
नई दिल्ली कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग के परिणामों पर प्रश्न चिन्ह खड़े किए गए हैं। हाल ही में दो स्वतंत्र संस्थाओं ने चुनाव परिणाम में मतदान प्रतिशत और परिणाम प्रतिशत में अंतर को सार्वजनिक किया था उन संस्थाओं के प्रतिवेदन के आधार पर नई दिल्ली में कांग्रेस पार्टी ने पत्रकार वार्ता करके चुनाव आयोग से इन जांच प्रतिवेदनों की रिपोर्ट को गंभीरता से लेकर जांच करने को कहा है। वह स्पष्टीकरण चाहा है कि आखिर क्या कारण थे कि मतदान प्रतिशत और परिणाम प्रतिशत में अंतर आए कांग्रेस ने यह भी कहा है कि इस तरह अंतर आने से स्पष्ट हो जाता है की करीब 60 से89 सीटों में भाजपा को अनैतिक तरीके से लाभ पहुंचाया गया है। माना गया ऐसी स्थिति में वास्तव में भाजपा की जीत बेमानी है। और गलत तरीके से सत्ता हथियाया गया है। ऐसा कहा जा सकता है।
कांग्रेस पार्टी की ओर से पत्रकारों को संबोधित करते हुए नेता संदीप दीक्षित ने कहा चुनाव आयोग को सामने आए चुनाव संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण करके एक स्पष्ट पारदर्शी संदेश देना चाहिए कि आखिर किन कारणों से मतदान और परिणाम प्रतिशत में अंतर प्रकट हुए हैं। उन्होंने कहा कि देश डिजिटल युग में चला गया है ऐसा प्रधानमंत्री का दावा भी है इसकी बावजूद भी इतनी महत्वपूर्ण चुनाव आयोग की कार्य प्रणाली में यदि अंतर दिखाई देता है तो उसका स्पष्टीकरण चुनाव आयोग को अवश्य करना चाहिए। यह चुनाव आयोग की विश्वसनियता के लिए भी आवश्यक है। आखिर इतने बड़े संदेह पर चुनाव आयोग की चुप्पी संदेह को बढ़ाती है पत्रकारों के पूछे जाने पर कि यदि चुनाव आयोग इस पर कोई कार्यवाही नहीं करता है तो कांग्रेस का अगला स्टेप क्या होगा उन्होंने कहा हम इस बारे में चुनाव आयोग से ज्यादा आशा रखते हैं कि वह अपनी जिम्मेदारी को समझेगा अन्यथा वैकल्पिक तरीके से कांग्रेस पार्टी इस पर कार्यवाही करेगी।

