
शहडोल की पूजा वस्त्रकर ने कमाल कर दिया ,क्रिकेट में अपना दमखम जिस तरीके से उसने दिखाए हमारा भी सीना गर्व से चौड़ा हो गया .तेज गेंदबाज पूजा वस्त्रकार और आफ स्पिनर स्नेह राणा ने गुरुवार को यहां एकमात्र महिला क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन पिच से मिल रही असमान उछाल का पूरा फायदा उठाया जिससे भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 219 रन पर ढेर कर दिया।
लेकिन 56 इंच के इस गर्व के चौड़े सीने में यह सवाल उठ खड़ा हुआ की देखो शहडोल की दलित महिला ने क्या कमाल किया है…? क्योंकि भारत की राजनीति की शीर्ष पर बैठे हुए महामहिम जिसमें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने राजनीतिक पृष्ठभूमि को आगे लाते हुए अपनी “मिमिक्री” पर उसे अपनी जाति और किसान की पृष्ठभूमि से जोड़ते हुए भारतीय जनता पार्टी के साथ विवाद का विषय बना दिया है क्योंकि चाहत है की राजनीति में संसद से विपक्षी दलों के लोगों पर चर्चा ना हो या उसे पीछे छोड़ दिया जाए क्योंकि जातिवाद के सहारे उन्हें जीतने का शौक जो है….लेकिन दूसरी ओर पारदर्शी प्रतियोगिता को सही भी ठहराते हैं की वर्तमान में यही राजनीति चल रही है…और विषय वस्तु भी यही है…
तब तो जाट परिवार की स्वर्ण विजेता साक्षी मलिक का इस्तीफा या संन्यास लेना खेल की दुनिया से चर्चा का विषय क्यों नहीं होना चाहिए…? साक्षी मलिक नेऔर अन्य पहलवानों ने भारतीय खेलों में महिला यौन प्रताड़ना के मुद्दे पर महीनों जंतर मंतर भाजपा के सांसद और अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के ऊपर गंभीर आरोप लगाए थे चुनाव में बृजभूषण की संजय सिंह के अध्यक्ष बनाए गए हैं जिससे नाराज होकर साक्षी मलिक ने संन्यास की घोषणा की है..क्योंकि उन्हें यकीन हो चला है कि अब कुश्ती संघ के जरिएनवोदित महिला पहलवानों का यौन शोषण होता रहेगाऔर उससे ज्यादा यह की बृजभूषण सिंह ने इस पर खुशी जताते हुए इस “दबदबा बना है..” के स्लोगन के साथ सामने आए हैं….
तो क्या मान कर चलें की शहडोल की दलित महिला के साथ हमें भी गर्व करना चाहिए…? नहीं, यह मिट्टी के साथ अपमान होगा… जातिवाद का धंधा करने वाले लोग अपने अपने स्वार्थ और फायदे के लिए अपने हिसाब से जातिवाद को मुद्दा बनाकर हवा दे रहे हैं इसलिए हमारी मिट्टी यानी शहडोल की निवासी पूजा वस्त्रकर हमारे लिए गर्व का विषय है कि वह इस आदिवासी विशेष क्षेत्र की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मेहनत के बलबूते बरकरार रखे हुए हैं…खूब आगे बढ़ो पूजा ..तुम्हारी पूजा होती रहेगी…बहुत शुभकामनाएं.भारतीय राजनीति में जातिवाद की गंदगी के बीच में बहुत-बहुत शुभकामनाएं.|

