रुपये में नौ पैसे की गिर अब तक के सबसे निचले स्तर 83.22 पर

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नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा)Rupee falls 9 paise to settle at all-time low of 83.22 against US dollar मजबूत अमेरिकी मुद्रा और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच गुरुवार को रुपये में लगातार चौथे दिन गिरावट आई और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में नौ पैसे की गिरावट आई और यह अब तक के सबसे निचले स्तर 83.22 (अतिम) पर बंद हुआ।विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, हालांकि, घरेलू इक्विटी बाजारों में सकारात्मक रुख ने रुपये को समर्थन प्रदान किया।तेल उत्पादक देशों द्वारा आपूर्ति में कटौती को इस साल दिसंबर तक बढ़ाने पर सहमति के बाद कच्चा तेल 90 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया, जबकि सुरक्षित मांग के कारण डॉलर स्थिर रहा।

भारत और इंडिया’ में भिड़ंत कराने हो रही है साजिश: कांग्रेस

Sanatan Dharma row: Cong says it does not agree with DMK leaders' comments
नयी दिल्ली, 07 सितंबर (वार्ता) कांग्रेस ने गुरुवार को कहा देश में भारत और इंडिया की बीच भिड़ंत करने की कोशिश की जा रही है और इस साजिश के पीछे कौन लोग हैं इसका उनकी पहचान हो चुकी है इसलिए
उन्हें देश की जनता करारा जवाब देगी।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने आज यहाँ संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारत और इंडिया को लड़ने वाली इन ताकतों ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को सफल
करने की बहुत कोशिश की थी और कई षडयंत्र किए गए लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली।उन्होंने कहा, “सवाल है कि एक जुड़ा हुआ भारत किसे परेशान कर सकता है। वे कौन ताकते हैं जो ‘भारत’ को इंडिया’ से भिड़वा रही है। आज यह सवाल बेहद जरूरी है क्योंकि यह देश के वर्तमान और भविष्य के साथ जुड़ा हुआ
है।”
कि वह सनातन धर्म पर द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन और ए राजा की टिप्पणियों से सहमत नहीं है और कहा कि पार्टी “सर्वधर्म समभाव” (सभी धर्मों के लिए समान सम्मान) में विश्वास करती है।सहयोगी द्रमुक के नेताओं की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर, कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, “कांग्रेस ने हमेशा ‘सर्वधर्म समभाव’ में विश्वास किया है, जिसमें हर धर्म, हर आस्था का अपना स्थान है। कोई भी किसी विशेष आस्था को कमतर नहीं मान सकता।” दूसरे विश्वास की तुलना में।” खेड़ा ने यहां एआईसीसी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, “न तो संविधान इसकी इजाजत देता है और न ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इनमें से किसी भी टिप्पणी पर विश्वास करती है।”यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस ने टिप्पणियों की निंदा क्यों नहीं की, खेड़ा ने कहा, “मैंने सिर्फ इतना कहा कि हम ऐसी टिप्पणियों से सहमत नहीं हैं।” यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस इसे अपने सहयोगी द्रमुक के साथ उठाएगी, खेड़ा ने कहा कि इन मुद्दों को उठाने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि “हम इस तथ्य को जानते हैं कि हमारा प्रत्येक घटक हर धर्म का सम्मान करता है”।उन्होंने कहा, “अब यदि आप किसी की टिप्पणी को तोड़-मरोड़ कर पेश करना चाहते हैं, तो वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं। अगर यह प्रधानमंत्री को शोभा देता है तो उन्हें उन टिप्पणियों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने दें, लेकिन भारतीय गठबंधन के प्रत्येक सदस्य के मन में सभी आस्थाओं, समुदायों, विश्वासों और धर्मों के प्रति बहुत सम्मान है।”

जकार्ता, सात सितंबर (भाषा)आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में मोदी ने कोविड बाद नियम-आधारित विश्व व्यवस्था बनाने का किया आह्वान कोविड-19 महामारी के बाद एक नियम आधारित विश्व व्यवस्था बनाने का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि स्वतंत्र व खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र की प्रगति और ग्लोबल साउथ की आवाज को बुलंद करना सभी के साझा हित में है।.प्रधानमंत्री ने कहा कि आसियान (दक्षिण पूर्व एशियाई देशों का संगठन) भारत की हिंद-प्रशांत पहल में एक प्रमुख स्थान रखता है और नई दिल्ली इसके साथ ‘कंधे से कंधा’ मिलाकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।.आसियान को क्षेत्र में सबसे प्रभावशाली समूहों में से एक माना जाता है। भारत, अमेरिका, चीन, जापान और ऑस्ट्रेलिया सहित कई अन्य देश इसके संवाद भागीदार हैं।.मोदी ने कहा, ‘‘21वीं सदी एशिया की सदी है। यह हमारी सदी है। इसके लिए कोविड-19 के बाद नियम आधारित विश्व व्यवस्था का निर्माण करना और मानव कल्याण के लिए सभी के प्रयासों की जरूरत है।’’.उन्होंने कहा, ‘‘मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र की प्रगति और ग्लोबल साउथ की आवाज को बुलंद करना सभी के साझा हित में है।’’.ग्लोबल साउथ एक ऐसा शब्द है जिसका इस्तेमाल अक्सर लैटिन अमेरिका, एशिया, अफ्रीका और ओशिनिया के क्षेत्रों की पहचान करने के लिए किया जाता है।.प्रधानमंत्री ने इस बात की भी पुष्टि की कि आसियान भारत की एक्ट ईस्ट नीति का केंद्रीय स्तंभ है और यह आसियान की केंद्रीयता और हिंद-प्रशांत पर उसके दृष्टिकोण का पूरी तरह से समर्थन करता है।.उन्होंने कहा, ‘‘हमारा इतिहास और भूगोल भारत तथा आसियान को जोड़ता है। साझा मूल्यों के साथ-साथ क्षेत्रीय एकता, शांति, समृद्धि और बहुध्रुवीय दुनिया में साझा विश्वास भी हमें एक साथ बांधता है।’’.


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