
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन ने हम सभी के हृदय को गहरी पीड़ा पहुंचाई है। उनका जाना, एक राष्ट्र के रूप में भी हमारे लिए बहुत बड़ी क्षति है। विभाजन के उस दौर में बहुत कुछ खोकर भारत आना और यहां जीवन के हर क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करना, ये सामान्य बात नहीं है। अभावों और संघर्षों से ऊपर उठकर कैसे ऊंचाइयों को हासिल किया जा सकता है, उनका जीवन ये सीख भावी पीढ़ी को देता रहेगा।एक नेक इंसान के रूप में, एक विद्वान अर्थशास्त्री के रूप में और रिफॉर्म्स के प्रति समर्पित लीडर के रूप में उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। एक अर्थशास्त्री के रूप में उन्होंने अलग-अलग स्तर पर भारत सरकार में अनेक सेवाएं दीं। एक चुनौतीपूर्ण समय में उन्होंने रिजर्व बैंक के गवर्नर की भूमिका निभाई। पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न श्री पी.वी. नरसिम्हा राव जी की सरकार के वित्त मंत्री रहते हुए उन्होंने वित्तीय संकट से घिरे देश को एक नई अर्थव्यवस्था के मार्ग पर प्रशस्त किया। प्रधानमंत्री के रूप में देश के विकास में और प्रगति में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
जनता के प्रति, देश के विकास के प्रति उनका जो कमिटमेंट था, उसे हमेशा बहुत सम्मान से देखा जाएगा। डॉ. मनमोहन सिंह जी का जीवन, उनकी ईमानदारी और सादगी का प्रतिबिंब था, वो विलक्षण सांसद थे। उनकी विनम्रता, सौम्यता और उनकी बौद्धिकता उनके संसदीय जीवन की पहचान बनी। मुझे याद है कि इस साल की शुरुआत में जब राज्यसभा में उनका कार्यकाल समाप्त हुआ, तब मैंने कहा था कि सांसद के रूप में डॉ. साहब की निष्ठा सभी के लिए प्रेरणा जैसी है। सत्र के समय अहम मौकों पर वो व्हील चेयर पर बैठकर आते थे, अपना संसदीय दायित्व निभाते थे। दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थाओं की शिक्षा लेने और सरकार के अनेक शीर्ष पदों पर रहने के बाद भी वो अपनी सामान्य पुष्ठ भूमि के मूल्यों को कभी भी नहीं भूले। दलगद राजनीति से ऊपर उठकर उन्होंने हमेशा हर दल के व्यक्ति से संपर्क रखा, सबके लिए सहज उपलब्ध रहे। जब मैं मुख्यमंत्री था तब डॉ. मनमोहन सिंह जी के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अनेक विषयों पर उनसे खुले मन से चर्चाएं होती थी। यहां दिल्ली आने के बाद भी मेरी उनसे समय-समय पर बात होती थी, मुलाकात होती थी। मुझे उनसे हुई मुलाकातें, देश को लेकर हुई चर्चाएं हमेशा याद रहेगी। अभी जब उनका जन्मदिन था तब भी मैंने उनसे बात की थी। आज इस कठिन घड़ी में मैं उनके परिवार के प्रति अपने संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं डॉ. मनमोहन सिंह जी को सभी देशवासियों की तरफ से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
नयी दिल्ली: 27 दिसंबर (भाषा)
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को यहां उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी।भारत के आर्थिक सुधारों के जनक सिंह का बृहस्पतिवार देर रात दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे।राष्ट्रपति कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के आवास पहुंचीं और उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। उन्होंने डॉ. मनमोहन सिंह के परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त की।’’
मनमोहन का निध
न व्यक्तिगत क्षति, वह मेरे मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक थे: सोनिया गांधी
नयी दिल्ली: 27 दिसंबर (भाषा) कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन को शुक्रवार को अपने लिए बड़ी व्यक्तिगत क्षति करार दिया और कहा कि वह उनके लिए ‘मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक’ थे।उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी के लोग और भारत के लोग हमेशा इस बात पर गर्व करेंगे तथा आभारी रहेंगे कि मनमोहन सिंह ऐसे नेता थे, जिनका भारत की प्रगति और विकास में योगदान अतुलनीय है।
डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने व्यक्त किया शोक
भोपाल : शुक्रवार, दिसम्बर 27, 2024, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने प्रख्यात अर्थशास्त्री, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर गहन शोक व्यक्त किया है उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि उनकी विद्वत्ता, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा हमेशा हम सबके लिये प्रेरणा का स्रोत रहेंगी।। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि उनकी विद्वत्ता, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने और परिजन एवं प्रशंसकों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
अमीलिहा बाघ के हमले में मृत महिला के परिजन को दी जायेगी आर्थिक सहायता
भोपाल : शुक्रवार, दिसम्बर 27, वन मण्डल उमरिया के अंतर्गत वन परिक्षेत्र घुनघुटी की बीट अरहरियादादर कक्ष क्रमांक आर.-239 में वन्य-प्राणी बाघ द्वारा लकड़ी बीनने गयी महिला बचनी बाई पर हमला किया गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गयी। वन विभाग द्वारा शासन के नियमानुसार महिला के परिजन को आर्थिक सहायता दी जाने की कार्यवाही की जा रही है। महिला के शव के आसपास निरीक्षण करने पर बाघ के पदचिन्ह मिले, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि बाघ द्वारा महिला पर हमला किया गया।घटना स्थल पर तहसीलदार पाली, हलका पटवारी, चौकी घुनघुटी का पुलिस स्टॉफ, सरपंच अमीलिहा और मृतका के परिजन की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कराया गया।

