
नयी दिल्ली: 22 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को एक फर्जी धमकी भरा ईमेल मिला है जिसमें दावा किया गया है कि दिल्ली और तेलंगाना में उसके तीन विद्यालयों और उसके परिसरों में स्थित दो केंद्रीय विद्यालयों को विस्फोटकों से निशाना बनाया जाएगा। हालांकि, बाद में यह धमकी फर्जी साबित हुई। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।सूत्रों ने बताया कि तोड़फोड़ रोधी टीम ने इन विद्यालयों की जांच की और इस दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। उन्होंने बताया कि मंगलवार को इन विद्यालयों में कक्षाएं सुचारु रूप से चलीं।
राष्ट्रपति ने इंदौर को 5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार से किया सम्मानितमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई
भोपाल : मंगलवार, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा ‘5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार’ से पश्चिम जोन के अंतर्गत इंदौर को सर्वश्रेष्ठ जिले के तौर पर पुरस्कृत करने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि के लिए समस्त प्रदेशवासियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा है कि “मध्यप्रदेश पानी की एक-एक बूंद के उचित उपयोग एवं संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और ‘जल-संरक्षण’ की दिशा में निरंतर अपनी भूमिका का निर्वाह कर रहा है। आने वाली पीढ़ी के लिए अपनी नैतिक जिम्मेदारी को भली-भाँति समझते हुए हमने प्रदेश में जल-संरचनाओं का जाल बिछाया है, पुरानी जल-संरचनाओं का नवीनीकरण किया है और सिंचाई क्षमता को बढ़ाने का लगातार प्रयत्न किया जा रहा है।जिले में वृहद स्तर पर जल-संचयन संरचनाएं भी निर्मित की गयी हैं, जिसमे 420 फार्म पॉन्ड, 180 पेरकोलेशन टैंक, 100 निस्तारी टैंक और 190 चेक डैम शामिल हैं। इससे जिले में जल-भंडारण क्षमता में 30 लाख घन मीटर की वृद्धि हुई है। लगभग 25 हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्र को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों के तहत लाया गया है, जिससे जिले के लगभग 16 हजार किसान लाभान्वित हुए हैं। जिले में एक लाख घरों की छतों पर नागरिकों द्वारा अपने खर्च पर ही वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित की गई हैं और 10 स्थानों पर पीज़ोमीटर लगाए गए हैं, जिससे जल स्तर का मूल्यांकन किया जा सके। हरियाली महोत्सव के दौरान 20 लाख पौधे लगाए गए और इंदौर शहरी क्षेत्र में 2 लाख 55 हजार पौधे लगाए गए हैं।
ओवरबर्डन को संसाधित करके निर्मित-रेत (एम-रेत) का उत्पादन करने की रणनीति
एचपीईसी में पांच केंद्रीय मंत्रालयों, नीति आयोग और कोयला कंपनियों के बहु-विषयक विशेषज्ञ शामिल थे। ओवरबर्डन में मिट्टी, चट्टान और खनिज शामिल हैं और इन्हें पारंपरिक रूप से कोयला खनन के दौरान अपशिष्ट के रूप में त्याग दिया जाता है, समिति को इनके उपयोग के नवीन तरीकों की पहचान करने का काम सौंपा गया था।
ओवरबर्डन को मूल्यवान संसाधनों के रूप में उपयोग करने के लिए रिपोर्ट एक व्यापक रूपरेखा तैयार करती है। ऐतिहासिक रूप से अपशिष्ट के रूप में देखे जाने वाले ओवरबर्डन को अब पर्यावरणीय स्थिरता, आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता वाली संपत्ति के रूप में उपयोग किया जा रहा है। एचपीईसी रिपोर्ट ‘संपूर्ण खनन’ दृष्टिकोण की वकालत करती है जिसका उद्देश्य स्थायी खनन तरीकों में योगदान करते हुए आर्थिक मूल्य श्रृंखला में ओवरबर्डन को एकीकृत करना है।रिपोर्ट की मुख्य विशेषताओं में ओवरबर्डन को संसाधित करके निर्मित-रेत (एम-रेत) का उत्पादन करने की रणनीतियां शामिल हैं। निर्मित-रेत का उपयोग निर्माण परियोजनाओं में किया जा सकता है, जिससे नदी की रेत पर निर्भरता कम हो सकती है और पर्यावरणीय क्षरण को रोका जा सकेगा है। इस एम-रेत की व्यावसायिक बिक्री से कोयला कंपनियों को महत्वपूर्ण राजस्व प्राप्त होने और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
