
शहडोल : गुरूवार, जनवरी 4, 2024|अपर मुख्य सचिव एवं प्रभारी सचिव शहडोल संभाग अशोक वर्णवाल ने अधिकारियों को शासन द्वारा स्वीकृत कार्याें को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि जन कल्याण के किसी भी कार्य में कोई गतिरोध नहीं आना चाहिए। उन्होने कहा है कि जन कल्याण के कार्योें में गतिरोध आने प

र इसकी जानकारी से मुझे अवगत कराएं, मैं गतिरोध को दूर करने का प्रयास करूंगा। अपर मुख्य सचिव ने जनमानस की समस्याओं का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। अपर मुख्य सचिव एवं प्रभारी सचिव शहडोल संभाग श्री वर्णवाल आज कलेक्टर कार्यालय शहडोल के विराट सभागार में आयोजित संभाग स्तरीय विकास एवं निर्माण कार्यो की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे।
बैठक में सांसद श्रीमती हिमान्द्री सिंह ने सुझाव देते हुए कहा कि अनूपपुर जिले में करपा मार्ग कई वर्षों से निर्माणाधीन है निर्माण एजेन्सी द्वारा कार्य नहीं किया जा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि करपा मार्ग का निर्माण तेजी से पूर्ण किया जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिये कि उमरिया जिले में केन्द्रीय विद्यालय स्वीकृत हुआ किन्तु वन विभाग की आपत्ति के कारण, निर्धारित स्थल पर केन्द्रीय विद्यालय का निर्माण नहीं किया जा रहा है, इसके लिए समुचित भूमि आबंटित की जाए। बैठक में विधायक जैतपुर जयसिंह मरावी ने सुझाव दिया कि शहडोल जिले में मरखी जलाशय स्वीकृत है, किन्तु क्षेत्र के कुछ लोगों द्वारा जलाशय के निर्माण में गतिरोध उत्पन्न किया जा रहा है। उन्होनें कहा कि मरखी जलाशय का कार्य प्रारम्भ किया जाए, जिस पर प्रभारी सचिव ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि मरखी जलाशय का कार्य प्रारम्भ किया जाए और तेजी से पूर्ण कराया जाए, जलाशय के कार्य में गतिरोध उत्पन्न करने वाले लोगों के विरूद्ध शक्त कार्यावाही की जाए।बैठक में विधायक जयसिंहनगर मनीषा सिंह ने सुझाव दिया कि शहडोल नगर में अभी सरफा डेम से पानी की सप्लाई हो रही है किन्तु आगामी वर्षाें में शहडोल नगर की जनसंख्या बढ़ने के साथ शहडोल नगर की जल आपूर्ति प्रभावित होगी, इसके लिए सोन नदी से शहडोल नगर तक पानी की आपूर्ति की योजना बनाई गई थी, जिसका कार्य लम्बित है इस कार्य को तेजी से पूर्ण किया जाए, जिस पर प्रभारी सचिव ने वस्तस्थिति की जानकारी ली और आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में विधायक ब्यौहारी शरद कोल ने सुझाव दिए कि नगर परिषद खांड में जल संसाधन की भूमि होने के कारण शासकीय प्रयोजन के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है जिसके कारण नगर परिषद खांड क्षेत्र में निर्माण कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक कार्यवाही करें ताकि जनहित के कार्यों के लिए भवनों का निर्माण कराया जा सके। जिस पर अपर मुख्य सचिव ने कहा कि इसके लिए कलेक्टर के पास पर्याप्त शक्तियां है वह जनहित में कार्य करा सकते हैं। बैठक में विधायक शिवनाराण सिंह ने सुझाव दिए कि चंदिया बाई पास को फोर लाईन बनाया जाए तथा वहां डिवाइडर का भी निर्माण किया जाए ताकि लोगों को आवगमन में सुविधा मिल सके। बैठक में अध्यक्ष नगर पालिका शहडोल घनश्याम जायसवाल ने भी शहडोल नगर की सुविधाओं में विस्तार के लिए आवश्यक सुझाव दिए।
बैठक में कमिश्नर शहडोल संभाग अनिल सुचारी, कलेक्टर शहडोल श्रीमती वंदना वैद्य, कलेक्टर अनूपपुर आशीष वशिष्ट, कलेक्टर उमरिया बुद्धेश कुमार वैद्य, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत उमरिया श्रीमती इला तिवारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अनूपपुर तन्मय वशिष्ट शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शहडोल श्री राजेश जैन ने आवश्यक सुझाव दिए। बैठक में संयुक्त आयुक्त विकास मगन सिंह कनेश, डीन मेडिकल कॉलेज मिलिंद सिलारकर, सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने करदाताओं का आभार व्यक्त कर अमले को बधाई दी
पिछले वित्तीय वर्ष 2022-23 के दिसम्बर माह में 2976 करोड़ रू. का राजस्व प्राप्त हुआ था। इसकी तुलना में चालू वित्तीय वर्ष में माह दिसम्बर में जीएसटी में रू. 3304 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ. यह पूर्व वर्ष से 11 प्रतिशत अधिक है।जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद किसी एक माह में प्राप्त जीएसटी की सर्वाधिक राशि है। इसी प्रकार माह दिसम्बर, 2023 तक जीएसटी से कुल 23471 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पूर्व वर्ष से 21 प्रतिशत ज्यादा है।उप मुख्यमंत्री देवड़ा के मार्गदर्शन में वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा राजस्व संग्रहण में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में विशेष प्रयासो से राजस्व संग्रहण में निरंतर सफलता अर्जित की जा रही है।पंजीयत व्यवसाईयों की संख्या में वृद्धि के लिए प्रदेश के सभी जिलों की जनसंख्या एवं आर्थिक स्थिति के आधार पर पंजीयन के लक्ष्य निर्धारित किए गए। सभी वृत्त कार्यालयों में इस पंजीयन अभियान में तत्परता के साथ कार्य करते हुए अपंजीयत करदाताओं को पंजीयत करने का कार्य किया गया।इसी का परिणाम है कि वर्तमान में प्रदेश में पंजीयत व्यवसाईयों की कुल संख्या 5 लाख से भी अधिक पहुंच चुकी है। वर्ष 2018 में पंजीयत व्यवसायी 384438 की तुलना में वर्तमान में पंजीयत व्यवसायी की संख्या 531147 है। जो तुलनात्मक रूप से 38 प्रतिशत अधिक है।

