33 फीसदी सीटें महिलाओं आरक्षित नारी शक्ति के मन में ‘किंतु-परंतु’ का युग खत्म…?

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नयी दिल्ली, 19 सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि आज की नारी शक्ति के मन में ‘किंतु-परंतु’ का युग खत्म हो चुका है और उन्हें जितनी सुविधाएं दी जाएंगी, वे उतना ही सामर्थ्य दिखाएंगी।
नए संसद भवन में राज्यभा की कार्यवाही आरंभ होने के बाद अपने पहले संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात कही। उन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण संबंधी विधेयक पेश किए जाने का उल्लेख करते हुए सदन के सदस्यों से इसे सर्वसम्मति से पारित किए जाने का अनुरोध किया।उन्होंने यह भरोसा जताया कि देश जब आजादी की 100वीं वर्षगांठ मनाएगा तो वह ‘विकसित भारत’ होगा।
उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि पुराने संसद भवन में भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना और नए संसद भवन में वह दुनिया की तीन शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा। मोदी ने कहा, ‘‘नया संसद भवन सिर्फ एक नयी इमारत नहीं है बल्कि एक नयी शुरुआत का प्रतीक भी है। अमृत काल की शुरुआत में ही इस भवन का निर्माण होना और हम सब का प्रवेश होना अपने आप में हमारे देश के 140 करोड़ नागरिकों की आशाओं और आकांक्षाओं में एक नई ऊर्जा भरने वाला बनेगा। नई आशा और विश्वास पैदा करने वाला बनेगा।’’प्रधानमंत्री ने लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित नारी शक्ति वंदन विधेयक पेश किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि नए संसद भवन में एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक फैसला लिया गया है मैं आज राज्यसभा के सभी साथियों से आग्रह करने आया हूं कि जब भी यह विधेयक हमारे सामने आए, तो आप सब सर्वसम्मति से उस पर निर्णय करें।’’

मौजूदा Nari Shakti Vandan Act: What will change in Lok Sabha and Assemblies after its passingसमय में लोकसभा में कुल सदस्य संख्या 543 है। इस वक्त महिला सांसदों की संख्या 82 है। विधेयक पास होने के बाद लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या बढ़कर 181 हो जाएगी।

क्या अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षित सीटों पर यह लागू होगा?
हां, यानी कोटा के अंदर कोटा भी इस कानून में प्रावधान होगा। इस तरह जो सीटें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं उनमें से 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।क्या जो लोकसभा या विधानसभा सीट महिला आरक्षित हो जाएगी तो वहां से हमेशा महिला जनप्रतिनिधि ही चुने जाएंगे?
नहीं ऐसा नहीं होगा। जो लोकसभा या विधानसभा सीट महिलाओं के एक चुनाव में आरक्षित होगी अगले चुनाव में वो महिलाओं के लिए आरक्षित नहीं होगी। बल्कि अन्य 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी। इसके बाद जो तीसरा चुनाव होगा उसमें बची हुई 33 फीसदी सीटों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाएगा।
क्या ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए भी आरक्षण है या नहीं?
1996 से जब जब महिला आरक्षण बिल आए तब तब यह मुद्दा उठा है। कई राजनीतिक दल पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए भी कोटा की मांग करते रहे हैं। हालांकि, इस बिल में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है।
राज्य कुल सीट कानून बनने के बाद महिला विधायकों की संख्या
मध्य प्रदेश 230 76
17 वीं लोकसभा में जीतकर आईं 78 महिला सांसद
बता दें कि गत लोकसभा चुनाव के समय जो मतदाता सूची जारी हुई थी, उसमें महिला वोटरों की संख्या 43.2 करोड़ थी, जबकि 46.8 करोड़ पुरुष मतदाता थे। 17 वीं लोकसभा में देश भर से 78 महिला सांसद जीत कर संसद में पहुंची थी। संसद में महिलाओं की उपस्थिति 14.36 प्रतिशत है। 2014 के लोकसभा चुनाव में 62 महिलाओं ने जीत दर्ज कराई थी। अगर 1951 की बात करें तो लोकसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व महज पांच प्रतिशत था। साल 2019 में यह प्रतिशत बढ़कर 14 हो गया है। कांग्रेस कार्य समिति ने पहले ही यह मांग की थी कि संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक को पारित किया जाना चाहिए। 

राजनीति के अलावा सोच ही नहीं सकते हैं: सिब्बल
Women Reservation Bill in Parliament Kapil Sibal on PM Narendra Modi BJP 2024 Lok Sabha Election Women Reservation Bill: 'कभी सोचा है मोदी जी ने 10 साल क्यों इंतजार किया...', महिला आरक्षण बिल पर बोले कपिल सिब्बलमहिला आरक्षण बिल पर सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि इसमें क्या एतिहासिक है? यह कहते हैं कि आपको महिला आरक्षण 2029 में मिलेगा। इसमें परिसीमन होना जरूरी है। अगर यह (परिसीमन) नहीं होगा तो क्या होगा? यह महिलाओं को एक सपना दिखा रहे हैं कि आपको 2029 में आरक्षण मिलेगा। इनको आज महिला आरक्षण की याद क्यों आ रही हैं? इनकी सोच राजनीतिक है। यह राजनीति के अलावा सोच ही नहीं सकते हैं.


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