सरकार ने उन्हें संसद में क्यों मनोनीत किया…? सुधा मूर्ति /तथाकथित 160 अरब रुपए के अवैध चुनावी बांड मामले में एसबीआइ की अर्जी पर सुनवाई 11 मार्च को

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सरकार ने उन्हें संसद में क्यों मनोनीत किया…सुधा मूर्ति

नई दिल्ली,  समाजसेवी सुधा मूर्ति को शुक्रवार को राज्यसभा केलिए मनोनीत किया गया।सुधा मूर्ति ने कहा कि महिला दिवस पर राज्यसभा के लिए मनोनयन दोगुना अचंभित करने वाला है। मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उच्च सदन में उनका मनोनयन ‘नारी शक्ति’ का एक सशक्त प्रमाण है, जो राष्ट्र की नियति को आकार देन में महिलाओं की ताकत और क्षमता का उदाहरण भी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे खुशी है कि भारत की राष्ट्रपति ने सुधा मूर्ति को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। सामाजिक कार्य,परोपकार और शिक्षा सहित विविध क्षेत्रों में सुधा जी का योगदान असीम और प्रेरणादायक रहा है। सुधा मूर्ति ने कहा कि उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत करने का फैसला दोगुना अचंभित करने वाला है, क्योंकि यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन की गई है। दि इंफोसिस फाउंडेशन की पूर्व अध्यक्ष सुधा मूर्ति ने कहा कि उन्होंने कभी किसी पद की लालसा नहीं की और ‘उन्हें कोई जानकारी नहीं है’ कि सरकार ने उन्हें संसद के उच्च सदन के लिए क्यों मनोनीत किया है। उच्च सदन में अपनी भूमिका के बारे में उन्होंने कहा कि मुझे देखना होगा कि क्या स्थिति है… मैं क्या कर सकती हूं। यह मेरे लिए नया क्षेत्र है।

चुनावी बांड -भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई)  पर 11 मार्च को सुनवाई

नई दिल्ली, न्यायालय के पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई)  पर 11 मार्च को सुनवाई करेगी जिसमें राजनीतिक दलों द्वारा नकदी में परिवर्तित किए गए प्रत्येक चुनावी बांड के विवरण का खुलासा करने के लिए समयसीमा 30 जून तक बढ़ाने काअनुरोध किया गया है। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ एक अलग याचिका पर भी सुनवाई करेगी, जिसमें एसबीआइ खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया गया है।इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि एसबीआइ ने चुनावी बांड के जरिये राजनीतिक दलों को मिले चंदे का विवरण निर्वाचन आयोग को छह मार्च तक सौंपे जाने संबंधी शोध अदालत के निर्देश की ‘जानबूझकर’ अवज्ञा की

210 करोड़ रुपए जुर्माने के खिलाफ कांग्रेस की अपील खारिज

नई दिल्ली, आयकर अपीलीय अधिकरण ने पिछले वर्षों के ‘टैक्स रिटर्न’ में विसंगतियों के लिए 210 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाने के खिलाफ कांग्रेस की अपील शुक्रवार को खारिज कर दी। वहीं, कांग्रेस ने कहा कि वह सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है और जल्द ही इसके खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने आयकर के मामले में जानबूझकर यह समय चुना, जब आम चुनाव होने हैं। कांग्रेस के कोष पर रोक लगाने का आदेश लोकतंत्र पर हमला है, क्योंकि यह लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आया है। ऐसी स्थिति में कोई निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद कैसे कर सकता है, जब आयकर अधिकारियों ने कांग्रेस के खातों से बड़ी रकम जब्त कर ली है। कांग्रेस के विधि प्रकोष्ट के प्रमुख विवेक तन्खा ने आयकर विभाग ने ‘टैक्स रिटर्न’ में विसंगतियों के लिए करोड़ों रुपए का जुर्माना लगाया है| कांग्रेस  फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देनेकी तैयारी कर रही है ।आयकर विभाग ने पिछले दिनों 210 करोड़ रुपए की रिकवरी की मांग का हवाला देते हुए कांग्रेस के प्रमुख खाते ‘फ्रीज’ कर दिए थे। हालांकि, बाद में आयकर अपीलीय अधिकरण ने अगली सुनवाई होने तक खातों पर रोक हटा दी थी। इस मामले में कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने बतौरअधिवक्ता पार्टी की पैरवी की।


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