5000 साल की संस्कृति का निचोड़ ले लीजिए। किसी देश के पास यह नहीं है। बीच में रास्ता भटक गए थे।आज के दिन जो बातें हमको रोकती थी, जिन बातों से हम परेशान थे – भाई-भतीजावाद, भ्रष्टाचार, कानून के सामने समानता नहीं होना, यह बड़े खतरे की घंटियां थी। कुछ लोगों के मन में विचार आ जाता था – कानून हमारा क्या करेगा? हम तो कानून से ऊपर हैं। अब कानून से ऊपर कोई हो जाएगा तो आप और हम प्रजातंत्र का फायदा कैसे उठाएंगे? कानून के सामने सबको झुकना पड़ेगा! यही प्रजातांत्रिक व्यवस्था का मूल है‘एक से श्रेष्ठ’ यह मानव की शक्ति को सकारात्मक रूप देने के लिए है। दुनिया में बदलाव का सबसे बड़ा केंद्र यह है कि हर मानव को अपनी प्रतिभा चमकाने का अच्छा अवसर मिले। क्या था पहले? महिलाएं चूल्हे के अंदर आंसू बहाती थीं। 10 करोड़ महिलाओं को गैस कनेक्शन देना है, दे दिया गया। मैं इसको दूसरी दृष्टि से देखता हूं। आज मुझे कोई शंका नहीं है कि आज भारत की यात्रा बहुत ऊपर चली गई है। आज वो भारत नहीं है जो दुर्बल था, आज हम दुनिया की महाशक्ति हैं हमने इंग्लैंड को पीछे छोड़ा है, कनाडा को पीछे छोड़ा है, फ्रांस को छोड़ा है और हम पांचवी महाशक्ति बन गए हैं। यह आपकी बदौलत है, आपकी प्रयास की वजह से है। और कुछ ही साल बाकी हैं, 5-6 साल में हम जापान और जर्मनी को भी पीछे छोड़ देंगे। जिन देशों की तरफ हम देखते थे कि क्या कभी हमारे देश में भी ऐसा होगा, वह देश देखते हैं आज भारत में आकर कि क्या हमारे देश में भी ऐसा होगा! कितना बड़ा बदलाव है!एक साल का ही देख लो क्या-क्या नहीं हुआ है? एक साल में चांद पर हम पहुंच गए, एक साल में ही विक्रांत समुद्र में उतार दिया है- भारत में निर्मित, हवाई जहाज तेजस भारत में बन गया, हेलीकॉप्टर बन गया, पिछले साल ही विश्व का बड़ा – one of the biggest top 10, भारत मंडपम हो गए, यशोभूमि हो गया। और कितने लोगों को जीवन में बदलाव करने के लिए सहायता उपलब्ध की गई है।
आज अमृत काल में भारत की ठोस नींव प्रधानमंत्री ने डाल दी है। यह मज़बूत नींव है। हमारा अमृत काल, हमारा गौरव काल है और 2047 में भारत दुनिया के श्रेष्ठतम देशो में होगा। यह भार आपके कंधों पर है, यह आपको करना है और मेरे मन में कोई शंका नहीं है कि आप हर हालत में हर परिस्थिति में ऐसा करके दिखाओगे।