वर की राय जानी.”कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस ने राहुल गांधी वाला वीडियो शेयर कर एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, ”जहां कुछ दिनों पहले महंगाई से आहत रामेश्वर जी के आंसुओं ने पूरे देश को रुला दिया था. वहीं, अब जननायक राहुल गांधी से मिलकर उनके चेहरे से छलकती खुशी भी पूरा देश देख रहा है. यही मोहब्बत की ताकत है, जो आपको आगे बढ़ने का हौसला देती है और उम्मीद देती है.”

