ब्यौहारी (शहडोल) में 14.50 किमी रिंग रोड के निर्माण के लिये 81 करोड़,रामनगर में सिंचाई क्षेत्र 53 करोड़ 69 लाख रूपए रूपये की स्वीकृति

Share

ब्यौहारी (शहडोल) में 14.50 किमी रिंग रोड के निर्माण के लिये 81 करोड़ रूपये की स्वीकृति

भोपाल : सोमवार, मार्च 4, 2024  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई।मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिये 5 हजार 180 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति दी गई मंत्रि-परिषद द्वारा शहडोल जिले के नगर ब्यौहारी के लिए प्रथम चरण मे 14.50 किमी रिंग रोड निर्माण के लिये 81 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। ब्यौहारी नगर में 27 किमी लंबाई का रिंग रोड 147.46 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित किया जाना है। परियोजना परीक्षण समिति द्वारा प्रथम चरण में 14.50 किमी के निर्माण के लिए 81 करोड़ रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने की अनुशंसा की है। इस रोड के बन जाने से शहर में यातायात का दबाव कम होगा, सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लम्बी दूरी के भारी वाहन नगर के बाहर से ही निकल सकेंगे। साथ ही रीवा, सीधी, कटनी, उमरिया, शहडोल जिलों के मार्ग, नगर के बाहर आपस में जुड़ सकेंगे।

इसी तरह सतना जिले के विकासखंड रामनगर में सिंचाई क्षेत्र बढ़ने से 53 करोड़ 69 लाख रूपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इस योजना के बन जाने से क्षेत्र के 26 ग्राम लाभान्वित होंगे। वर्ष 2018 में राशि 36 करोड़ 17 लाख रूपए की लागत से यह सिंचाई परियोजना स्वीकृत की गई थी। तत्समय 2600 हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र परियोजना में शामिल था, जो अब बढ़कर 3961 हेक्टेयर क्षेत्र हो चुका है।

अनुकंपा नियुक्ति के संशोधन की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (ग्राम पंचायत सचिव भर्ती और सेवा की शर्तें) यम, 2011 में अनुकंपा नियुक्ति के संशोधन नियम-5-क को अंतःस्थापित करने की स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार जिस जिला पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत सचिव सेवारत था, उस जिला पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायतों में संबंधित प्रवर्ग का पद रिक्त न होने की स्थिति में अन्य जिले में जहां संबंधित प्रवर्ग में ग्राम पंचायत सचिव का पद रिक्त हो, पात्रता अनुसार नियुक्ति दी जा सकेगी। इस संबंध में पंचायत राज संचालनालय द्वारा ग्राम पंचायत सचिव के रिक्त पद वाली जिला पंचायत को संबंधित का आवेदन प्रेषित किया जायेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या यात्रा के बाद देव-स्थानों के संबंध में लिए गए निर्णय और संकल्पों के क्रियान्वयन में राज्य शासन तेजी से आगे बढ़ेगा। मंत्रि-परिषद की अगली बैठक में मंत्रिमंडलीय उप समिति बनाकर धर्मस्व, राजस्व और संस्कृति विभाग को जोड़ा जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में स्थित देव-स्थानों के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नगरीय क्षेत्र के देव-स्थानों के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग भी इसमें शामिल रहेंगे। राज्य शासन का उद्देश्य है कि मंदिर देव-स्थान के साथ-साथ सामाजिक चेतना और समरसता का भी केंद्र बनें और मंदिरों में सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक कार्य संपन्न हों।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या धाम में राज्य सरकार धर्मशाला विकसित करेगी। प्रदेश के अंदर और बाहर स्थित प्रमुख देवस्थानों में भी राज्य सरकार द्वारा धर्मशालाएं विकसित करने की दिशा में पहल की जाएगी। अन्य राज्य सरकारों को मध्यप्रदेश स्थित देवालयों में अपने राज्य की तरफ से धर्मशालाएं विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवालयों में लगने वाली सामग्री जैसे भगवान श्री कृष्ण के वस्त्र-आभूषण, श्रृंगार सामग्री, धातु व पत्थर की मूर्तियों के निर्माण को कुटीर उद्योग के अंतर्गत प्रोत्साहित किया जाएगा। मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने उज्जैन में हुई रीजनल इंडस्ट्रियल समिट की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्रियल समिट में उज्जैन के साथ-साथ प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी औद्योगिक गतिविधियाँ आरंभ हुई हैं। आगामी रीजनल इंडस्ट्रियल समिट जबलपुर, रीवा और ग्वालियर में की जाएगी।


Share

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

राशिफल

- Advertisement -spot_img

Latest Articles