
नयी दिल्ली: 3 जून (भाषा) भीषण गर्मी के बीच दिल्ली के जल संकट से जूझने पर उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को इस समस्या से निपटने के लिए पांच जून को ‘अपर यमुना रिवर बोर्ड’ (यूवाईआरबी) की एक आपात बैठक बुलाने का आदेश दिया।यूवाईआरबी का गठन 1995 में किया गया था और इसके मुख्य कार्यों में यमुना नदी के पानी का लाभार्थी राज्यों के बीच आवंटन को नियंत्रित करना और दिल्ली में ओखला बैराज समेत सभी परियोजनाओं की समीक्षा एवं प्रगति पर नजर रखना भी है। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) दिल्ली शामिल हैं।
नयी दिल्ली: 3 जून (भाषा) मिठाइयों एवं नमकीन उत्पादों की बिक्री करने वाली बीकानेरवाला फूड्स ने सोमवार को कहा कि अमूल और मदर डेयरी की तरफ से दूध के दाम बढ़ाए जाने के बावजूद वह अपनी मिठाइयों के दाम नहीं बढ़ाएगी।दुध की आपूर्ति करने वाली कंपनियों अमूल और मदर डेयरी ने सोमवार से इसकी कीमतें दो रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी हैं।
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी को पूरी उम्मीद है कि लोकसभा चुनाव के नतीजे एग्जिट पोल में दिखाए गए नतीजों से बिल्कुल उलट होंगे। मंगलवार को घोषित होने वाले नतीजों से उनकी उम्मीदों के बारे में पूछे जाने पर सोनिया गांधी ने पीटीआई से कहा, “हमें इंतजार करना होगा, बस इंतजार करना होगा और देखना होगा।” कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख ने कहा, “हमें पूरी उम्मीद है कि हमारे नतीजे एग्जिट पोल में दिखाए गए नतीजों से बिल्कुल उलट होंगे।”
नई दिल्ली: हाईकोर्ट के सात पूर्व न्यायाधीशों ने सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक खुला पत्र लिखकर उनसे “स्थापित लोकतांत्रिक मिसाल” का पालन करने और 2024 के आम चुनावों में संसद में अस्थिरता की स्थिति पैदा होने पर खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए सबसे बड़े चुनाव-पूर्व गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का आग्रह किया।सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और मुख्य चुनाव आयुक्त से यह भी आग्रह किया कि यदि वर्तमान सत्तारूढ़ दल जनादेश खो देता है, तो सत्ता का सुचारू हस्तांतरण सुनिश्चित करके संविधान को बनाए रखें।खुले पत्र पर मद्रास उच्च न्यायालय के छह पूर्व न्यायाधीशों जी एम अकबर अली, अरुणा जगदीशन, डी हरिपरंथमन, पीआर शिवकुमार, सीटी सेल्वम, एस विमला और पटना उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश अंजना प्रकाश के हस्ताक्षर हैं।

