
अभी यह कहना जल्दबाजी होगी की प्रशासन रेत माफिया के खिलाफ जागरूकता से काम कर रहा है इसी प्रकार की घटनाओं में पहले भी पटवारी की हत्या कर दिए पुलिस और प्रशासन के हिसाब से अब एक सहायक पुलिस उप निरीक्षक की हत्या की गई है किंतु जहां जनता की बात है तो कई हत्याएंअब तक हो चुके हैं जिन्हें दुर्घटना दिखा मामला रफा दफा कर दिया गया .किंतु जब बात स्वयं पुलिस और प्रशासन की पुरुषार्थ पर आन पड़ी तब प्रशासन ने दिखाने वाली चिश्ती पर भरोसा जताया है इस तरहजो कार्य किया गया है उसे पर्याप्त इस दृष्टिकोण में नहीं कहा जाता. क्योंकि जब कलेक्टर वंदनाहुई थी उस वक्त तत्काल एडीजीपी डी सी सागर के साथ मिलकर के उन्होंने एक मस्त 56 गाड़ियां पकड़ ली थी .इस बारआम नागरिक ,स्थापित हो चुके रेत माफिया के तंत्र में फस गया है और उसकी जमीन में अवैध रेत का भंडारण जो सार्वजनिक तौर पर स्वीकृत हो गया था उसके तहत मामले बनाए गए हैं
——————-(त्रिलोकी नाथ)———————–
फिर भी जो महत्वपूर्ण कार्यवाही है वह घड़ियाल परियोजना के अंतर्गत स्थापित पर रेत माफिया तंत्र परहाथ डालने का प्रशासन ने बड़ा काम किया है जो सामान्यत या माफिया के खिलाफ सोचने की हिमाकत भी पुलिस और प्रशासनभी चाह कर भी नहीं दिखा पा रहा था तो इसे पटवारी और सहायक पुलिस उप निरीक्षक की हत्यामें मृत्यु हो जाने की श्रद्धांजलि के रूप में देखा जा सकता है.माफिया तंत्र किस प्रकार से बड़ा तंत्र के रूप में विकसित हो गया है तब तक समस्याओं का समाधान एक नई सिस्टमैटिक-व्यवस्था के रूप में सिस्टम को परिवर्तित करना जैसा दिखता है इसके अलावा कुछ भी नहीं….?
क्योंकि अभी तक वन विभाग में अंतर्गत जो रेंजर महिला डॉन की तरह अवैध रूप से माफिया बनकर स्मगलिंग के अवैध कारोबार काम कर रही थी उस पर कोई बड़ी कार्रवाई ऐसी नहीं दिखाई देती जैसी माफिया सिस्टम के झोपड़पत्तियों को गिराए जाने जैसे बुलडोजर से दहाई जाने जैसी कार्रवाई का कर्मचारियों में भी भय के रूप में स्थापित हो सकेऔर जब तक समान रूप से माफिया गठबंधन की नसों पर वार नहीं किया जाएगा…क्योंकि माफिया तब स्थापित होता है जब पुलिस और प्रशासन चाहे वह वन विभाग का हो या अन्य विभाग का रेत माफिया के साथ मिलकर गठबंधन करके जो अपराध करते हैं तब यह पूर्ण रूप से स्थापित सिस्टमैटिक माफिया तंत्र के रूप में सफल होता है….
अभी तक ड्राइवर और ट्रैक्टर मालिकों पर ही कार्यवाही की गई है इससे कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ने वाला है बल्कि यह संदेश जाता है कि जो स्थापित माफिया तंत्र है उसके साथ नेताओं के नए सौदे विकसित हो रहे हैं और जैसे ही सौदे तय हो जाएंगे वैसे ही रेत माफिया का कारोबार इस तरह चलने लगेगा जैसे कोयला माफिया , और सीबीएम गैस माफिया स्थापित तौर पर सफलता के साथ काम कर रहा है .इसमें वन माफिया को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है….
