
शहडोल कांग्रेस के स्टार प्रचारक और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को मंडला और शहडोल लोकसभा क्षेत्र में चुनावी सभा की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र के वादों को दोहराया। साथ ही कई मुद्दों पर मोदी सरकार को निशाने पर लिया। राहुल गांधी ने ये भी कहा कि इंडिया गठबंधन की सरकार बनने पर अग्नि वीर योजना को खत्म करेंगे। क्योंकि सेना भी इसे नहीं चाहती है।
कु-प्रबंधन की कांग्रेसी सभा में राहुल का हुआ चुनावी भाषण…
शहडोल संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी फुंदेलाल के पक्ष में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का आज बाणगंगा मेला स्थल कमिश्नर मुख्यालय शहडोल में आमसभा हुई। हालात कुछ इस प्रकार के उदासीन थे कि वहां पर बैठे हुए कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता से जब पूछा गया कि इस हालत में कांग्रेस पार्टी की क्या स्थिति होगी…? तब उन्होंने कहा करीब चार लाख वोटो से कांग्रेस चुनाव हारेगी, जब उनसे कहा गया कि अगर एक लाख वोट से चुनाव हारती है तो क्या मायने होंगे…?
इस पर के उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इसका आशय यह है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की वजह से चुनाव हार गई। क्योंकि स्थानीय राजनीति में कार्यकर्ताओं के लिए कोई जगह नहीं दिखती। कुछ इस प्रकार के विचार सुनने के बाद हमें भी लगा इतनी बड़ी राष्ट्रीय पार्टी कि आखिर भीड़ शहडोल में ना आने का आखिर क्या कारण रहा होगा…? तैयारी तो लगभग बड़े स्तर की ही थी.. राहुल गांधी विपक्ष के चमकते हुए वास्तविक स्टार प्रचारक भी हैं फिर भी कांग्रेस प्रबंधन यहां पर काम करने में क्यों असफल रहा…?
बहुत ही नाम मात्र की भीड़ में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष का भाषण हुआ, पीछे की कुर्सियां लगभग खाली पड़ी रही। बड़ा टेंट का समियाना और प्रोजेक्टर लगा अवश्य दिए गए किंतु उसके अंदर ना तो पंखा था और ना ही कूलर की व्यवस्था थी जिससे जैसे ही राहुल गांधी का भाषण हुआ जो भी थोड़ी बहुत लोग थे लोग गर्मी के कारण उठकर सांस लेने के लिए बाहर टेंट से निकल रहे थे क्योंकि वातावरण में हवा की कमी थी। यही हाल प्रोजेक्टर का रहा जो राहुल गांधी के भाषण में भी राहुल गांधी को नहीं दिखा रहा था। बल्कि तिरंगे वीडियो को संचालित कर रहा था। इतना कुप्रबंधन शायद पहली बार इतने बड़े नेता के उपस्थिति में देखा गया। इस अराजकता की स्थिति में यह प्रश्न स्वाभाविक था कि आखिर कितने वोटो से कांग्रेस शहडोल में चुनाव हारेगी….?

