
नयी दिल्ली: छह
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक में बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी और सभी दलों के सर्वसम्मत समर्थन के लिए उनकी सराहना कीसोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में जयशंकर ने संसद भवन में हुई बैठक की तस्वीरें भी साझा कीं।विदेश मंत्री ने लिखा, “आज संसद में एक सर्वदलीय बैठक में बांग्लादेश के हालिया घटनाक्रमों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान जताए गए सर्वसम्मत समर्थन और तालमेल के लिए सभी दलों की सराहना करता हूं।”बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री शेख हसीना के अचानक इस्तीफा देने और देश छोड़कर जाने से वहां अराजकता की स्थिति पैदा हो गई है।हसीना सोमवार रात बांग्लादेशी वायुसेना के एक सी-130 जे सैन्य विमान से भारत पहुंचीं। बताया जा रहा है कि उनकी लंदन जाने की योजना है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को इस मुद्दे पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक की अध्यक्षता की।आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को शिकायत की कि पड़ोसी देश बांग्लादेश में अशांति को लेकर भारतीय जनता पार्टी नीत राजग सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में उसे आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि वह 13 सांसदों वाली एक राष्ट्रीय पार्टी है।पड़ोसी देश में नौकरियों में आरक्षण को लेकर बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है, जिसके चलते प्रधानमंत्री शेख हसीना को सोमवार को पद छोड़कर देश से भागना पड़ा.
नयी दिल्ली: छह अगस्त (भाषा) केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बांग्लादेश में स्थित सिख धर्मस्थलों और हिंदू मंदिरों पर हमलों को लेकर मंगलवार को गंभीर चिंता जताई और विदेश मंत्री एस जयशंकर से इस मुद्दे को सैन्य अधिकारियों या बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के समक्ष उठाने का आग्रह किया।जयशंकर को लिखे एक पत्र में बिट्टू ने कहा, ‘‘चूंकि बांग्लादेश में सिखों की आबादी बहुत कम है और कुछ भारत विरोधी तत्व धार्मिक स्थलों पर उपद्रव मचा रहे हैं, इसलिए सिख समुदाय बांग्लादेश में स्थित गुरुद्वारों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है।’’
बेंगलुरु: मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) साइट आवंटन घोटाले के संबंध में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगने वाली याचिका पर अब गेंद राज्यपाल के पाले में है, ऐसे में सभी की निगाहें राजभवन पर टिकी हैं कि थावरचंद गहलोत क्या निर्णय लेते हैं।अधिवक्ता-कार्यकर्ता टी जे अब्राहम द्वारा दायर याचिका के आधार पर राज्यपाल ने 26 जुलाई को “कारण बताओ नोटिस” जारी किया था, जिसमें मुख्यमंत्री को सात दिनों के भीतर उनके खिलाफ आरोपों पर अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था, कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति क्यों नहीं दी जानी चाहिए।कर्नाटक सरकार ने 1 अगस्त को उन्हें अपना “कारण बताओ नोटिस” वापस लेने की “दृढ़ता से सलाह” दी, और राज्यपाल पर “संवैधानिक कार्यालय का घोर दुरुपयोग” करने का आरोप लगाया.
नयी दिल्ली: छह अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को फ़िज़ी के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘कम्पैनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फ़िज़ी’ से सम्मानित किए जाने पर बधाई दी और कहा कि यह हर भारतीय के लिए बहुत गर्व और खुशी का क्षण है।राष्ट्रपति मुर्मू को मंगलवार को फ़िज़ी के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘कम्पैनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फ़िज़ी’ से सम्मानित किया गया।
नयी दिल्ली: छह अगस्त (भाषा) ऑल इंडिया सज्जादानशीन काउंसिल ने वक्फ बोर्ड के संचालन से जुड़े कानून में संशोधन के सरकार के फैसले का मंगलवार को स्वागत करते हुए कहा कि यह काफी समय से लंबित है।सूत्रों ने बताया कि सरकार वक्फ बोर्ड के संचालन से जुड़े 1995 के कानून में संशोधन करने के लिए संसद में एक विधेयक लाने वाली है ताकि इनके कामकाज में अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके तथा इन संस्थाओं में महिलाओं की अनिवार्य भागीदारी हो सके।

