
वाराणसी प्रधानमंत्री ने बीएचयू के पास सीर गोवर्धनपुर में संत गुरु रविदास जन्मस्थान मंदिर में, बगल के रविदास पार्क में संत रविदास की नव स्थापित प्रतिमा का उद्घाटन किया। उन्होंने संत रविदास जन्म स्थली के आसपास लगभग 32 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का भी उद्घाटन किया और लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत से संत रविदास संग्रहालय और पार्क के सौंदर्यीकरण की आधारशिला रखी।मोदी ने कहा, “इतना ही नहीं, इन ‘परिवार वादी’ (वंशवादी) पार्टियों की एक और पहचान है – वे नहीं चाहते कि उनके परिवार के बाहर का कोई दलित या आदिवासी व्यक्ति आगे बढ़े। वे उच्च पदों पर दलितों और आदिवासी
व्यक्तियों को बर्दाश्त नहीं कर सकते।”
मोदी ने कहा जब पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू चुनाव लड़ रही थीं, तब उनका विरोध किसने किया था और उन्हें हराने के लिए कौन-कौन सी पार्टियां एक साथ आई थीं.”ये सभी ‘परिवारवादी’ पार्टियाँ हैं, जो चुनावों के दौरान दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को अपने वोट बैंक के रूप में देखती हैं। हमें इन लोगों से और ऐसी मानसिकता से सतर्क रहना होगा। हमें सकारात्मक शिक्षा का पालन करना होगा।” रविदास जी ने जातिवाद की नकारात्मक मानसिकता से बचते हुए कहा।संत रविदास की प्रशंसा करते हुए मोदी ने कहा, ”रविदास जी सबके हैं और सभी रविदास जी के हैं। उन्हें जाति, धर्म, संप्रदाय और विचारधारा की सीमाओं में बांधा नहीं जा सकता।””रविदास जी मुझे बार-बार अपने जन्मस्थान पर बुलाते रहे हैं। मुझे उनकी प्रतिज्ञा को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। मुझे उनके लाखों अनुयायियों की सेवा करने का अवसर मिला। गुरु के जन्मस्थान पर अनुयायियों की सेवा करना मेरे लिए सौभाग्य से कम नहीं है।”
किसान आंदोलन
आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। इसमें घायलों को मुआवजा और किसानों को दिल्ली जाने देने की मांग की गई है। वहीं किसानों पर पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग भी की गई है।हिसार के खेड़ी चौपटा के पक्के मोर्चे पर किसानों ने दोपहर 2 बजे आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने रोक लिया। पुलिस ने सड़क पर दोनों ओर बेरिकेड्स लगाए हुए हैं। मौके पर गाड़ियां भी अड़ा दी गई हैं। किसान कच्चे रास्तों की ओर से निकलने लगे तो पुलिस ने वहां भी रोकने का प्रयास किया। पुलिस तथा किसानों के बीच काफी देर तक बहस हुई। इस बीच पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो किसानों ने भी पुलिस पर पथराव किया। इसके बाद पुलिस पीछे हट गई। पुलिसकर्मी मौके से दौड़ते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे। बाद में पुलिस कर्मियों ने भी किसानों पर पथराव करना शुरू कर दिया।प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा नेशनल कोर्डिनेशन कमेटी के सदस्य एवं ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी ने कहा कि युवा किसान शुभकरण सिंह की हत्या के अपराध में मुख्यमंत्री हरियाणा और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। किसान सभा के दिलबाग सिंह दलाल ने कहा कि इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से न्यायिक जांच करवाई जाए। सतबीर सिंह कादियान, जगबीर सिंह सोलंकी तथा रमेश जाखड़ ने शहीद शुभ करण सिंह के परिवार को एक करोड रुपए मुआवजा देने की मांग की।इस बीच इस बीच दैनिक जनसत्ता ने खबर दी है कि हरियाणा पुलिस में तीन पुलिस वालों की मौत की खबर दी है जिसमें दो पुलिसकर्मी की मौत हरियाणा में हुई है जबकि एक पुलिसकर्मी की मौत पंजाब के जिम में हुई है
पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि खनौरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए शुभकरण सिंह के परिवार को पंजाब सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और उनकी छोटी बहन को सरकारी नौकरी दी जाएगी.. दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

