
नयी दिल्ली,पांच सितंबर (भाषा)इसमें कोई शक नहीं कि भारत के संविधान में ही अनुच्छेद एक में स्पष्ट तौर पर यह लिखा हुआ है कि संघ का नाम और राज्य क्षेत्र क्या होगा। उसे परिभाषित करते हुए लिखा गया है “भारत अर्थात इंडिया राज्यों का संघ होगा” बावजूद इसके कि यह संविधान सम्मत शब्द हैं और उनकी व्याख्या है उसे तोड़ मरोड़ कर भारत के राष्ट्रपति कि मोदी सरकार घबराई सी लग रही है । वह इंडिया शब्द से बहुत बुरी तरह से घबरा गई है, ऐसा प्रतीत हो रहा है क्योंकि जी-20 के लिए राष्ट्रपति की ओर से भेजे गए निमंत्रण पत्र में “प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया” शब्द को अंग्रेजी में ही तोड़ मनोर कर “प्रेसिडेंट ऑफ भारत” लिखा गया है। जो वह दर्शाता है कि या तो भारत की राष्ट्रपति महामहीम के कार्यालय से कोई दबाव पूर्ण शक्ति रिमोट कंट्रोल के जरिए राष्ट्रपति कार्यालय को चला रही है अन्यथा स्वयं राष्ट्रपति महोदय के कार्यालय में उसकी अपनी प्रतिभाशाली योग्यतम अधिकारी गणों की तरफ से वैश्विक स्तर पर संदेश देने वाला यह निमंत्रण कार्ड में इतनी बड़ी चूक कैसे हो सकती है…?
इसे कांग्रेस ने हाथों-हाथ ले लिया है बहरहाल हम यह समझते हैं की इंडिया शब्द विपक्षी गठबंधनों ने जब अपने संगठन के नाम पर संक्षिप्त का के रूप में उपयोग किया जाने लगा तो मोदी सरकार जो इन्हीं प्रकार के इवेंट मैनेजमेंट और प्रोपेगेंडा इंडस्ट्री की राजनीति करते रहे हैं। उनकी नींव हिल गई और उन्होंने इंडिया शब्द को ही बदनाम करना चालू कर दिया। और इंडिया से इतना ज्यादा नफरत करना चालू कर दिया कि बिना कुछ अच्छा बुरा सोचे महामहिम राष्ट्रपति कार्यालय से जारी निमंत्रण पत्र पर प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया की जगह उसे प्रेसिडेंट ऑफ भारत शब्द कहलवाया गया है ।अब यह अलग बात है कि इस बड़ी चूक के लिए यदि प्रायश्चित के भाव उभरते हैं तो किन-किन अधिकारियों पर यह जिम्मेदारी थोपी जाएगी…? फिलहाल हम देखते हैं कि कांग्रेस ने और अन्य नेताओं ने इस पर क्या कहा है लेकिन कांग्रेस से भाजपा में मैं पलायन कर चुके असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा ने स्पष्ट तौर पर इंडिया को अपमानित करना चालू कर दिया है।
कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में ‘राज्यों के संघ’ पर हमला हो रहा है और दावा किया कि जी-20 रात्रिभोज के निमंत्रण में राष्ट्रपति को ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया’ की जगह ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ बताया गया है।.कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल नेटवर्किंग साइट ‘एक्स’ पर जारी एक पोस्ट में कहा,
‘‘यह खबर वास्तव में सच है। राष्ट्रपति भवन ने जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए नौ सितंबर को ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया’ के बजाय ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ के नाम पर निमंत्रण भेजा है।’’.
उन्होंने कहा, ‘‘अब, संविधान में अनुच्छेद 1 में लिखा है: ‘‘भारत, अर्थात इंडिया, राज्यों का एक संघ होगा। लेकिन अब इस ‘राज्यों के संघ’ पर भी हमले हो रहे हैं।’’.
जी-20 शिखर सम्मेलन भारत की अध्यक्षता में नौ से 10 सितंबर तक राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित किया जा रहा है और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन सहित दुनिया भर के कई राष्ट्राध्यक्ष इसमें भाग ले रहे हैं।.
एक अन्य पोस्ट में रमेश ने कहा, ‘‘मोदी इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करना जारी रख सकते हैं और भारत को बांट सकते हैं। लेकिन हम विचलित नहीं होंगे। आखिर ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्कलूसिव अलायंस) के घटक दलों का उद्देश्य क्या है? यह भारत है – सद्भाव, मेलजोल, मेल-मिलाप और विश्वास लाओ। जुड़ेगा भारत, जीतेगा इंडिया!’’.
कोलकाता, पांच सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि इंडिया ही भारत है तो अचानक ऐसा क्या हुआ कि देश को केवल भारत ही कहना चाहिए।.‘प्रेसीडेंट ऑफ भारत’ (भारत के राष्ट्रपति) के नाम से जी20 के रात्रि भोज के लिए निमंत्रण पत्र को लेकर उठे विवाद के संदर्भ में उन्होंने कहा कि दुनिया देश को इंडिया के नाम से जानती है।.
नयी दिल्ली, पांच सितंबर (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि ऐसा लगता है कि भारत के प्रति कांग्रेस की घोर नापसंदगी है और विपक्षी गठबंधन ने ‘‘भारत’’ को नीचा दिखाने के लक्ष्य से इरादतन इसका नाम ‘‘इंडिया’’ चुना।.जी-20 रात्रिभोज के निमंत्रण में राष्ट्रपति को ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया’ की जगह ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ कहकर संबोधित किये जाने की खबरों के बीच, शर्मा ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘रिपब्लिक ऑफ भारत – खुशी और गर्व है कि हमारी सभ्यता अमृत काल की ओर मजबूती से बढ़ रही है।’’.

