
दबाव के आगे न झुकने के लिए अरुण गोयल को सलाम
निर्वाचन आयुक्त अरुणगोयल के पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को भारतीय जनतापार्टी (भाजपा) के दबाव के आगे. न झुकने’ के लिए उनकी सराहना की और कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार होगी। बनर्जी ने कहा कि गोयल का अचानक इस्तीफा साबित करता है कि भाजपा लोकसभा चुनावों में वोट लूटने का प्रयास कर रही है।’ दूसरी ओर, कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने रविवार को पूछा कि क्या उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) या केंद्र सरकार के साथ किसी मतभेद के कारण यह कदम उठाया है।
ममता बनर्जी ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनावों भाजपा के और उनके शीर्ष आकाओं के दबाव के आगे न झुकने के लिए मैं अरुण गोयल को सलाम करती हूं। हैं। वे वोट लूटना चाहते हैं।’ निर्वाचन आयुक्त अरुण गोयल ने 2024 के लोकसभा चुनावों के कार्यक्रम की अपेक्षित घोषणा से कुछ दिन पहले शनिवार को इस्तीफा दे दिया। दूसरी ओर, विपक्षी नेताओं ने इस बात पर हैरानी जताई कि क्या गोयल ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय की तरह उसके (भाजपा के) टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दे दिया है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘कल शाम निर्वाचन आयुक्त पद से अरुण गोयल का इस्तीफा तीन सवाल खड़े करता है। क्या उन्होंने वास्तव में मुख्य निर्वाचन आयुक्त या मोदी सरकार के साथ मतभेदों के कारण इस्तीफा दिया। या फिर उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया। या उन्होंने, कुछ दिन पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय के की तरह, भाजपा के टिकट पर आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दिया है।’ कांग्रेस नेता ने कहा कि निर्वाचन आयोग आठ महीने से ‘वोटर वेरिफिएबल पेपर आडिट ट्रेल (वीवीपैट) के मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में शामिल दलों से मिलने से इनकार कर रहा है और हेरफेर को रोकने के लिए वीवीपैट बहुत जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘मोदी के भारत में हर गुजरता दिन लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अतिरिक्त आघात करता है।’ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘मैं सोच रहा था कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने इस्तीफा दे दिया और अगले दिन भाजपा में शामिल हो गए औरतृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को अपशब्द कहने लगे।इससे पता चलता है कि भाजपा ने ऐसी मानसिकता वाले लोगों को नियुक्त किया है। अब निर्वाचन आयुक्त ने इस्तीफा दे दिया है तो थोड़ा इंतजार करें कि वह क्या करते हैं।’
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने आरोपलगाया कि निर्वाचन आयोग ‘भाजपा की विस्तारित शाखा न गया है। राउत ने आरोप लगाया, ‘पिछले 10 वर्षों मेंनिर्वाचन आयोग का निजीकरण कर दिया गया है। यह भाजपा की एक शाखा बन गई है।’ रमेश ने कहा, ‘संभव है कि अरुण गोयल ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दिया हो।’ एआइएमआइएम) नेता असदुद्दीन ओवैसी ने गोयल और सरकार से जवाब मांगा।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद साकेत गोखले ने पूछा, ‘निर्वाचन आयुक्त अरुण गोयल नेनिर्वाचन आयोग के साथ बंगाल की अपनी यात्रा बीच में ही छोड़कर कल रात अचानक इस्तीफा क्यों दे दिया?’राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने कहा कि यह चिंताजनक घटनाक्रम है। उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘लोकसभा चुनाव के ठीक पहले इस तरह अचानक इस्तीफा देना ऐसी बात है जिसके बारे में हमें चिंतित होना चाहिए, क्योंकि आम तौर पर ऐसा नहीं होता।(जनसत्ता 11 मार्च 24)

