
Bhopal:
भाजपा की दूसरी सूची सार्वजनिक होने पर विंध्य प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता विधायक नारायण त्रिपाठी ने कहा हे जिस तौर तरीके से बुजुर्ग नेताओं को सांसद और केंद्रीय मंत्री होने के बाद विधायक के लिए चुनाव लड़ाया जा रहा है उससे युवा भारत का सपना प्रभावित हुआ है और उसे पर प्रश्न चिन्ह खड़े हुए हैं उन्होंने यह भी कहा है की फिर मुरली मनोहर जोशी या लाल कृष्ण आडवाणी के साथ अन्याय क्यों किया गया उन्हें भी चुनाव लडा देश की सेवा का अवसर देना चाहिए था। मैहर विधानसभा क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी के विधायक नारायण त्रिपाठी मैहर को जिला बनाए का स्वागत करते हुए बिंध्य प्रदेश पुनर्निर्माण किए जाने पर भी दृढ़ विश्वास प्रकट किया है।
इधर मैहर जिला निर्माण की घोषणा का झुनझुना बजाने पर अब मैहर जिले के पुनर्गठन की मांग ने जोर पकड़ा रामेंद्र कुमार की रिपोर्ट में कहा गया है।गोविंदगढ़ मुकुंदपुर झिन्ना ककलपुर ताला बिगौड़ी सन्नेही पोंड़ी धाम खजुरीताल रामगढ़ अहिरगांव मौहारी बेला समेत ताला उप तहसील के सभी क्षेत्रों को रीवा जिला में शामिल करने की पुरजोर मांग।रीवा जिला व संभागीय मुख्यालय रीवा के करीबी सीमावर्ती समूचा अंचल अब सतना एवं मैहर की बजाय रीवा से जुड़ने के पक्ष में एकजुट संघर्ष को तत्पर व तैयार।विधान सभा चुनाव के ऐन वक्त पर राजस्व तथा प्रशासनिक दृष्टि से सुधार बदलाव की प्रवल जन भावना को विशेष ध्यान देकर राज्य शासन तत्काल कारगर कदम उठाये।अमरपाटन और नागौद विधान सभा चुनाव परिणाम पर निर्णायक प्रभाव पड़ना तय।
ज्ञातव्य है कि भलाई चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव की घोषणा न की हो लेकिन भारतीय जनता पार्टी की चुनाव समिति ने उम्मीदवारों की आगामी विधानसभा चुनाव के अब तक एक तिहाई विधानसभा सीट मध्य प्रदेश की उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। जिसमें कई वर्तमान सांसद और केंद्रीय मंत्री भारत सरकार के के मंत्री रहते हुए और सांसद रहते हुए विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे उसमें कई बुजुर्ग और उम्र दराज नेता भी हैं।
यह अलग बात है की राजनीति के मध्य प्रदेश के जंगल में शिवराज की घेरे बंदी के लिए चारों तरफ से केंद्रीय नेताओं को जोर-जोर से हल्ला बोल की तरह हमला किया गया है ताकि शिवराज अपने शिकार के लिए स्वयं हाई कमान के समक्ष समर्पण कर दें बहरहाल विंध्य प्रदेश की पुनर्गठन की मांग करने वाले सफेद शेर के इस क्षेत्र में नारायण त्रिपाठी के लिए खुला मैदान मिल गया है देखना होगा कि वह अब किस रणनीति के तहत बिंध्य प्रदेश की राजनीति में अपना रंग जमाते हैं।

