
नवंबर 2021 में दिल्ली के अंदर नई शराब नीति लागू हुई.ईडी के अनुसार, इस पॉलिसी के तहत शराब कारोबारी सरथ चंद्र रेड्डी और उनसे संबंधित कंपनियों को दिल्ली में शराब वेंड के 5 जोन मिले।पॉलिसी लागू होने के बाद 5 जनवरी 2022 को सरथ चंद्र रेड्डी की एक कंपनी अरबिंदो फार्मा ने 3 करोड़ के इलेक्ट्रोलर बॉन्ड खरीदे और कुछ दिन बाद भाजपा ने इसे इन कैश करा लिया। इलेक्टोरल बॉन्ड को सार्वजनिक होने के बाद इसका सबूत सामने आ गया है कि भाजपा ने अरबिंदो फार्मा से यह पैसा लिया है।
इसके बाद जुलाई, 2022 में अरबिंदो फार्मा ने 1.5 करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदे और इसी महीने ही भाजपा इस बॉन्ड को भी इन कैश करा लिया।9 नवंबर, 2022 को ईडी ने सरथ चंद्र रेड्डी को पूछताछ के लिए बुलाया रेड्डी ने बयान में कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल से कभी नहीं मिला और पैसे का कोई लेन-देन नहीं है।
इसके अगले दिन, 10 नवंबर 2022 को रेड्डी को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया हैरानी की बात यह है कि सरथ चंद रेड्डी की गिरफ्तारी के केवल 5 दिन बाद 15 नवंबर 2022 को उनकी अरबिंदो फार्मा ने 5 करोड रुपये के बॉन्ड खरीद कर फिर भाजपा को दिए। यानी मनी लॉन्ड्रिंग के मुकदमे के एक आरोपी ने अपना पैसा चुनावी चंदे के रूप में भाजपा को दिए
इसके बाद 6 जनवरी 2023 को ईडी ने अदालत में चार्टशीट दायर कर कहा कि सरथ चंद्र रेड्डी शराब घोटाले का किंगपिन और सबसे बड़ा लाभार्थी हैं।
20 जनवरी 2023 में जब सरथ चंद रेड्डी की जमानत पर सुनवाई हुई, तब उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी के लोग उनके ऊपर बल का इस्तेमाल कर झूठा बयान लेना चाहते हैं और उनके कर्मचारियों को भी डराया धमकाया जा रहा है।
सरथ रेड्डी छह महीने तक जेल में रहते हैं और अप्रैल 2023 को अचानक अपना बयान बदल कर कहते कि मैंने 100 करोड़ रुपये दिए। मई 2023 में सरथ रेड्डी की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। याचिक में कहा गया कि मेरी पीठ में बहुत दर्द हो रहा है। ईडी ने भी कहा कि रेड्डी की पीठ में दर्द है और इन्हें जमानत दे दी जाए और 8 मई 2023 को रेड्डी को जमानत मिल गई। इसके बाद 2 जून 2023 को कहा गया कि रेड्डी सरकारी गवाह बन गए हैं बस यही सब चल रहा है आजकल और हमारी केन्द्र की सरकार मोदीजी की अगुवाई मे भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी निष्ठा के साथ लड़ रही है.
(विचारक, संदीप तिवारी शहडोल जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हैं .)