तो शहडोल में खनिज माफिया तंत्र इतना ताकतवर अब महसूस किया जाने लगा है कि कलेक्टर शहडोल ने स्पष्ट तौर पर इस आशय के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं कि वह किसी भी स्थिति में बिना सुरक्षा बल के अवैध खनिज रोकने के काम पर ना जाएं। भाजपा सरकार के 5 वर्ष के कार्यकाल में शहडोल की यह दुर्दशा बेहद चिंताजनक प्रमाणित हो रही है खबर है. इस समय खनिज और पुलिस का बड़ा अमला व्यवहारी क्षेत्र में पड़ा हुआ है| सिर्फ 1 साल के अंदर एक पटवारी की हत्या के बाद एक सहायक उप निरीक्षक की हत्या और खनिज विभाग के दो इंस्पेक्टर के ऊपर हमला की घटना के बाद प्रशासन ने इसकी संवेदना को समझने का प्रयास किया है और वह खनिज मामले में अपराध को जड़ से मुक्त करने के लिए काम करता अथवा दबाव बनता दिखाई दे रहा है सूत्र के अनुसार करीब 25 गाड़ियों को अभी तक परिवहन के मामले में रोका गया है और जांच की जा रही है बहरहाल स्थित की गंभीरता को देखते हुए शहडोल कलेक्टर ने अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए अहम संदेश जारी किया है
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में अवैध रैत उत्खनन या अन्य अवैध खनिजों को रोकने हेतु पूर्व से ही कार्ययोजना बनाए और किसी भी स्थिति में पर्याप्त सुरक्षा बल के बिना न जाए, पर्याप्त सुरक्षा बल होने पर ही कार्यवाही करने जाएं। उन्होंने कहा कि अवैध उत्खनन रोकने की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को अवश्य दें। उन्होंने कहा कि जिले में किन इलाकों में अवैध उत्खनन होता है, कौन लोग करते है इसकी जानकारी दें। उन्हांेने कहा कि सरकारी भूमि को सुरक्षित रखें रिकार्डाें में हेरफेर न हो यह सुनिश्चित करें।
आरोपियों के घर में चला जिला प्रशासन का बुलडोजर
शहडोल कलेक्टर निर्देशन में व्यवहारी के ग्राम जमोड़ी निवासी वाहन चालक विजय रावत एवं वाहन मालिक सुरेद्र सिंह के घर में आज जिला प्रशासन ने बुलडोजर चला कर ध्वस्त किया गया।विजय रावत का 60×70 वर्गफिट का अर्धपक्का मकान जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 4 लाख थी। उसे संयुक्त कार्यवाही से ध्वस्त किया गया, टैक्टर मालिक सुरेन्द्र ग्राम जमोडी का अर्धपक्का मकान 100×85 वर्गफिट था जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपए थी उसे ध्वस्त किया गया, आरोपी विजय रावत व आशुतोष की गिरफ्तारी की जा चुकी है। उक्त आरोपियों द्वारा अवैध रेत उत्खनन को रोकने गए पुलिस बल पर जनपद पंचायत व्यवहारी के ग्राम खड़हुली के समीप हमला किया गया था जिसमे व्यवहारी मेंपदस्थ ए.एस. आई. महेंद्र बागड़ी की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी तरुण भटनागर ने आदेश जारी किया है कि जिला शहडोल अंतर्गत खनिज संसाधनों, रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर म.प्र. अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण निवारण नियम 2022 एवं गौण खनिज नियम 1996 के तहत रोक लगाये जाने एवं प्रभावी कार्यवाही किया जाना आवश्यक है। जिस हेतु जिला कार्यालय में नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। जिले में स्थापित नियंत्रण कक्ष का दूरभाष क्रमांक 07652-245330 है। उक्त दूरभाष नम्बर पर 24-7 आम जनता द्वारा सूचना दी जा सकती है।

