दिल्ली जेल मुख्यालय से मुख्यमंत्री केजरीवाल की चली.., भारतीय इतिहास में पहली नोटसीट.

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    बिल्कुल कड़वा सत्य है यह होली समाचार नहीं है क्योंकि अक्सर लोग होली समाचार के रूप में ऐसे समाचारों को देखने की आदत पड़ गई है लेकिन यह भारतीय इतिहास और यदि सामान्य समझ में समझे तो दुनिया के इतिहास में शायद पहला अवसर होगा कि किसी लोकतंत्र में जेल में रह रहे मुख्यमंत्री ने जेल के अंदर से अपना मुख्यमंत्री कार्यालय चलाया है .मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इन दिनों भारतीय राजनीति के घटनाक्रम में संघर्ष का सामना कर रहे हैं, क्योंकि उनका निजी तौर पर यह मानना है की जो आरोप लगाए गए हैं वह सिर्फ एक षड्यंत्रकारी राजनीति है, इसके अलावा कुछ नहीं. और वास्तव में भारतीय लोकतंत्र में जिस प्रकार से नवगठित प्रवर्तन निदेशालय नामक संगठन अपनी प्रणाली को लोकतंत्र के विपक्षी नेताओं पर हथियार बनाकर काम कर रहा है ऐसे में लाजमी है राजनीतिक रहस्य-लोक से अरविंद केजरीवाल का राजनीतिक लाभ उठाना इसमें कोई नई बात नहीं है किंतु रोचक और रोमांचक बात यह है की प्रमाणित रूप से पढ़ा लिखा हुआ राजनीतिज्ञ लोकतंत्र में इतिहास कर मुख्यमंत्री के रूप में पहली नोट सीट पर अपने जल मंत्री को निर्देश दिए हैं. देखना होगा कि इसका आगे क्या असर पड़ता है… जेल में अंदर रहकर कई मंत्रियों ने अपनी लोकप्रियता को चुनाव जीतकर प्रमाणित किया है किंतु जेल में रहकर कोई मुख्यमंत्री अपने मंत्रालय का संचालन अपने ही राज्य में कैसे करता है यह बेहद रोमांचिकारी घटना कही जाएगी क्योंकि नैतिक रूप सेआरोपित होने के बाद भी कई मंत्री अपना मंत्रालय चलते आ रहे हैं यह कोई नई बात नहीं है उसमें  गृहमंत्री अमित शाह को तड़ी-पार के रूप में चर्चित की रखा गया है।
इसी दौर में दिल्ली की मंत्री आतिशी का वह बयान भी विचारणीय तथ्य के रूप में उभर कर आया है कि जिस आरोपी ने मुख्यमंत्री को घोटाले के लिए चिन्हित किया है वही आरोपी ,160 अरब का घोटाला साबित हो चुका यानी असंवैधानिक हो चुका, “इलेक्टोरल बांड” के जरिए भारतीय जनता पार्टी को करीब 5 करोड रुपए से ज्यादा चंदा दिया और बाद में एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट भी कथित तौर पर हासिल किया, ऐसे में प्रवर्तन निदेशालय  जो अरविंद केजरीवाल को आरोप लगाए जाने पर गिरफ्तार कर ली है, उसने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को घूस दिए जाने के मामले में तत्काल क्यों नहीं गिरफ्तार कर रही है …? भारतीय राजनीति में 21वीं सदि की यही राजनीतिक कड़वी सच्चाई है. सवाल यह है कि कौन कितना अफवाह या सच्चाई.. जनता-जनार्दन तक पहुंचा पाने में सफल होता है… बहरहाल आज की  एक ऐतिहासिक घटनाक्रम के रूप में मुख्यमंत्री ने जेल में नोट सीट पर निर्देश दिए हैं ऐसा समझ जाना चाहिए…….

———————–( त्रिलोकी नाथ)————————-

दिल्ली आबकारी नीति कथित घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तारी के बाद अरविंद केजरीवाल को 28 मार्च तक के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में रखा गया है। ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने शराब घोटाले की साजिश रची।ताजा मामले में दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने दिल्ली वालों को भरोसा दिलाया कि सीएम की गिरफ्तारी के बावजूद उनका कोई काम रुकेगा नहीं।

ED कस्टडी से केजरीवाल ने भेजा आदेश-नोट के जरिए जल मंत्री को जारी किया. आबकारी नीति मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुवार रात को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दो घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इसे लेकर दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने आज रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि दिल्ली वालों को भरोसा दिलाया कि उनका कोई काम रुकेगा नहीं।

दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने कहा कि ईडी की हिरासत से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुझे एक आदेश भेजा है। जिसमें दिल्ली वालों की सीवर और पानी की समस्या का जिक्र किया गया है। वह अपने बारे में न सोचकर दिल्ली वालों के बारे में सोच रहे हैं। वह खुद को सिर्फ दिल्ली का मुख्यमंत्री नहीं मानते हैं बल्कि दिल्ली के दो करोड़ लोगों को अपना परिवार मानते हैं।( Sabhar.Jagran NewsPublished: Sun, 24 Mar 24)


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