
नयी दिल्ली, 29 अगस्त (भाषा) शहर के अधिकारी राष्ट्रीय राजधानी में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान बंदरों को डराने के लिए सुविधाजनक स्थानों पर लंगूर की नकल करने वालों को तैनात करने और सिमियन के कट-आउट लगाने के लिए कदम उठा रहे हैं।बंदरों की अनियंत्रित आबादी के कारण शहर भर में उनकी संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसमें नई दिल्ली के इलाके (लुटियंस दिल्ली) भी शामिल हैं, जहां जानवर इधर-उधर घूमते रहते हैं और अक्सर लोगों पर हमला करते हैं और उन्हें काटते हैं।इसे देखते हुए, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) और शहर सरकार के वन विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि 9-10 सितंबर तक होने वाले महत्वपूर्ण जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान बंदरों को उत्पात मचाने की अनुमति नहीं दी जाए।
नयी दिल्ली, 29 अगस्त (भाषा)
सरकार ने मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के सस्ते एलपीजी वादे का मुकाबला करने के लिए मंगलवार को घरेलू रसोई गैस की कीमतों में 200 रुपये प्रति सिलेंडर की कटौती की घोषणा की।नई दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत फिलहाल 1,103 रुपये है। बुधवार से इसकी कीमत 903 रुपये होगी.उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए, प्रति सिलेंडर सब्सिडी जारी 200 रुपये पर विचार करने के बाद कीमत 703 रुपये होगी।निर्णय की घोषणा करते हुए, सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य परिवारों को राहत प्रदान करना है।साथ ही, सरकार अतिरिक्त 75 लाख उज्ज्वला कनेक्शन प्रदान करेगी, जिससे कुल पीएमयूवाई लाभार्थियों की संख्या 10.35 करोड़ हो जाएगी।
कोलकाता, 29 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने मंगलवार को कहा कि वह राज्य सरकार के साथ हमेशा सहयोग करेंगे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह उसके ‘‘हर एक काम में’’ सहयोग करेंगे।.बोस ने ‘पीटीआई-भाषा’ से विशेष साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में राज्य में सामने रहने वाला चेहरा मुख्यमंत्री का होता है, मनोनीत राज्यपाल का नहीं, लेकिन हर एक को अपनी-अपनी ‘लक्ष्मण रेखा’ के संवैधानिक प्रावधानों के दायरे में रहना होता है।.
नयी दिल्ली, 29 अगस्त (भाषा) कांग्रेस ने मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए मंगलवार को अडाणी मामले में सेबी की जांच पर सवाल उठाया और कहा कि यदि ये खबरें सही हैं और बाजार नियामक सेबी की योजना “तकनीकी उल्लंघनों” के लिए समूह को सांकेतिक जुर्माने के साथ छोड़ने की है, तो भारत का ‘‘भ्रष्टाचारतंत्र’’ में परिवर्तन पूरा हो जाएगा।.मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि संदेश स्पष्ट है – भारत के संस्थानों को अधिकारविहीन कर दिया जाएगा, जबकि इसकी जांच एजेंसियों का उपयोग केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “करीबी दोस्तों” को बचाने के लिए किया जाता है।.

