
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े अभियान में सुरक्षाबलों ने रविवार को भीषण मुठभेड़ के दौरान 11 महिलाओं समेत 31 नक्सलियों को मार गिराया। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में दो सुरक्षाकर्मियों की भी जा चली गई तथा दो अन्य घायल हो गए। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि 650 से अधिक सुरक्षाकर्मियों ने विभिन्न दिशाओं से इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में प्रवेश किया और 31 नक्सलियों को उनके ठिकाने पर ही ढेर कर दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि देश और प्रदेश से नक्सलवाद का खात्मा निश्चित है। इस घटना के साथ ही इस साल अब तक राज्य में अलग- अलग मुठभेड़ों में सुरक्षाबलों ने 81 नक्सलियों को मार गिराया है। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि मुठभेड़ आज सुबह करीब आठ बजे इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के जंगल में हुई, जब विभिन्न सुरक्षाबलों का एक संयुक्त दल नक्सल रोधी अभियान पर निकला था। शाम करीब चार बजे तक मुठभेड़ चली।कई बड़े नक्सलियों के मारे जाने की खबर मुठभेड़ जिस जगह पर हुई है वह बीजापुर जिला मुख्यालय से लगभग 100 किमी दूर है। यह इलाका नक्सलियों का कोर इलाका कहलाता है।
मुठभेड़ के बाद जवान सावधानीपूर्वक पैदल ही नक्सलियों की बॉडी लेकर जिला मुख्यालय बीजापुर लाया गया।मारे गए नक्सलियों की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पश्चिम बस्तर डिविजनल कमेटी के सचिव के मारे जाने की खबर है। इसके अलावा और भी कुछ बड़े नक्सली इस मुठभेड़ में मारे गए हैं।
डीआरजी और एसटीएफ के जवान शहीद में मुठभेड़ में डीआरजी और एसटीएफ के दो जवान शहीद हो गए हैं। वहीं दो जवान घायल हैं जिनका उपचार रायपुर में चल रह है। घायल जवानों ही हालत खतरे से बाहर है। शहीद जवानों में बालोद के भाटापारा निवासी डीआरजी के नरेश ध्रुव और बालोद के ही डोंडी निवासी वासित रावटे शहीद हुए हैं वे एसटीएफ में आरक्षक थे। घायल होने जवानों में डीआरजी के जग्गू कलमू और एसटीएफ के गुलाब मंडावी शामिल हैं.

