
लोकतंत्र में अब चुनाव इसलिए नहीं होतेहैं कि वह जनता के प्रतिनिधियों का प्रतिनिधित्व करें बल्कि चुनाव जीतने के लिए होते हैं और जीतने के आंकड़े अब सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पहले से बता देती है कि वह 400 पर जाने वाली है यानीकरीब डेढ़ सौ सीट विपक्ष के पास कुल मिलाकर होगी उनके हिसाब से.इसलिएचुनाव में मुद्दों का महत्व भी धीरे-धीरे खत्म हो गया है. विपक्ष की आवाज को आदिवासियों की तरह आवाज सुनकर अनदेखा किया जाना आम बात हो गई है बल्कि जब विपक्ष के कहीं पर कोई छोटा नेता भी किसी भी प्रकार की ऐसी बात बोल देता है जो सत्ता पक्ष के लिए फायदेमंद होती है तो सत्ता पक्ष का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसे हाईजैक कर लेते हैं और उसी को मुद्दा बनाने के लिएआतुर दिखाई देते हैं… यह अक्सर देखा गया है. जब से प्रधानमंत्री मोदी के रूप मेंनरेंद्र मोदी सत्ता पर आए हैं चाहे वह चौकीदार चोर का हो अथवा “मोदी मेरा परिवार”की जैसी कोई भी भाषा हो वही काम करती दिखाई देती है.कर्नाटक के चुनाव में जय बजरंगबली बोल करके बटन दबाने की बात नरेंद्र मोदी ने ही की.
यह बात अलग है कि अब नरेंद्र मोदी और उनकी भारतीय जनता पार्टी चुनाव आचार संहिता पर प्रतिबंधित यानी आचार संहिता उल्लंघन करने वाली भाषा शैली की बात सत्ता पक्ष के द्वारा बोली जाती है तो उसे पर निर्वाचन आयोग पारदर्शित तरीके से किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं करता है और यदि विपक्ष शैली को अपनाता है तो उसे पर निर्वाचन आयोग की नोटिस ऑटोमेटिक कंप्यूटर की तरह चलने लगती है .यह वर्तमान लोकतांत्रिक चुनाव की पहचान बनती जारी जा रही है विपक्ष की आवाजअब बहुत महत्वपूर्ण नहीं होती जा रही है.यानी जब कभी इतिहास में दास प्रथा रही होगी तो दास को बोलने का अधिकार नहीं होता था क्योंकि वह बिका हुआव्यक्ति कहलाता था इसी प्रकार से अब विपक्ष बोलना तो है किंतु उसकी आवाज सुनने के लिए सत्ता पक्ष वाद्य नहीं होती है, ऐसा देखा गया है. अन्यथा मणिपुर में स्त्रियों को नग्न करके घूम जाने के मामले में मोदी की नजर जाती किंतु ऐसा नहीं गया है जबकि अन्य जगह शक्ति पर अटैक किया तो वह नारी-शक्ति के रूप में परिवर्तित होकर के प्रधानमंत्री मोदी के लिए हथियार की तरह इस्तेमाल होने लगता है. यही इस लोकतंत्र कीलोकतंत्र के रूप में सत्ता करने वाली पार्टी की पहचान है.वर्तमान चुनाव में यह देखा गया है कि किस प्रकार से वास्तविक मुद्दे गायब हो गए हैं हवा मिली है ,प्रायोजित मुद्दों को ही हवा मिली है.कुछ बंदगी देखते हैं
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के संविधान को केंद्र सरकार के लिए ‘गीता, रामायण, महाभारत एवं कुरान’ करार देते हुए शुक्रवार को कहा कि बाबा साहब आंबेडकर खुद आ जाएं तो भी संविधान खत्म नहीं कर सकते।
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भाजपा पर बीआर अंबेडकर द्वारा बनाए गए देश के संविधान को नष्ट करने का आरोप लगाया है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा लोकसभा चुनाव में 200 से ज्यादा सीट नहीं जीत पाएगी।
गौचर (उत्तराखंड)रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस कुछ सालों में डायनासोर की तरह विलुप्त हो जाएगी। उन्होंने उसके अंदर चल रही अंतर्कलह की तुलना टेलीविजन रियल्टी शो ‘बिग बॉस’ से की
मीसा भारती ने कहा कि अगर विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन सत्ता में आया तो प्रधानमंत्री मोदी सलाखों के पीछे होंगे। भाजपा प्रमुख जे पी नड्डा ने जनता दल (राजद) की नेता मीसा भारती पर निशाना साधा और दावा किया कि ‘इंडी’ ब्लॉक के आधे नेता भ्रष्टाचार के मामलों में या तो जेल में हैं या जमानत पर बाहर हैं। वे एक हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं और हताशा में मोदीजी को गालियां दे रहे हैं।”उन्होंने कहा, ‘‘ कल मीसा भारती ने कहा कि अगर उनकी सरकार आएगी तो मोदी जी को जेल भेज दिया जाएगा। मोदी जी ने बिना किसी दोष के 12 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री और 10 वर्षों तक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने देश को परिवार मानकर सेवा की लेकिन लालू यादव की बेटी मीसा भारती इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं।’’

