
नयी दिल्ली: 29 मार्च (भाषा)
आम आदमी पार्टी (आप) की वरिष्ठ नेता आतिशी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजनीतिक हथियार के तौर पर काम कर रहा है और वह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का फोन हासिल कर ‘आप’ की लोकसभा चुनाव की रणनीति की जानकारियां पाना चाहता है।‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल को दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में 21 मार्च को ईडी ने गिरफ्तार किया था तथा वह एक अप्रैल तक केंद्रीय जांच एजेंसी की हिरासत में हैं।आतिशी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि ईडी की केजरीवाल के मोबाइल फोन की जांच करने की जिद यह साबित करती है कि एजेंसी भाजपा के ‘‘राजनीतिक हथियार’’ के रूप में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि यह मोबाइल फोन कुछ महीने पुराना है तथा यह तब नहीं था जब नीति बनायी व लागू की गयी थी।केजरीवाल सरकार में मंत्री आतिशी ने कहा ‘‘दरअसल, यह भाजपा है न कि ईडी जो यह जानना चाहती है कि केजरीवाल के फोन में क्या है।’’
उन्होंने दावा किया कि आबकारी नीति 2021-22 में लागू की गयी और मुख्यमंत्री का मौजूदा फोन महज कुछ महीने पुराना है।आतिशी के अनुसार, ईडी ने कहा है कि उस वक्त का केजरीवाल का फोन उपलब्ध नहीं है और अब वह उनके नए फोन का पासवर्ड चाहती है।उन्होंने आरोप लगाया, ‘वे इसलिए फोन चाहते हैं क्योंकि वे इसमें ‘आप’ की लोकसभा चुनाव की रणनीति, प्रचार अभियान की योजनाओं, ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं के साथ बातचीत की जानकारियां और मीडिया तथा सोशल मीडिया रणनीति से जुड़ी सूचना ढूंढ लेंगे।’’कुछ विपक्षी दलों ने संसदीय चुनाव में भाजपा को चुनौती देने के लिए ‘इंडियन नेशनल डेवपलेपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस’ (इंडिया) गठबंधन बनाया है जिसमें ‘आप’, तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कषगम तथा समाजवादी पार्टी भी शामिल हैं।
नयी दिल्ली: 29 मार्च (भाषा) चुनाव सुधारों के लिए काम करने वाली संस्था ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) की एक रिपोर्ट के अनुसार निवर्तमान 514 लोकसभा सदस्यों में 225 (44 प्रतशित) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले होने की घोषणा चुनावी हलफनामों में की है।
कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने बताया, कांग्रेस पार्टी के सिर्फ 14 लाख रुपये के उल्लंघन के ऊपर आयकर विभाग ने 135 करोड़ रुपये छीन लिए। 2017-18 में भाजपा ने 1,297 लोगों से चंदा लिया। सूची में उन लोगों का कोई पता नहीं लिखा है। सिर्फ नाम लिखा गया है। नियम है कि चंदा देने वाले का नाम और पता, दोनों होने जरूरी हैं। इस तरह की राशि 42 करोड़ रुपये है...लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों को मिले चंदे को लेकर भाजपा व कांग्रेस में घमासान मचा है। भाजपा कह रही है कि कांग्रेस ने डोनेशन लेने के नियमों का उल्लंघन किया है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि चुनाव के मौके पर उसके बैंक खाते फ्रीज किए जा रहे हैं। सरकार का यह कदम देश की स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास है। यह मामला अब केवल भारत तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र संघ ‘यूएनओ’ तक इसकी गूंज पहुंच रही है। अमेरिका और यूएन में उठे इस मामले के बाद शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा खुलासा कर दिया है। पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने कहा, हमने सात वर्ष में भाजपा को मिले चंदे का हिसाब-किताब जोड़ा है। उसमें कई जगहों पर उल्लंघन एवं अनियमितताएं हैं। हमने जो हिसाब लगाया है, उसमें करीब 4,600 करोड़ रुपये की भाजपा पर पैनल्टी बनती है। आयकर विभाग, भाजपा को कोई नोटिस नहीं दे रहा। इतनी भारी पैनल्टी एकत्रित होने पर भी उसके बैंक खाते फ्रीज नहीं किए जा रहे।लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी द्वारा गिरफ्तार करना और कांग्रेस पार्टी के बैंक खाते फ्रीज करना, इस मामले को लेकर अमेरिका, जर्मनी और यूएन में टिप्पणी की गई है। भारत ने इस मामले में जर्मनी के राजयनिक को तलब किया था। उन्हें सख्त संदेश देते हुए कहा था कि यह भारत का आंतरिक मामला है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, हम ऐसी टिप्पणियों को हमारी न्यायिक प्रक्रिया में दखल और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमजोर करने के रूप में देखते हैं। भारत, कानून के शासन वाला एक जीवंत और मजबूत लोकतंत्र है। इस मामले में कानून अपना काम करेगा। इस संबंध में बनाई गई सभी पक्षपातपूर्ण धारणाएं बहुत अनुचित हैं। इसके बाद अमेरिका ने इस मामले में टिप्पणी कर दी। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, हम दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी सहित इन कार्रवाईयों पर बारीकी से नजर रखना जारी रखेंगे।