
महाकुम्भ नगर: (उप्र) फरवरी (भाषा) प्रयागराज के महाकुंभ में सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू डुबकी लगाएंगी। रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी।बयान के अनुसार मुर्मू आठ घंटे से अधिक समय तक प्रयागराज में रहेंगी और इस दौरान संगम स्नान के साथ ही यहां अक्षयवट और बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगी। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रयागराज में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है।
भोपाल : रविवार, फरवरी 9,
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नवंबर 2024 में हुए 6 दिवसीय यूके और जर्मनी दौरे में उद्योगपतियों और निवेशकों से लगभग 78 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले। इससे प्रदेश के समग्र विकास और टेक्नो-फ्रेण्ड्ली युवाओं को रोजगार के अधिकतम अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के यूके-जर्मनी दौरे से पहले सागर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में प्रस्ताव आया था कि तकनीकी क्षेत्र में जर्मनी और भारत संयुक्त रूप भोपाल के अचारपुरा में इकाई स्थापित करेंगे। इस कंपनी के जर्मन निवेशक को जर्मनी में भूमि आवंटन-पत्र प्रदान किया गया। कंपनी द्वारा भोपाल में 100 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा। सॉफ्टवेयर और आईटी पार्क के निर्माण पर विभिन्न इंटरैक्टिव सेशन और राउंड टेबल डिस्कशन भी संपन्न हुए हैं। वुडपैकर सॉफ्टवेयर ने रसायन और आईटी सेक्टर में 1,100 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव दिया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव को तकनीक के क्षेत्र में यूके और जर्मनी की सफल यात्रा के बाद उतनी ही सफलता जापान की यात्रा में भी मिली है। जापान-मध्यप्रदेश औद्योगिक सहयोग फोरम की स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली, जिससे प्रदेश में जापानी इंडस्ट्रियल पार्क, कौशल विकास केंद्र और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरे आत्मविश्वास से कहते हैं कि इस बार जापान, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में कंट्री पार्टनर के रूप में शामिल होगा, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। जापान की कंपनियों ने मध्यप्रदेश में मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल्स, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल (रेडिमेड गारमेन्ट्स) सेक्टर में निवेश करने की इच्छा जताई है। जापान की कंपनियों के सहयोग से हम प्रदेश को इन्वेस्टमेंट के लिए एक ‘आइडियल डेस्टिनेशन’ और ‘इंडस्ट्री फ्रेंडली स्टेट’ बनाने की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

