
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा विभागों को सुविधाजनक तरीके से क्लाउड सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए मध्यप्रदेश क्लाउड पॉलिसी-2024″ का अनुमोदन किया। इस निर्णय से म.प्र. राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) के माध्यम से केंद्रीयकृत रूप से विभागों को क्लाउड सेवाएं उपलब्ध कराई जायेंगी एवं क्लाउड सेवाओं के भुगतान के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग को बजट उपलब्ध कराया जाएगा। एमपीएसईडीसी से विभागों को क्लाउड सेवाएं प्रदाय करने से विभागों के द्वारा सीधे सेवाएं क्रय करने, डेटा सेंटर स्थापित करने और स्वयं क्लाउड सेवाओं को प्राप्त करने में होने वाले व्यय में बचत होगी। पूरे राज्य में एक केन्द्रीकृत संस्था (एमपीएसईडीसी) के द्वारा ये व्यवस्था करने से इकॉनॉमी ऑफ स्केल के कारण कुल व्यय में बचत होगी और क्लाउड सेवाओं का बेहतर प्रबंधन होगा।
10 हजार पद बैकलॉग के पदों की पूर्ति के लिए विशेष भर्ती अभियान में एक वर्ष की वृद्धि
मंत्रि-परिषद द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़े वर्गों तथा निःशक्तजनों के बैकलॉग/कैरीफारवर्ड पदों की पूर्ति के लिए विशेष भर्ती अभियान की समय-सीमा में 01 जुलाई 2024 से 30 जून, 2025 तक एक वर्ष की वृद्धि की गई। बैकलॉग के 17 हजार पद में से 7 हजार पद भरे जा चुकें हैं। अभी 10 हजार पद शेष हैं जो भरे जाएगें।
“म.प्र. निजी सुरक्षा अभिकरण नियम 2024 का प्रारूप अनुमोदित
मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार द्वारा अधिसूचित “निजी सुरक्षा अभिकरण (रोकड़ परिवहन कार्यकलापों के लिए निजी सुरक्षा) नियम, 2018 के अनुक्रम में तैयार किए गए “मध्यप्रदेश निजी सुरक्षा अभिकरण (रोकड़ परिवहन कार्यकलापों के लिए निजी सुरक्षा) नियम, 2024 के प्रारूप को अधिसूचित करने का निर्णय लिया गया है। निजी सुरक्षा एजेंसियों को नगद हैंडलिंग और परिवहन के लिए सुरक्षा प्रदान हो सकेंगी।“मध्यप्रदेश निजी सुरक्षा अभिकरण (विनियमन) नियम, 2024” को अधिसूचित करने का निर्णयमंत्रि-परिषद द्वारा मध्य प्रदेश निजी सुरक्षा अभिकरण (विनियमन) नियम, 2012 अधिक्रमित करते हुए भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचित मॉडल नियमों के समरूप में “मध्यप्रदेश निजी सुरक्षा अभिकरण (विनियमन) नियम, 2024” को अधिसूचित किये जाने का निर्णय लिया गया है। निजी सुरक्षा उद्योग के सामने आने वाले मुद्दों का समाधान करने और ईज ऑफ डूईंग बिजनेस, डिजिटल इंडिया और ईं-गवर्नेंस प्रमुख दृष्टिकोणों में तालमेल बिठाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया हैं।
उच्च शिक्षा विभाग केमहाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों में मनाया जाएगा “गुरु पूर्णिमा उत्सव”
भोपाल : गुरूवार, जुलाई 18, 2024,उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित सभी शासकीय/अशासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में दो दिवसीय गुरू पूर्णिमा उत्सव 21 जुलाई एवं 22 जुलाई को मनाया जाएगा। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग ने विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डॉ. अनिल राजपूत ने बताया कि दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा उत्सव में विविध सांस्कृतिक गतिविधियां होंगी। इसमें गुरु वंदना, संस्थान परिदृश्य, गुरु पूर्णिमा के ऐतिहासिक महत्व, गुरु-शिष्य परम्परा, शिक्षा में नैतिकता, योग और ध्यान, गुरु के आदर्श एवं शिक्षा में नवाचार आदि विविध विषयों पर वक्तव्य एवं चर्चा होगी। साथ ही विद्यार्थियों द्वारा गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य पर विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।डॉ. राजपूत ने बताया कि कार्यक्रम में सभी को राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के विश्वविद्यालयों के “कुलपति” पद नाम को परिवर्तित कर “कुल गुरू” किए जाने के निर्णय से अवगत कराया जायेगा। प्रदेश के समस्त शासकीय/अशासकीय विश्वविद्यालय/महाविद्यालय द्वारा उनके सेवानिवृत्त और कार्यरत कुलगुरू/प्राचार्य/गुरूजन/शिक्षाविद् को समारोह में सम्मानित किया जायेगा। समस्त शैक्षणिक संस्थाएं, संबंधित जिला कलेक्टर से समन्वय कर जिले के प्रबुद्ध नागरिक, गणमान्य व्यक्तिगण, गुरूजन एवं आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए कार्यक्रमका आयोजन करेंगी।
शहडोल 18 जुलाई 2024- अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अमृता गर्ग ने जैतुपर अनुभाग के अंतर्गत चलाए जा रहें राजस्व महा अभियान 2.0 के संबंध राजस्व अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अमृता गर्ग ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारियों व अन्य राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व सेवा महा अभियान के तहत लोगों का निराकरण प्राथमिकता के साथ कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि योजना के पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाया जाए। साथ ही राजस्व महा अभियान में राजस्व न्यायालयों की आर सी एम एस में लंबित प्रकरणों, नामान्तरण, बंटवारा, अभिलेख दुरूस्तगी का निराकरण, नये राजस्व प्रकरणों को आर सी एम एस पर दर्ज करना, नक्शे पर तरमीम, पी एम किसान का सैचुरेशन, समग्र का आधार से ईकेवाईसी और खसरे की समग्र, आधार से लिंकिंग एवं फार्मर रजिस्ट्री का क्रियान्वयन किये जाने हेतु के भी निर्देश अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अमृता गर्ग ने दिए।