बजरंग पुनिया ने किसान कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार संभाला नयी दिल्ली: 22 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस के किसान प्रकोष्ठ के कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग पुनिया ने मंगलवार को पदभार ग्रहण किया।कांग्रेस मुख्यालय में उनके पदभार ग्रहण के दौरान कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा, पार्टी के वरिष्ठ नेता बीरेंद्र सिंह, अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखपाल सिंह खैरा, विधायक विनेश फोगाट और कुछ अन्य लोग मौजूद थे।
वाइब्रेंट विंध्य-रीवा में प्रदेश की पांचवीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेवरीवा-मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को से 23 अक्टूबर को रीवा में प्रदेश की पांचवीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य विंध्य क्षेत्र को निवेश और औद्योगिक अवसरों के केंद्र के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 को ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ घोषित किया गया है। रीवा स्थित कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में होने वाली कॉन्क्लेव में 4 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें 50 से अधिक प्रमुख निवेशक और 3 हजार से अधिक एमएसएमई उद्यमी शामिल होंगे।
जिले, तहसील, विकासखंड और संभागों के पुनर्गठन की प्रक्रिया की जा रही है आरंभ : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मार्च 2024 में प्रदेश की प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन का प्रस्ताव किया था। इस क्रम में प्रदेश के संभाग, उप संभाग, जिले, तहसील, विकासखंडों के पुनर्गठन की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। आमजन और जन-प्रतिनिधि अपने सुझाव, आवेदन और अभ्यावेदन के रूप में पुनर्गठन आयोग को प्रस्तुत कर सकेंगे। आवेदनों पर विचार के बाद अनुशंसाएं पुनर्गठन आयोग द्वारा राज्य शासन को प्रस्तुत की जाएंगी। नगरीय क्षेत्र की सीमाओं के प्रस्ताव भी आयोग को दिए जा सकेंगे। आयोग नवंबर माह से विभिन्न संभागों में अपने दौरे प्रारंभ करेगा, आवेदन अभ्यावेदन के लिए 4 से 6 माह तक का समय रहेगा
संपदा 2.0 के माध्यम से शहडोल जिले का पहला दस्तावेज हुआ पंजीकृत
भूमि की खरीदी बिक्री को आसान एवं पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा संपदा 2.0 को लॉन्च किया गया है। संपदा 2.0 लांच होने से लोगों को भूमि की खरीदी,बिक्री आदि के कार्यों को आसानी से किया जा रहा है। इसी कड़ी में संपदा 2.0 के माध्यम से पंजीयक कार्यालय शहडोल में शहडोल जिले के जनपद पंचायत सोहागपुर के ग्राम पैलवाह निवासी श्री रामकुमार मार्काें ने संपदा 2.0 के माध्यम से वसीयत नामा कराया। उप पंजीयक श्री सुनील विश्वकर्मा ने बताया कि संपदा 2.0 के माध्यम से अगर कोई पक्षकार रजिस्ट्री कार्यालय तक नहीं आ सकता है वह अपने घर बैठे आईडी बनाकर रजिस्ट्री करा सकते हैं तथा जिओ टैली के माध्यम से संपत्ति सर्च की जाती है इससे हर प्रॉपर्टी की जिओ टेली कर दी गई है जिससे प्रॉपर्टी को छुपाया नहीं जा सकता। खसरा नंबर डालने पर जिओ टेली के माध्यम से पूरी जानकारी मिल जाती है, अन्य व्यक्ति के आने से रजिस्ट्री नहीं हो सकती।

