
नयी दिल्ली: 22 अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को यहां की एक अदालत को बताया कि उसने उन महिला पहलवानों की सुरक्षा वापस लेने के बारे में पैदा हुई “गलतफहमी” को दूर कर दिया है, जो भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ गवाही देने वाली हैं।अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रियंका राजपूत ने दिल्ली पुलिस को सिंह के खिलाफ गवाही देने वाली एक महिला पहलवान की सुरक्षा वापस लेने के कारणों के बारे में शुक्रवार तक एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था।
फोगट ने एक्स पर लिखा, “दिल्ली पुलिस ने उन महिला पहलवानों की सुरक्षा वापस ले ली है, जो अदालत में बृज भूषण के खिलाफ गवाही देने जा रही हैं.” पूर्व पहलवान के ट्वीट का जवाब देते हुए, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पहलवानों को प्रदान की गई सुरक्षा वापस नहीं ली गई है. हरियाणा पुलिस से भविष्य में जिम्मेदारी संभालने का अनुरोध करने का निर्णय लिया गया है, क्योंकि सुरक्षा प्राप्त लोग आम तौर पर वहीं रहते हैं. सुरक्षा में नियुक्त दिल्ली पुलिस के निजी सुरक्षा अधिकारियों ने इस निर्णय को गलत तरीके से समझा और पहलवानों की सुरक्षा के लिए बृहस्पतिवार को देरी से पहुंचे. इसे सुधार लिया गया है. लगातार सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है.”
नई दिल्ली राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (23 अगस्त, 2024) नई दिल्ली के भारत मंडपम में पहले राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह में भाग लिया। 23 अगस्त, 2023 को चंद्रमा की सतह पर ‘विक्रम’ लैंडर के सफलतापूर्वक उतरने की याद में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने ‘रोबोटिक्स चैलेंज’ और ‘भारतीय अंतरिक्ष हैकाथॉन’ के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि इसरो ने अपने शुरुआती दिनों से ही शानदार यात्रा की है। इसरो ने अंतरिक्ष क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
भोपाल :
मध्यप्रदेश में महिलाओं के स्व-सहायता समूहों की बढ़ती आर्थिक गतिविधियों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था अब तेजी से मजबूत हो रही है। वर्ष 2023-24 में एक लाख 63 हजार 500 स्व-सहायता समूहों को सार्वजनिक, निजी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों ने आर्थिक गतिविधियां शुरू करने के लिए 3584 करोड़ का ऋण उपलब्ध कराया गया। वर्ष 2012-13 से अब तक 7.09 लाख स्व-सहायता समूहों को 10 हजार 337 करोड़ रूपए का बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया। पिछले पांच सालों में स्व-सहायता समूहों के आर्थिक रूप से सक्षम होने से बैंकों द्वारा दी जाने वाली ऋण की राशि भी बढ़ती जा रही है।

